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Karnal News: थोक विक्रेताओं पर कसेगा शिकंजा, जीएसटी नंबर होंगे निरस्त
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करनाल। जिले में कोई एकल प्रयोग प्लास्टिक बनाने की फैक्टरी तो नहीं है लेकिन कई थोक विक्रेता जरूर हैं। थोक विक्रेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे सभी थोक विक्रेताओं का जीएसटी नंबर निरस्त किए जाने के लिए संबंधित विभाग को लिख दिया है। नगर निगम की आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने इस मामले को लेकर नगर निगम कार्यालय में बुधवार को एक बैठक बुलाई है।
नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय के बाद भी एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक नहीं लग पा रही है। नगर निगम की कई टीमें पिछले काफी समय से बाजार का निरीक्षण करती हैं, हर बार चालान और सिंगल यूज प्लास्टिक को जब्त कर जुर्माना भी लगाती हैं लेकिन दुकानदार व ग्राहक प्लास्टिक की इन थैलियों के आदी हो चुके हैं कि वह ग्राहक के हाथ खाली देखते ही, प्लास्टिक की थैली में सामान दे देते हैं। खास बात तो ये है कि यही दुकानदार यदि किसी बड़े मॉल, सिनेमाघर या फिर अन्य बड़े कार्यालय के परिसर में होते हैं तो प्लास्टिक की हानिकारक थैली से तौबा कर लेते हैं। आलम ये है कि सब्जी मंडी से किराना की दुकानों तक सिंगल यूज प्लास्टिक का बहुतायत में प्रयोग देखने को मिल रहा है।
नगर निगम ने इन दुकानों पर कार्रवाई करता है लेकिन इन प्लास्टिक की थैलियों को बनाने वालों और थोक में बिक्री करने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास है। अतिरिक्त निगमायुक्त अशोक कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करनाल के सिंगल यूज प्लास्टिक की थोक में बिक्री करने वाले बड़े दुकानदारों का जीएसटी नंबर निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिख दिया है।
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इस मामले में सभी प्लास्टिक थैलियों के थोक विक्रेताओं को बुधवार को नगरनिगम कार्यालय में बुलाया गया है। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि थोक व्यापारी को हिदायत दी जाएगी कि वह 120 माइक्रोन से कम की प्लास्टिक बेचने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाएं, क्योंकि यही वह प्लास्टिक है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे अधिक माइक्रोन की प्लास्टिक बेच सकते हैं।
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नगर निगम क्षेत्र में लंबे समय के बाद भी एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक नहीं लग पा रही है। नगर निगम की कई टीमें पिछले काफी समय से बाजार का निरीक्षण करती हैं, हर बार चालान और सिंगल यूज प्लास्टिक को जब्त कर जुर्माना भी लगाती हैं लेकिन दुकानदार व ग्राहक प्लास्टिक की इन थैलियों के आदी हो चुके हैं कि वह ग्राहक के हाथ खाली देखते ही, प्लास्टिक की थैली में सामान दे देते हैं। खास बात तो ये है कि यही दुकानदार यदि किसी बड़े मॉल, सिनेमाघर या फिर अन्य बड़े कार्यालय के परिसर में होते हैं तो प्लास्टिक की हानिकारक थैली से तौबा कर लेते हैं। आलम ये है कि सब्जी मंडी से किराना की दुकानों तक सिंगल यूज प्लास्टिक का बहुतायत में प्रयोग देखने को मिल रहा है।
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नगर निगम ने इन दुकानों पर कार्रवाई करता है लेकिन इन प्लास्टिक की थैलियों को बनाने वालों और थोक में बिक्री करने वालों पर कार्रवाई करने का अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास है। अतिरिक्त निगमायुक्त अशोक कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करनाल के सिंगल यूज प्लास्टिक की थोक में बिक्री करने वाले बड़े दुकानदारों का जीएसटी नंबर निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिख दिया है।
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इस मामले में सभी प्लास्टिक थैलियों के थोक विक्रेताओं को बुधवार को नगरनिगम कार्यालय में बुलाया गया है। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि थोक व्यापारी को हिदायत दी जाएगी कि वह 120 माइक्रोन से कम की प्लास्टिक बेचने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाएं, क्योंकि यही वह प्लास्टिक है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे अधिक माइक्रोन की प्लास्टिक बेच सकते हैं।