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कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने रोका हाईवे
अमर उजाला, करनाल
Updated Thu, 19 Dec 2013 12:03 AM IST
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गांव बाबा लदाना में एक विवाहिता के साथ मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में
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कार्रवाई न होने से खफा कुम्हार बिरादरी के लोग भड़क उठे और विरोध करते हुए
बुधवार दोपहर को हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। करीब
एक घंटे तक लगे जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में डीएसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
गांव वासी नराता राम, संजू, पवन कुमार सहित अन्य ने बताया कि 12 दिसंबर को पवन कुमार रोजाना की तरफ मेहनत मजदूरी करने के लिए गया था। घर पर उसकी पत्नी अकेली थी।
इसका फायदा उठाकर गांव के ही रामपाल व देव प्रसन्न घर में घुस आए। उन्होंने महिला के साथ छेड़छाड़ करते हुए दुराचार का प्रयास किया। जब महिला ने विरोध किया तो वे मौके से फरार हो गए।
इसके बाद जब परिजन दोनों युवकों के घर उलाहना देने के लिए गए तो उलटा उनसे ही भला बुरा करने लगे। इसके बाद अगले दिन सुबह दोनों युवकों ने 10-15 अन्य लोगों के साथ मिलकर उन पर लाठी, डंडों सहित अन्य हथियारों से हमला कर दिया। इसमें जय भगवान, श्यामलाल, राजेंद्र सहित चंद्रपति, बंती देवी घायल हो गईं।
जय भगवान को बाद में हालत गंभीर होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ घायलों को लगी चोट के अनुसार कार्रवाई करने के बजाय उनपर ही मारपीट का आरोप लगाकर उनके ही चार सदस्य हिरासत में ले लिए। पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
इस कारण बुधवार को जिला कुम्हार सभा के प्रधान नाथी राम, प्रेम कल्याण, फूल सिंह, कृष्ण हलवाई, मास्टर शेर सिंह, इंद्रजीत सहित अन्य समाज के लोगों ने बाबा लदाना गांव के ग्रामीणों के साथ एकत्रित होकर हनुमान वाटिका में मीटिंग की। इसके बाद सभी लोगों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करनाल रोड बाईपास पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उनका आरोप था कि सामान्य अस्पताल में घायलों का इलाज पूरा होने से पहले ही उन्हें दबाव में आकर छुट्टी दी जा रही है। समाज के लोगों ने कहा कि पुलिस अधिकारी दबाव में आकर पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जाम की सूचना मिलने पर डीएसपी रविंद्र तोमर ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। जाम के बाद जिला कुम्हार सभा नाथी राम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव से मिली। नाथी राम ने कहा कि एसपी ने अगले दो दिनों में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने बताया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ये रहीं मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में उनके खिलाफ लगाई गई आईपीसी की धारा 326 को हटाया जाए, छेड़छाड़ के साथ दुराचार के प्रयास का मामला आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया जाए, घायलों को लगी चोट के अनुसार केस दर्ज किया जाए, पीड़ित पक्ष के लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, संगतपुरा चौकी इंचार्ज व सदर थाना एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में डीएसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
गांव वासी नराता राम, संजू, पवन कुमार सहित अन्य ने बताया कि 12 दिसंबर को पवन कुमार रोजाना की तरफ मेहनत मजदूरी करने के लिए गया था। घर पर उसकी पत्नी अकेली थी।
इसका फायदा उठाकर गांव के ही रामपाल व देव प्रसन्न घर में घुस आए। उन्होंने महिला के साथ छेड़छाड़ करते हुए दुराचार का प्रयास किया। जब महिला ने विरोध किया तो वे मौके से फरार हो गए।
इसके बाद जब परिजन दोनों युवकों के घर उलाहना देने के लिए गए तो उलटा उनसे ही भला बुरा करने लगे। इसके बाद अगले दिन सुबह दोनों युवकों ने 10-15 अन्य लोगों के साथ मिलकर उन पर लाठी, डंडों सहित अन्य हथियारों से हमला कर दिया। इसमें जय भगवान, श्यामलाल, राजेंद्र सहित चंद्रपति, बंती देवी घायल हो गईं।
जय भगवान को बाद में हालत गंभीर होने पर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ घायलों को लगी चोट के अनुसार कार्रवाई करने के बजाय उनपर ही मारपीट का आरोप लगाकर उनके ही चार सदस्य हिरासत में ले लिए। पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
इस कारण बुधवार को जिला कुम्हार सभा के प्रधान नाथी राम, प्रेम कल्याण, फूल सिंह, कृष्ण हलवाई, मास्टर शेर सिंह, इंद्रजीत सहित अन्य समाज के लोगों ने बाबा लदाना गांव के ग्रामीणों के साथ एकत्रित होकर हनुमान वाटिका में मीटिंग की। इसके बाद सभी लोगों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर हिसार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करनाल रोड बाईपास पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उनका आरोप था कि सामान्य अस्पताल में घायलों का इलाज पूरा होने से पहले ही उन्हें दबाव में आकर छुट्टी दी जा रही है। समाज के लोगों ने कहा कि पुलिस अधिकारी दबाव में आकर पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं कर रहे हैं। जाम की सूचना मिलने पर डीएसपी रविंद्र तोमर ने लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। जाम के बाद जिला कुम्हार सभा नाथी राम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव से मिली। नाथी राम ने कहा कि एसपी ने अगले दो दिनों में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने बताया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ये रहीं मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में उनके खिलाफ लगाई गई आईपीसी की धारा 326 को हटाया जाए, छेड़छाड़ के साथ दुराचार के प्रयास का मामला आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया जाए, घायलों को लगी चोट के अनुसार केस दर्ज किया जाए, पीड़ित पक्ष के लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, संगतपुरा चौकी इंचार्ज व सदर थाना एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।