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गन्ने के भाव को लेकर किसानों ने दिया धरना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 02:09 AM IST
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sugarcane rate protest
गन्ने का रेट नहीं बढ़ाने के विरोध में भारतीय किसान संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है। संघ ने सीएम कैंप आफिस के पास गन्ने की होली जलाकर विरोध जाहिर किया है, साथ ही सरकार को चेताया है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो सभी 13 मिलों को ताला जड़ेंगे। संघ का कहना है कि सरकार केवल किसानों को बहकाने का काम कर रही है और किसानों की आय दो गुणा करने की बजाए उनको कर्ज में डुबो रही है।
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इससे पहले, सभी किसान सेक्टर-12 स्थित फव्वारा पार्क के पास एकत्रित हुए। इसका नेतृत्व भारतीय किसान संघ के उपाध्यक्ष एवं गन्ना संघर्ष समिति के प्रांतीय संयोजक रतन सिंह देवदर ने की। प्रदेशभर से किसान सुबह फव्वारा पार्क में एकत्रित होना शुरू हो गए थे और दोपहर सवा एक बजे सभी किसानों ने गन्ने को हाथों में लेकर सीएम कैंप आफिस की ओर कूच किया और वहां पर गन्ने ही होली जलाकर अपना रोष प्रदर्शन जाहिर किया। प्रदेशस्तरीय प्रदर्शन में यमुनानगर शुगर मील, कैथल कॉपरेटिव शुगर मील, नारायणगढ़ शुगर मील, करनाल कॉपरेटिव शुगर मील, फफड़ाना शुगर मील, भादसो शुगर मील, सोनीपत शुगर मील, गोहाना शुगर मील, रोहत शुगर मील के किसानों से भारी संख्या में भाग लिया। देवदर ने कहा कि हरियाणा में मनोहर लाल की सरकार का छठा वर्ष शुरू हो गया है, लेकिन उन्होेंने आज तक किसानों के गन्ने का भाव केवल 30 रुपये ही बढ़ाया है। 2014-15 में गन्ने ही छिलाई 28 रुपये और गन्ने का भाव 310 रुपये प्रति क्विंटल था, लेकिन आज छिलाई 55 रुपये हो गया है मार्च महीने में यह भाव 80 रुपये प्रति क्ंिटल तक चला जाता है। फसल के खर्च को देखते हुए किसान गन्ने का रेट 370 रुपये करने की मांग रखता है, जोकि बिल्कुल जायज है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर उनकी मांगों को नहीं माना तो प्रदेश के सभी 13 मिलों में ताला जड़ा जाएगा।
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सरकार होश में आओ गन्ने का रेट बढ़ाओ
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार होश में आओ गन्ने का रेट बढ़ाओ का नारा लगाया। किसानों ने बताया कि एकमात्र खेती ही है जो देश की 96 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या को रोजगार दे रही है क्योंकि देश में रोजगार के अवसर कम है। उनका कहना है कि सरकार व्यापारी वर्ग को टैक्स में छूट, व्यापारियों के कर्ज माफ, कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाना सभी के लिये ठोस कदम उठाती है लेकिन जो पूरे देश का भरणपोषण करते हैं उनके लिये कुछ नहीं करती।
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मिलों को बंद करने के लिये जनवरी में होगी बैठक
हरियाणा प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र दहिया ने बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले रादौर मेें गन्ने के भाव को लेकर बैठक की थी और कृषि मंत्री से भी बातचीत की थी, लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मिलों के क्षेत्रों में आने वाले सभी विधायकों से भी वह बातचीत कर चुके हैं, लेकिन आजतक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। सरकार ने यदि उनकी मांगों को नहीं माना तो वह प्रदेश के सभी 13 मिलों को बंद करेंगे। जनवरी माह के पहले सप्ताह में बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। वहीं, किसान नेता रणदीप आर्य ने भी सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और चेताया कि अब किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन करेंगे।
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