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राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई

Wed, 08 Jan 2014 04:00 PM IST
करनाल
करनाल Updated Wed, 08 Jan 2014 04:00 PM IST
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Police on acting due to political pressure
यमुनानगर में तैनात करनाल के गांव कोहंड निवासी नायब तहसीलदार आनंद रावल के लापता होने के मामला न सिर्फ तूल पकड़ गया है, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है।
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मंगलवार को रावल के परिजनों ने एक स्थानीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पर इस मामले में राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए करनाल के कमेटी चौक पर उनका पुतला जलाया और शहर में प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर भी कांग्रेसी नेता के दबाव के चलते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
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दूसरी तरफ मामले में ढाबे के मालिक सहित कई लोग देर शाम एसपी शशांक आनंद से मिलने पहुंचे। नायब तहसीलदार के पक्ष के शिवकुमार कोहंड का कहना है कि तीन जनवरी शाम से लापता नायब तहसीलदार आनंद रावल का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है।
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इस मामले में रावल के परिवार व गांव के लोग मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित तमाम अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को कार्रवाई नहीं होने के विरोध में गांव कोहंड के लोगों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया।

खेतों के पास मिली थी तहसीलदार की गाड़ी
लोगाें ने कहा कि चार जनवरी को सुबह छछरौली से चार किलोमीटर पहले ईख के खेत के पास नायब तहसीलदार की निजी गाड़ी मिली थी। सूचना मिलने पर वह लोग भी मौके पर पहुंचे थे। उनके पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में लोग व पुलिस के दो डीएसपी वहां पहुंच चुके थे। पुलिस ने लावारिस हालत में खड़ी निजी गाड़ी कब्जे में ली थी। नायब तहसीलदार का आज तक भी कोई सुराग नहीं है।

पुलिस प्रशासन स्थानीय कांग्रेसी नेता के दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कांग्रेसी नेता के षड्यंत्र के चलते ही नायब तहसीलदार रावल लापता हैं। रावल के परिजनों ने यह आशंका जताई है। उनका कहना है कि 25 दिसंबर को कोहंड के पास स्थित दो ढाबा संचालकों का आपस में झगड़ा हो गया था।

एक ढाबा संचालक ने राजनीतिक संरक्षण के तहत मौके पर नायब तहसीलदार रावल पर इस झगड़े में शामिल होने का आरोप लगाया था और इसी साजिश के चलते रावल पर मामला दर्ज किया गया था। मौके पर पीसीआर-चार पहुंची थी। मामला भी अगले दिन दर्ज किया गया था।

इस मामले को लेकर वे लोग एसपी से मिले थे। गांव के लोगों के मुताबिक एसपी ने उन्हें कांग्रेस नेता से मिलने को कहा था। कांग्रेस नेता के कहने पर ही ढाबे पर पंचायत बुलाई गई थी। नेता ने माना था कि रावल इसमें शामिल नहीं था और वे रावल को इस मामले से बाहर करा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और रावल लापता हो गया।

‘लौटते ही गिरफ्तार हों नायब तहसीलदार’
इस मामले में धर्म ढाबे के मालिक धर्मपाल, रघुबीर शर्मा मांडी, मूला राम शर्मा चमराड़ा, प्रेम शर्मा, पवन शर्मा, सुरेंद्र शर्मा सरपंच गांव बांध, वीरेंद्र घणघस गांव बांध, देवी चंद शर्मा, जयपाल घणघस, शमशेर घणघस, धज्जा राम देर शाम से एसपी शशांक आनंद से मिलने पहुंचे।

ढाबा मालिक धर्मवीर शर्मा का कहना है कि नायब तहसीलदार आनंद रावल ने जीटी रोड पर उनके ढाबे के सामने अवैध रूप से अपना ढाबा खोल रखा है, जो दो-तीन बार टूट भी चुका है। इस ढाबे में तारकोल और गैस का अवैध धंधा किया जाता है। रावल ने उनके ढाबे की साइड लोहे की चादर और पेड लगवा दिए हैं। उनके ढाबे के सामने सर्विस रोड पर ट्रक खड़े करवा दिए जाते हैं।

25 दिसंबर को जब उनके भाई धर्मपाल व ढाबे के नौकरों ने इसका विरोध किया तो नायब तहसीलदार ने अपने गुर्गों से उन्हें पिटवा दिया। उन्होंने इसकी शिकायत एसपी, सीएम और मुख्य सचिव को भी की। 26 दिसंबर को थाना घरौंडा में नायब तहसीलदार के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज कराई गई। इसके बाद उसने खुद कांग्रेसी नेता को बुलाकर ढाबे पर पंचायत भी बुलाई।

धर्मवीर का कहना है कि नायब तहसीलदार के लापता होने में उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने एसपी से मांग की कि जब भी रावल लौट कर आते हैं उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।


तहसीलदार की सूचना देने वाले को एक लाख इनाम
जगाधरी। छछरौली के नायब तहसीलदार आनंद रावल की सूचना देने वाले को पुलिस एक लाख रुपये का इनाम देगी। यह घोषणा डीएसपी जगाधरी अजय राणा ने की।

उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापामारी कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने नायब तहसीलदार के बारे में जानकारी देने वाले को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है। सदर थाना प्रभारी निर्मल का कहना है कि पुलिस की तीन टीमें लगातार मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सभी टीमें डीएसपी जगाधरी के नेतृत्व में काम कर रही हैं।


पुलिस को जहां पर भी नायब तहसीलदार के संबंध में कोई सूचना मिलती है, तुरंत दबिश दी जाती है, लेकिन अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लग पाई है। पुलिस उत्तरप्रदेश के अलावा आसपास के अन्य राज्यों और जिलों की पुलिस को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है।
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