{"_id":"683a143f70f5958a35083b47","slug":"sp-learned-about-the-problems-of-police-personnel-karnal-news-c-18-knl1008-658410-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एसपी ने जानी पुलिस कर्मियों की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एसपी ने जानी पुलिस कर्मियों की परेशानी
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मधुबन में शुक्रवार को मुख्यालय और जिला इकाइयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए डी स्तरीय कल्याण गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें ग्रुप सी और डी के कुल 50 कर्मचारियों ने भाग लिया। कल्याण शाखा इंचार्ज एवं पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने पुलिस कर्मियों की परेशानियों के बारे में जानकारी।
पुलिस अधीक्षक ने इन पर विस्तार से गहन चर्चा की और कुछ को अपने स्तर पर सुलझाया। उन्होंने पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों का ब्योरा लिया और जो कर्मचारी गोष्ठी में हिस्सा नहीं ले सके उन तक भी इन कार्यों को ई स्तर की कल्याण गोष्ठी में बताने के बारे में कहा।
उन्होंने मुलाजिमों की तैनाती, उनकी कार्य क्षमता, उनके कार्य करने के तरीके इत्यादि के बारे जानकारी ली और दैनिक परेशानियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि डी स्तरीय कल्याण गोष्ठी का आयोजन दो माह के अंतराल में होता है। इसका मुख्य उद्देश्य सी और डी स्तर के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों और समस्याओं पर चर्चा की जाती है। सुझावों को उच्च स्तरीय कल्याण गोष्ठियों में भेजे जाते हैं और सरकार तक पहुंचाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मधुबन में शुक्रवार को मुख्यालय और जिला इकाइयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए डी स्तरीय कल्याण गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें ग्रुप सी और डी के कुल 50 कर्मचारियों ने भाग लिया। कल्याण शाखा इंचार्ज एवं पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने पुलिस कर्मियों की परेशानियों के बारे में जानकारी।
पुलिस अधीक्षक ने इन पर विस्तार से गहन चर्चा की और कुछ को अपने स्तर पर सुलझाया। उन्होंने पुलिस विभाग की ओर से कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों का ब्योरा लिया और जो कर्मचारी गोष्ठी में हिस्सा नहीं ले सके उन तक भी इन कार्यों को ई स्तर की कल्याण गोष्ठी में बताने के बारे में कहा।
विज्ञापन
उन्होंने मुलाजिमों की तैनाती, उनकी कार्य क्षमता, उनके कार्य करने के तरीके इत्यादि के बारे जानकारी ली और दैनिक परेशानियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि डी स्तरीय कल्याण गोष्ठी का आयोजन दो माह के अंतराल में होता है। इसका मुख्य उद्देश्य सी और डी स्तर के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों और समस्याओं पर चर्चा की जाती है। सुझावों को उच्च स्तरीय कल्याण गोष्ठियों में भेजे जाते हैं और सरकार तक पहुंचाया जाता है।
विज्ञापन