फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   नोटबंदी और जीएसटी की वजह से आई गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था उभर रही है

नोटबंदी और जीएसटी की वजह से आई गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था उभर रही है

Sun, 28 Oct 2018 01:04 AM IST
Updated Sun, 28 Oct 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
नोटबंदी और जीएसटी की वजह से आई गिरावट के बाद अर्थव्यवस्था उभर रही है
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र । कुरुक्षेत्र के एक निजी रिसोर्ट में डॉ. बीआर आंबेडकर ऑल इंडिया सिंडिकेट बैंक एससी /एसटी इंप्लाईज वेलफेयर एसोसिएशन के आठवें राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन सिंडिकेट बैंक के महाप्रबंधक सुधार अय्यर ने की। इस अधिवेशन में मुख्यातिथि के तौर पर नेशनल कमीशन फॉर एससी भारत सरकार के निदेशक राज कुमार छानना ने शिरकत की। अधिवेशन का शुभारंभ मुख्यातिथि ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया । कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न राज्यों के संगठन पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। नेशनल कमीशन फॉर एससी भारत सरकार के निदेशक राज कुमार ने कहा कि बैंक समाज में जागरूकता का कार्य कर रहा है। बैंक चाहता है भारत सरकार के गरीब तथा पिछड़े तबके के लोगों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने ही गरीब तबके के लोगों के विकास के लिए बिना गारंटी के ऋण योजनाएं प्रारंभ की हैं। इसके साथ इस बात पर नजर रखी जाती हैं कि उचित पात्रों को ही बैंकों से ऋण प्राप्त हो। सिंडिकेट बैंक के महाप्रबंधक सुधाकर आर अय्यर ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी की वजह से बाजार में गिरावट आई थी। परन्तु अब अर्थव्यवस्था एक बार फिर उबर कर आ रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जीडीपी भी 7 प्रतिशत से अधिक हुई है। भारत विश्व में छठी सबसे बड़ी उभरती अर्थव्यवस्था है। उन्होने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास में सार्वजनिक बैंकों का सबसे अधिक योगदान रहा है। भारतीय बैंकों के पैसे मारने वालों के बारे में टिप्पणी करने से तो मना कर दिया परन्तु कहा कि यह भारतीय बैंकों के साथ ही नहीं अमेरिका के बैंकों को भी इस स्थिति से गुजरना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि बैंकों का पैसा मारने वाले बचेंगे नहीं। उन पर कार्र्यवाही हो रही है। सिंडिकेट बैंक का व्यवसाय 5 लाख करोड़ की -ओर अग्रसर है। महाप्रबंधक ने कहा कि बैंक कर्मचारियों और सहयोगियों के योगदान से बैंक ने इन बुलंदियों को प्राप्त किया है। सिंडिकेट बैंक आज घाटे की श्रेणी वाले बैंकों में भी शामिल नहीं है। यही कारण है कि सिंडिकेट बैंक विशाल और समृद्ध बैंक के तौर पर उभर कर आया है। इस अवसर पर सीलम गिरि, रंजन केलकर, सतीश कुमार, सुदेश संतरीवाल, चंद्रशेखर, रिपु धवन, बलजीत सिंह, केएस भारती व अन्य मौजूद रहें ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed