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Karnal News: धान कटाई शुरू, सेटेलाइट से रखी जाएगी खेतों पर नजर
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120.... खेत में पड़ी पराली। सूचना विभाग
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खरीफ सीजन में फसलें पककर तैयार हैं। कटाई शुरू हो चुकी है। फसल अवशेषों को आग लगाने से रोकने के लिए हरसेक हरियाणा ने सेटेलाइट से खेतों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील करने के साथ चेतावनी भी दी है कि अवशेषों में आग लगाई तो सेटेलाइट से उसकी लोकेशन का पता कर लिया जाएगा। इसके लिए एन्फोर्समेंट टीम का गठन किया जा चुका है।
मौके पर पहुंचकर टीम किसान पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज कराएगी। किसान के रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी दर्ज होगी, जिससे वह आने वाले दो साल तक मंडी में अपनी फसल तक नहीं बेच पाएगा।
खरीफ के सीजन में इस बार जिले के किसानों ने लगभग 1.70 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की है। इसमें धान की किस्म 1509 पककर तैयार हो चुकी है जिसकी कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से शुरु कर दी गई है।
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दो साल में कम हुई आगजनी की घटनाएं
पिछले दो वर्षाें से आगजनी की घटनाओं में लगभग 60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हरसेक से प्राप्त होने वाली अवशेषों को आग लगाने की लोकेशन जो कि वर्ष 2022 में 301 दर्ज की गई थी, वर्ष 2023 में घटकर 126 दर्ज की गई। वर्ष 2024 में केवल 95 दर्ज की गई हैं। वर्ष 2023 में रेड जोन गांवों की संख्या 10 और यलो जोन गांवों की संख्या 53 थी। वर्ष 2024 में रेड जोन गांवों की संख्या केवल एक रह गई। यलो जोन की संख्या 17 बची।
वर्ष 2025 में इन घटनाओं को शून्य करने के लिए विभाग की ओर से सभी गांवों में किसानों के लिए जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव में मुनादी व धार्मिक स्थानों पर लाउडस्पीकर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। स्कूल, काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चों के सहयोग से रैलियां और प्रभातफेरी निकाली जा रही हैं।
ये टीम करेगी कार्रवाई-
आगजनी की घटनाओं पर जिला स्तरीय एन्फोर्समेंट टीम में अतिरिक्त उपायुक्त सहित जिले के 7 उच्च अधिकारी शामिल हैं। जिले में लगभग 750 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो आगजनी की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ नियमानुसार कार्यवाही भी अमल में लाएंगे। नियमों की अवहेलना करने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी, निर्धारित जुर्माना वसूल किया जाएगा। किसान के रिकाॅर्ड पर रेड एंट्री की जाएगी जिससे वह आगामी दो सीजन अपनी फसल मंडी में नहीं बेच पाएगा।
वर्ष 2024-25 में पराली जलाने के दोषी 82 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी और जुर्माना भी वसूला गया था। हरियाणा सरकार की ओर से आगजनी करने वाले किसानों पर आर्थिक दंड लगाने का भी प्रावधान किया गया था। इसमें दो एकड़ तक 2500 रुपये, पांच एकड़ तक 5000 रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा 15000 रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
कुछ किसान धान फसल कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों में आग लगा देते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। भूमि की उर्वरता में कमी आती है और जान माल की हानि का डर भी बना रहता है। फसल अवशेषों में आग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जाएगी। -वजीर सिंह, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभा
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करनाल। खरीफ सीजन में फसलें पककर तैयार हैं। कटाई शुरू हो चुकी है। फसल अवशेषों को आग लगाने से रोकने के लिए हरसेक हरियाणा ने सेटेलाइट से खेतों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील करने के साथ चेतावनी भी दी है कि अवशेषों में आग लगाई तो सेटेलाइट से उसकी लोकेशन का पता कर लिया जाएगा। इसके लिए एन्फोर्समेंट टीम का गठन किया जा चुका है।
मौके पर पहुंचकर टीम किसान पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज कराएगी। किसान के रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी दर्ज होगी, जिससे वह आने वाले दो साल तक मंडी में अपनी फसल तक नहीं बेच पाएगा।
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खरीफ के सीजन में इस बार जिले के किसानों ने लगभग 1.70 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई की है। इसमें धान की किस्म 1509 पककर तैयार हो चुकी है जिसकी कटाई कंबाइन हार्वेस्टर से शुरु कर दी गई है।
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दो साल में कम हुई आगजनी की घटनाएं
पिछले दो वर्षाें से आगजनी की घटनाओं में लगभग 60 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हरसेक से प्राप्त होने वाली अवशेषों को आग लगाने की लोकेशन जो कि वर्ष 2022 में 301 दर्ज की गई थी, वर्ष 2023 में घटकर 126 दर्ज की गई। वर्ष 2024 में केवल 95 दर्ज की गई हैं। वर्ष 2023 में रेड जोन गांवों की संख्या 10 और यलो जोन गांवों की संख्या 53 थी। वर्ष 2024 में रेड जोन गांवों की संख्या केवल एक रह गई। यलो जोन की संख्या 17 बची।
वर्ष 2025 में इन घटनाओं को शून्य करने के लिए विभाग की ओर से सभी गांवों में किसानों के लिए जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव में मुनादी व धार्मिक स्थानों पर लाउडस्पीकर से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। स्कूल, काॅलेज में पढ़ने वाले बच्चों के सहयोग से रैलियां और प्रभातफेरी निकाली जा रही हैं।
ये टीम करेगी कार्रवाई-
आगजनी की घटनाओं पर जिला स्तरीय एन्फोर्समेंट टीम में अतिरिक्त उपायुक्त सहित जिले के 7 उच्च अधिकारी शामिल हैं। जिले में लगभग 750 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो आगजनी की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ नियमानुसार कार्यवाही भी अमल में लाएंगे। नियमों की अवहेलना करने वाले किसानों पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी, निर्धारित जुर्माना वसूल किया जाएगा। किसान के रिकाॅर्ड पर रेड एंट्री की जाएगी जिससे वह आगामी दो सीजन अपनी फसल मंडी में नहीं बेच पाएगा।
वर्ष 2024-25 में पराली जलाने के दोषी 82 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी और जुर्माना भी वसूला गया था। हरियाणा सरकार की ओर से आगजनी करने वाले किसानों पर आर्थिक दंड लगाने का भी प्रावधान किया गया था। इसमें दो एकड़ तक 2500 रुपये, पांच एकड़ तक 5000 रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा 15000 रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है।
कुछ किसान धान फसल कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों में आग लगा देते हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। भूमि की उर्वरता में कमी आती है और जान माल की हानि का डर भी बना रहता है। फसल अवशेषों में आग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जाएगी। -वजीर सिंह, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभा