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नागिरक संसोधन विधेयक को लेकर करनाल में दिया शांतिपूर्व धरना
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नागरिकता संशोधन कानून (एनआरसी) के विरोध और समर्थन को लेकर करनाल में भी लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं। शुक्रवार को दिनभर करनाल में इसे लेकर गहमागहमी का माहौल रहा। सुबह कई संगठनों के सदस्यों ने कमेटी चौक पर विरोध में प्रदर्शन किया और साथ ही धरना दिया। कई घंटे तक चले घटनाक्रम को लेकर चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार राज बख्श भी मौके पर मौजूद रहे और आला अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते रहे। कांग्रेस नेता पंकज पुनिया, एडवोकेट सोनिया तंवर समेत भीम सेना के सदस्यों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, इस दौरान भाजपा समर्थित काफी संख्या में युवा भी मौके पर पहुंच गए और दोनों ही पक्ष नारेबाजी करने लगे। ऐसे में डीएसपी राजीव कुमार व तहसीलदार ने स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों के लोगों को समझाया। उधर, हालात को देखते हुए जिलाधीश विनय प्रताप सिंह ने जिलेभर में धारा 144 लागू कर दी है।
देश में जिस तरह से इस कानून को लेकर हिंसक और आगजनी की घटनाएं हो रही हैं, उसकी आंच शुक्रवार को करनाल भी पहुंची। शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही कमेटी चौक पर लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। दोपहर 2:30 बजे तक लोगों ने एक दिन का शांतिपूर्वक सांकेतिक धरना दिया। एडवोकेट सोनिया तंवर, पंकज पुनिया, रोहित जोश, अशोक कलशन, रिंकू घरौंडा, धीरज कुरैशी ने बताया कि भारत सरकार ने संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। सभी को नागरिकता लेने का अधिकार दिया गया, लेकिन मुस्लिम समुदाय को नहीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रविवार को सभी लोगों के साथ एक बैठक की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
घुसपैठिया तो घुसपैठिया होता है : सोनिया
एडवोकेट सोनिया ने कहा कि सरकार ने जो बिल पास किया है वह सही नहीं है, क्योंकि घुसपैठिया तो घुसपैठिया होता है। चाहे वह किसी भी सुमदाय का हो। सरकार के बिल अनुसार 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से सिख, ईसाई, फारसी, जैनी, बौद्घ और अन्य जातियों के जो लोग आए हैं उन्हें नागरिकता देंगे लेकिन मुस्लिम को नहीं।
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प्रदर्शनकारियों का युवाओं ने किया विरोध
कमेटी चौक पर चल रहे सिटीजंस अमेंडमेंट एक्ट व नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस का विरोध करने वालों के खिलाफ 12:38 पर शहर के कुछ युवा पहुंच गए। उनके हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था कि हम सीएबी और एनआरसी का पूर्ण समर्थन करते हैं। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। मौके पर खड़े डीएसपी राजीव और अन्य अधिकारियों ने बीच बचाव किया। इस दौरान कानून के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई।
प्रशासिनक अमला रहा मुस्तैद
प्रदर्शन की गंभीरता के देखते हुए कमेटी चौक पर प्रशासन अमला मुस्तैद रहा। डीएसपी राजीव, तहसीलदार राजबख्श, सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह पुलिस अमले के साथ हर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। जब तक प्रदर्शनकारी अपने अपने घर नहीं गए प्रशासन वहीं पर डटा रहा।
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में उतरे मेडिकल कालेज के छात्र
