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Karnal News: एक सप्ताह बीता, हाजिरी तो दूर बॉयोमेट्रिक मशीनें तक नहीं लगीं
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए 8 सितंबर को उपायुक्त उत्तम सिंह ने सरकारी विभागों में कर्मचारियों की बॉयोमेट्रिक से हाजिरी लगवाने के निर्देश दिए थे। हाजिरी लगना तो दूर एक सप्ताह में मशीनें भी विभागों में नहीं लगी हैं। सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने उपायुक्त के निर्देशों की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी, इस दौरान यह स्थिति सामने आई।
लघु सचिवालय के सभागार में एडीसी सोनू भट्ट ने एक बार फिर कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति बॉयोमेट्रिक मशीन से दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालय प्रमुख अपने कर्मचारियों की बॉयोमेट्रिक हाजिरी की रिपोर्ट उनके कार्यालय में भेजें। एडीसी ने बैठक में कहा कि कुछ कार्यालयों का दावा है कि मशीन से हाजिरी लगनी सुनिश्चित हो गई है लेकिन उन्होंने एडीसी कार्यालय में अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी है। ऐसे में विभाग प्रमुख जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें। वहीं कुछ कार्यालय में बॉयोमेट्रिक मशीन नहीं लगा है, वहां मशीन जल्द से जल्द लगवाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी समय से दफ्तर में आएं। जो कर्मचारी देरी से दफ्तर न आएं, उसकी छुट्टी लगाई जाए। जिले के सभी खंड व उपमंडल स्तर के सभी कार्यालयों में भी ये मशीनें लगाई जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर भी बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाई जाएंगी जिससे सभी पटवारी और ग्राम सचिव एक निर्धारित स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकें।
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इसलिए जरूरी है बॉयोमेट्रिक से हाजिरी
बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस नियमावली का उद्देश्य बॉयोमेट्रिक डेटा (जैसे फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान) का उपयोग करके कर्मचारियों की उपस्थिति को सटीक और सुरक्षित तरीके से दर्ज करना है। ताकि समय की धोखाधड़ी कम हो, कर्मचारियों की उपस्थिति में सुधार हो और जवाबदेही बढ़े। नियम आमतौर पर उपस्थिति दर्ज करने के समय और तरीके को परिभाषित करते हैं, जैसे कि दिन में एक बार इन-टाइम और एक बार आउट-टाइम दर्ज करना, और नियमों का पालन न करने पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है
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करनाल। पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए 8 सितंबर को उपायुक्त उत्तम सिंह ने सरकारी विभागों में कर्मचारियों की बॉयोमेट्रिक से हाजिरी लगवाने के निर्देश दिए थे। हाजिरी लगना तो दूर एक सप्ताह में मशीनें भी विभागों में नहीं लगी हैं। सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त सोनू भट्ट ने उपायुक्त के निर्देशों की समीक्षा करने के लिए बैठक बुलाई थी, इस दौरान यह स्थिति सामने आई।
लघु सचिवालय के सभागार में एडीसी सोनू भट्ट ने एक बार फिर कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति बॉयोमेट्रिक मशीन से दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालय प्रमुख अपने कर्मचारियों की बॉयोमेट्रिक हाजिरी की रिपोर्ट उनके कार्यालय में भेजें। एडीसी ने बैठक में कहा कि कुछ कार्यालयों का दावा है कि मशीन से हाजिरी लगनी सुनिश्चित हो गई है लेकिन उन्होंने एडीसी कार्यालय में अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी है। ऐसे में विभाग प्रमुख जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें। वहीं कुछ कार्यालय में बॉयोमेट्रिक मशीन नहीं लगा है, वहां मशीन जल्द से जल्द लगवाना सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारी समय से दफ्तर में आएं। जो कर्मचारी देरी से दफ्तर न आएं, उसकी छुट्टी लगाई जाए। जिले के सभी खंड व उपमंडल स्तर के सभी कार्यालयों में भी ये मशीनें लगाई जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर भी बॉयोमेट्रिक मशीन लगवाई जाएंगी जिससे सभी पटवारी और ग्राम सचिव एक निर्धारित स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकें।
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इसलिए जरूरी है बॉयोमेट्रिक से हाजिरी
बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस नियमावली का उद्देश्य बॉयोमेट्रिक डेटा (जैसे फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान) का उपयोग करके कर्मचारियों की उपस्थिति को सटीक और सुरक्षित तरीके से दर्ज करना है। ताकि समय की धोखाधड़ी कम हो, कर्मचारियों की उपस्थिति में सुधार हो और जवाबदेही बढ़े। नियम आमतौर पर उपस्थिति दर्ज करने के समय और तरीके को परिभाषित करते हैं, जैसे कि दिन में एक बार इन-टाइम और एक बार आउट-टाइम दर्ज करना, और नियमों का पालन न करने पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकती है