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Karnal News: कुत्ते ने घाव पर चाटा तो भी टीका लगाना जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:48 AM IST
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Vaccination is necessary even if the dog licks the wound
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। शरीर में यदि किसी घाव पर कुत्ते ने चाटा है तो भी टीका लगाना जरूरी है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 60 से 70 मरीज एंटी रेबीज का टीका लगवाने आ रहे हैं। डॉ. दीपक गोयल का कहना है कि घाव वाली जगहों पर कुत्ते के चाटने से रेबीज संक्रमण हो सकता है। वहीं कई लोग कुत्ते के नाखून से हल्की खरोंच, दांत लगना या चाटने को नजरअंदाज कर देते हैं। इन्हें अनदेखा न करते हुए मरीज को तुरंत अस्पताल में एंटी रेबीज का टीका लगवाना चाहिए।
डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि कुत्ते के काटने पर एंटी रेबीज के टीके लगवाना जरूरी है, इससे संक्रमण शरीर में नहीं फैलता है। हाल ही में एक घटना सोशल मीडिया पर देखी गई जिसमें राज्य स्तर कबड्डी खिलाड़ी ने नाले से कुत्ते को निकाला जिसमें उसे हल्की खरोंच लग गई। खिलाड़ी ने इसे सामान्य समझ नजरअंदाज किया जिसके 14 दिन बाद रेबीज होने से उसकी मृत्यु हो गई। इसलिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है कि इस तरह की सामान्य खरोंच को भी अनदेखा न करें।
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उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुत्ते के काटने पर मरीज को एंटी रेबीज की तीन डोज दी जाती है, वहीं गंभीर स्थिति पाए जाने वाले मरीजों को रेबीज सीरम का टीका लगाया जाता है। इसके अलावा यदि कुत्ता काट जाता है तो कुत्ते के काटने या चाटने वाली जगह को तुरंत 15 मिनट तक धोना चाहिए और अस्पताल में जाकर एंटी रेबीज का टीका लगवाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगे तो उसका इलाज करना असंभव होता है। रेबीज बीमारी 100 प्रतिशत जानलेवा होती है इसलिए समय पर उपचार और टीकाकरण ही इसका एकमात्र बचाव होता है।
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