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पंचलाईट से सजी रंग उत्सव की दूसरी शाम, अभिनय को दर्शकों ने सराहा वाहवाही देकर
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पंचलाइट के माध्यम से कुरीतियों को किया ध्वंस
- रंग उत्सव के दूसरे दिन फणेश्वरनाथ रेणु की कहानी पंचलाइट के नाट्य रूपांतर का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। नाट्य दल न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप द्वारा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला तथा मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के संयुक्त सहयोग से रंग उत्सव के दूसरे दिन सोमवार को नाटक पंचलाइट का मंचन हुआ। रंगआधार संस्था जींद के कलाकारों ने शानदार अभिनय प्रस्तुत किया। गौरव दीपक जांगड़ा के निर्देशन में फणीश्वर नाथ रेणु का मंचन हुआ।
इस मौके पर डीएसपी तान्या सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंची। विशिष्ट अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष गुरदयाल सुनहेड़ी, हिपा अध्यक्ष विश्वदीपक त्रिखा तथा पुनीत मल रहे। नाटक पंचलाइट में दिखाया कि महतो टोली के दंड और जुर्माने के पैसे इकट्ठे करके पंचलाइट खरीद लेती है। जब शहर से पंचलाइट गांव आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती। गांव का एक लड़का गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता है। लेकिन मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को ये अच्छा नहीं लगता और वह मुनरी की काकी को सब बता देता है। मुनरी की मां पंचायत बुला लेती है, जिसमें फैसला होता है कि गोधन का हुक्का पानी बंद कर दिया जाए। सरपंच गोधन को बुलवाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है, लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसका ब्याह कराया जाए, तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन का मुनरी से ब्याह कराने का वादा करती है। तब गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है। नाटक में कलाकारों के अभिनय, संगीत एवं विषय वस्तु ने सभी को अपनी तरफ आकर्षित किया। गोधन का किरदार राजीव, मुनरी महक माल्यान, गुलरी पारुल, सूत्रधार साजन कालड़ा, सरपंच शिवकुमार तथा अन्य भूमिकाओं में सौरभ, दीपक जांगड़ा, कुलदीप शर्मा, यश, आकाश, शायना जग्गा, नितिन गुप्ता, अनूप कुमार, चंचल शर्मा रुबी सैनी, निकेता शमा आदि शामिल रहे। मंच संचालन डा. मोहित गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मनीष डोगरा, विकास शर्मा, चमन, गोविंदा, बृज शर्मा, अमित, अन्नपूर्णा शर्मा, अनु माल्यान, ज्योति वैद तथा एमआर धीमान सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद रहे।
- रंग उत्सव के दूसरे दिन फणेश्वरनाथ रेणु की कहानी पंचलाइट के नाट्य रूपांतर का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। नाट्य दल न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप द्वारा उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला तथा मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के संयुक्त सहयोग से रंग उत्सव के दूसरे दिन सोमवार को नाटक पंचलाइट का मंचन हुआ। रंगआधार संस्था जींद के कलाकारों ने शानदार अभिनय प्रस्तुत किया। गौरव दीपक जांगड़ा के निर्देशन में फणीश्वर नाथ रेणु का मंचन हुआ।
इस मौके पर डीएसपी तान्या सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंची। विशिष्ट अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष गुरदयाल सुनहेड़ी, हिपा अध्यक्ष विश्वदीपक त्रिखा तथा पुनीत मल रहे। नाटक पंचलाइट में दिखाया कि महतो टोली के दंड और जुर्माने के पैसे इकट्ठे करके पंचलाइट खरीद लेती है। जब शहर से पंचलाइट गांव आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती। गांव का एक लड़का गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता है। लेकिन मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को ये अच्छा नहीं लगता और वह मुनरी की काकी को सब बता देता है। मुनरी की मां पंचायत बुला लेती है, जिसमें फैसला होता है कि गोधन का हुक्का पानी बंद कर दिया जाए। सरपंच गोधन को बुलवाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है, लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसका ब्याह कराया जाए, तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन का मुनरी से ब्याह कराने का वादा करती है। तब गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है। नाटक में कलाकारों के अभिनय, संगीत एवं विषय वस्तु ने सभी को अपनी तरफ आकर्षित किया। गोधन का किरदार राजीव, मुनरी महक माल्यान, गुलरी पारुल, सूत्रधार साजन कालड़ा, सरपंच शिवकुमार तथा अन्य भूमिकाओं में सौरभ, दीपक जांगड़ा, कुलदीप शर्मा, यश, आकाश, शायना जग्गा, नितिन गुप्ता, अनूप कुमार, चंचल शर्मा रुबी सैनी, निकेता शमा आदि शामिल रहे। मंच संचालन डा. मोहित गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मनीष डोगरा, विकास शर्मा, चमन, गोविंदा, बृज शर्मा, अमित, अन्नपूर्णा शर्मा, अनु माल्यान, ज्योति वैद तथा एमआर धीमान सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद रहे।
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