करनाल। नागरिक संशोधन बिल के समर्थन में भी अब करनाल में आवाज उठने लगी हैं। कल्पना चावला मेडिकल कालेज के विद्यार्थियों ने समर्थन मेें आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति चमकाने के लिए देश के लोगों को भड़का रहे हैं। आज देश में कुछ लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग नागरिक कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें यह नहीं मालूम है कि आखिरकार इसका मतलब क्या है? उन्होंने कहा कि संविधान के जिन अनुच्छेदों के आधार पर इसे गैैर कानूनी बताया जा रहा है। वे केवल भरतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैैं। इसमें भारतीय नागरिकों से भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हम दूसरे देश को नागरिकता दें या नहीं यह हमारी सरकार की मर्जी है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के बाद भारत में घुसपैठ नहीं की जा सकेगी, जो आतंकी यहां घुस कर रहते हैं, उनकी शिनाख्त हो सकेगी। इस अवसर पर मेडिकल कालेज के छात्रों ने प्रदर्शन में भाग लिया। इस अवसर पर गौरव आर्य, अंकुर, राहुल शर्मा, दीपक वेनीवाल, शालिनी सहित बड़ी तादात में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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देश में जिस तरह से इस कानून को लेकर हिंसक और आगजनी की घटनाएं हो रही हैं, उसकी आंच शुक्रवार को करनाल भी पहुंची। शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही कमेटी चौक पर लोग एकत्रित होना शुरू हो गए। दोपहर 2:30 बजे तक लोगों ने एक दिन का शांतिपूर्वक सांकेतिक धरना दिया। एडवोकेट सोनिया तंवर, पंकज पुनिया, रोहित जोश, अशोक कलशन, रिंकू घरौंडा, धीरज कुरैशी ने बताया कि भारत सरकार ने संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। सभी को नागरिकता लेने का अधिकार दिया गया, लेकिन मुस्लिम समुदाय को नहीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में रविवार को सभी लोगों के साथ एक बैठक की जाएगी और आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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घुसपैठिया तो घुसपैठिया होता है : सोनिया
एडवोकेट सोनिया ने कहा कि सरकार ने जो बिल पास किया है वह सही नहीं है, क्योंकि घुसपैठिया तो घुसपैठिया होता है। चाहे वह किसी भी सुमदाय का हो। सरकार के बिल अनुसार 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से सिख, ईसाई, फारसी, जैनी, बौद्घ और अन्य जातियों के जो लोग आए हैं उन्हें नागरिकता देंगे लेकिन मुस्लिम को नहीं।
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प्रदर्शनकारियों का युवाओं ने किया विरोध
कमेटी चौक पर चल रहे सिटीजंस अमेंडमेंट एक्ट व नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस का विरोध करने वालों के खिलाफ 12:38 पर शहर के कुछ युवा पहुंच गए। उनके हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था कि हम सीएबी और एनआरसी का पूर्ण समर्थन करते हैं। इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। मौके पर खड़े डीएसपी राजीव और अन्य अधिकारियों ने बीच बचाव किया। इस दौरान कानून के समर्थन में जमकर नारेबाजी की गई।
प्रशासिनक अमला रहा मुस्तैद
प्रदर्शन की गंभीरता के देखते हुए कमेटी चौक पर प्रशासन अमला मुस्तैद रहा। डीएसपी राजीव, तहसीलदार राजबख्श, सिटी थाना प्रभारी हरजिंद्र सिंह पुलिस अमले के साथ हर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। जब तक प्रदर्शनकारी अपने अपने घर नहीं गए प्रशासन वहीं पर डटा रहा।
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में उतरे मेडिकल कालेज के छात्र
करनाल। नागरिक संशोधन बिल के समर्थन में भी अब करनाल में आवाज उठने लगी हैं। कल्पना चावला मेडिकल कालेज के विद्यार्थियों ने समर्थन मेें आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीति चमकाने के लिए देश के लोगों को भड़का रहे हैं। आज देश में कुछ लोग सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग नागरिक कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें यह नहीं मालूम है कि आखिरकार इसका मतलब क्या है? उन्होंने कहा कि संविधान के जिन अनुच्छेदों के आधार पर इसे गैैर कानूनी बताया जा रहा है। वे केवल भरतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैैं। इसमें भारतीय नागरिकों से भेदभाव नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हम दूसरे देश को नागरिकता दें या नहीं यह हमारी सरकार की मर्जी है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के बाद भारत में घुसपैठ नहीं की जा सकेगी, जो आतंकी यहां घुस कर रहते हैं, उनकी शिनाख्त हो सकेगी। इस अवसर पर मेडिकल कालेज के छात्रों ने प्रदर्शन में भाग लिया। इस अवसर पर गौरव आर्य, अंकुर, राहुल शर्मा, दीपक वेनीवाल, शालिनी सहित बड़ी तादात में विद्यार्थी मौजूद रहे।