फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Trade union workers roared in strike

Karnal News: हड़ताल में गरजे ट्रेड यूनियन कर्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:47 AM IST
विज्ञापन
Trade union workers roared in strike
19.... बुधवार सुबह नागरिक अस्पताल में हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


करनाल। करीब 10 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर की गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का क्षेत्र में परिवहन, बिजली, स्वास्थ्य आदि सेवाओं पर तो खास असर नहीं दिखा लेकिन जिला मुख्यालय के साथ-साथ ब्लाॅक स्तर पर कार्यकर्ताओं ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी सेवाएं सामान्य दिनों की तरह संचालित रहीं। सीटू सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क में सुबह 10 बजे एकत्र हुए। यहां पर नेताओं ने अपनी मांगों पर सरकार की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। दोपहर को एक बजे सभी अपने हाथों में सीटू का झंडा लेकर लघु सचिवालय पहुंचे और आधे घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
अगले आदेश तक करेंगे इंतजार
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर ने कहा कि ये हड़ताल सिर्फ सांकेतिक थी यदि वक्त रहते सरकार हमारी मांगें नहीं मानी तो केंद्रीय ट्रेड यूनियन के अगले आदेश का इंतजार रहेगा और बड़ा प्रदर्शन भी किया जा सकता है। और सभी ट्रेड के कर्मचारियों के साथ भाजपा सरकार 11 वर्ष से अन्याय करती आ रही है। उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है और जो अंग्रेजों के समय के कानून बने हुए हैं उनके साथ छेड़छाड़ करके कर्मचारियों को दबाने का काम कर रही है। जिस वजह से हमें राष्ट्रव्यापी हड़ताल करनी पड़ी। हड़ताल में सीटू, एटक, इतक, सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हरियाणा रिटायर्ड कर्मचारी संघ, एलआईसी की यूनियन के साथ साथ जिले की बैंकों की यूनियन के सदस्य शाामिल रहे। भाकियू, खेत मजदूर यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन सहित कई अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया। जिला नागरिक चिकित्सालय में सुबह आठ बजे के करीब यूनियन से जुड़े सदस्य एकत्र हुए लेकिन कुछ देर बैठकर चले गए। अस्पताल की सेवाएं प्रभावित नहीं हुई। बैंकों में भी कुछ कर्मचारी, अधिकारी अवकाश पर रहे, कुछ ने उपस्थिति रजिस्टर में हड़ताल अंकित की लेकिन कार्य करते रहे। रोडवेज बसें भी सामान्य रूप से चलती नजर आईं।
विज्ञापन




वादाखिलाफी सहन नहीं
घरौंडा। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने रोष प्रदर्शन किया। सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे हर्बल पार्क में इकट्ठे होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रेलवे रोड स्थित विश्वकर्मा चौक पर प्रदर्शन समाप्त किया। सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अंकित राणा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखा कर रही है। सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है। इस मौके पर राज पाल, रमेश कुमार, दिनेश कुमार, जयकुवार, संजीव कुमार, संदीप शर्मा मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन





मजदूरों को गुलाम न बनाए सरकार
नीलोखेड़ी। यहां आंगनबाड़ी, आशा, मिड मील वर्कर्स, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, बिजली विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, नगर पालिका व शिक्षा विभाग आदि विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ रोष व्यक्त किया। ब्लाॅक प्रधान तेजपाल राणा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मजदूरों को कॉर्पोरेट का गुलाम बना रही है। मजदूरों की ओर से संघर्ष के बल पर हासिल किए गए 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल कर मजदूरों के खिलाफ और कॉर्पोरेट के पक्ष में सुधार के नाम पर लागू किये जा रहे हैं। जिसे मजदूर वर्ग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। मौके पर सर्वेश राणा, सुदेश सग्गा, सलोचना, अनिता, सुनील राणा, गीता, हरपाल राणा मौजूद रहे। संवाद





जारी रहेगा विरोध
असंध। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बुधवार को कर्मचारियों ने बिजली निगम कार्यालय के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान रूपा राणा ने कहा कि कर्मचारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए , सरकारी विभागों में खाली पड़े रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती, कच्चे कर्मचारियों को पक्का व ठेका प्रथा को बंद किया जाए। मजदूर कर्मचारी विरोधी लेबर कोड रद्द किया जाए और न्यूनतम वेतन 26 हजार लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार लगातार मजदूर, कर्मचारी व किसान के खिलाफ नीतियां व कानून बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगें नहीं मान लेती तब तक सरकार के खिलाफ उनका विरोध इसी तरह जारी रहेगा । मौके पर नरेंद्र पहल , महेंद्र सिंह, सुरेश जांगड़ा,कामरेड शीशपाल, विजय शर्मा, कुलदीप राणा मौजूद रहे।




चार लेबर कोड हो खत्म



इंद्री। यहां रिटायर कर्मचारी संघ, नगरपालिका, पब्लिक हेल्थ, स्वास्थ्य विभाग,फायर ब्रिगेड, अध्यापक संघ, आईसीडीएस सुपरवाइजर वेलफेयर यूनियन, कानूनगो एवं पटवार यूनियन, आंगनबाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी आदि सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। सर्व कर्मचारी संघ के ब्लॉक प्रधान शंटी कांबोज ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों में मुख्य रूप से चार लेबर कोड्स को रद्द कर 29 श्रम कानून लागू किए जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पुरानी पेंशन बहाल की जाए मांगें पूरी की जाए। मौके पर कर्मचारी नेता मलकीत सिंह, ओमप्रकाश सिंह और, बलराज, शामलाल, अरुण,देवेंद्र सिंह, बुध राम, सुरजीत, हुसन लाल, नवयोग सिंह, अर्जुन सिंह, मदन कालरा, रेखा मौजूद रहे। संवाद


खुले रहे कार्यालय
निसिंग। शहर के श्री सनातन धर्म शिव मंदिर में हरियाणा कर्मचारी महासंघ, सीटू,नगर पालिका सफाई कर्मचारी व रिटायर कर्मचारी सहित अन्य कर्मचारी इकट्ठे होकर मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि सभी बैंक, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय खुले रहे और आम दिनों की तरह कामकाज हुआ। सर्व कर्मचारी संघ के खंड प्रधान अशोक भाटिया ने बताया कि ठेका प्रथा बंद करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, कर्मचारियों की पेंशन बहाली करना, विभागों में पड़े खाली पदों को जल्द नई नियुक्ति करना, प्रदेश का आठवां वेतन आयोग का गठन कर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए दिया जाए सहित अन्य मांगें सरकार जल्द पूरी करे। मौके पर नगरपालिका सफाई कर्मचारी इंद्र सिंह, हवा सिंह, कमल, प्रमोद, मोहन लाल, सीमा, गीता, सोमदत्त शर्मा मौजूद रही। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed