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स्कूल बस पलटी, बाल-बाल बचे 47 बच्चे

Sat, 16 Apr 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Sat, 16 Apr 2016 12:48 AM IST
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School bus upturned, survived 47 children, road accident, karnal
हादसा - फोटो : अमर उजाला
करनाल जिले के काछवा गांव बजीदा रोड़ान के पास बच्चों से भरी एक स्कूल की बस पलट गई। बस में चार गांवों के करीब 47 बच्चे सवार थे। बस पलटने पर बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बस के शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। इस हादसे में करीब 20 बच्चे चोटिल हो गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
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गनीमत रही की जब बस का संतुलन बिगड़ा तो उस वक्त बस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। इसी वजह से बस में सवार 47 नन्ही जानें बच गई। बस के पलटने का कारण चालक से बस का संतुलन बिगड़ना बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही अभिभावक व पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। लेकिन चोटें ज्यादा गंभीर न होने पर बच्चों को अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया।
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शुक्रवार को वीपी इंटरनेशनल स्कूल की बस गांव गोंदर के अजीत नगर, बुढ़नपुर, बालू व बाजीदा रोड़ान से 47 बच्चे लेने के बाद जरीफाबाद गांव की तरफ जा रही थी। बस अभी बजीदा से निकली ही थी कि  संतुलन बिगड़ने की वजह से बस खेतों में पलट गई। बस पलटते ही बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण वहां पहुंच गए। बस की दोनों खिड़कियां नीचे दबी होने के कारण ग्रामीणों द्वारा बस के आगे शीशे तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला गया। हादसे में करीब 20 बच्चों को हल्की चोटें आई तथा कई बच्चे दहशत की वजह से बेहोश हो गए। इसकी सूचना मिलते ही अभिभावक भी घटनास्थल पर पहुंच गए। अभिभावकों के चेहरे पर भी खौफ दिखाई दिया। उन्होंने बच्चों को सलामत देखने के बाद यह खबर फोन पर अपने पारिवारिक सदस्यों को दी। वहीं ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर निर्धारित सीटों से अधिक बच्चे ले जाने व स्कूली नियमों के तहत बस में जरूरी सुविधाएं न होने के भी आरोप लगाए।
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बच्चों को देखकर अभिभावकों ने ली राहत की सांस
ग्रामीण राजेश कुमार, कर्मवीर, कर्म सिंह, जय नारायण, जसवंत, अमन कुमार, सुंदर सिंह, सुशील कुमार, अनिल कुमार का कहना था कि ये तो बस की रफ्तार कम थी, इसलिए बच्चों को ज्यादा चोटें नहीं आई। उनका कहना है कि 2004 माडल की बस कंडम हालत में है। 32 सीटों वाली इस बस में 55 से 60 बच्चे प्रतिदिन जाते हैं। बस का बैलेंस ठीक न होने से यह टेढ़ी चलती है। वे कई बार बस को बदलने की मांग कर चुके हैं। लेकिन इस मांग को लगातार अनदेखा किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि ड्राइवर जैमल सिंह ने उनको कहा कि वह कई बार स्कूल मैनेजमेंट को बस की खस्ता हालत होने की बात कह चुका हूं, लेकिन स्कूल इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

दो बार पहले भी हो चुके बस के ब्रेक फेल
दसवीं के छात्र रमन ने बताया कि पहले भी दो बार इस बस के ब्र्रेक फेल हो चुके हैं। लेकिन स्कूल ने नई बस की व्यवस्था नहीं की है। इस हादसे में आठवीं के सक्षम की आंख पर चोट लगी। दूसरी का अक्षत व कृश, आठवीं का आशीष, चौथी कक्षा का रविंद्र, छठी कक्षा की हिमांशी, दसवीं की साक्षी को बच्चों के एक-दूसरे के ऊपर गिरने से चोटें आई हैं।

पांच गांव के करीब 60 बच्चे इस बस से जाते हैं स्कूल
गोंदर के अजीत नगर से 12 बच्चे, बुढनपुर के 22 बच्चे, बालू गांव के छह बच्चे, बाजीदा रोड़ान के 12 बच्चे, जरीफाबाद के दो बच्चे तथा कुछ डेरों के बच्चों सहित करीब 60 बच्चे इस बस से स्कूल जाते हैं। शुक्रवार को बस में चार गांवों के 47 बच्चे सवार थे।


वर्जन
बस का बैलेंस बिगड़ने से हादसा हुआ है। किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं लगी है, बचाव हो गया है। बस पलटने के कारणों का भी पता लगाया जाएगा। स्कूल बस की हालत अच्छी है। इसमें किसी तरह की परेशानी नहीं है।
- वीरेंद्र कुमार, वाइस प्रिंसिपल वीपी इंटरनेशनल स्कूल
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