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कर्णनगरी में विकसित होगा नया औद्योगिक सेक्टर
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देव शर्मा
करनाल। कर्णनगरी का औद्योगिक विकास एक पायदान और आगे बढ़ने वाला है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) द्वारा इसके लिए सेक्टर 37 में 207 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। इसके प्रस्ताव को एनओसी के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पास भेजा गया है। एनओसी मिलने के बाद इसे विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इसमें 134 आवासीय एवं 170 औद्योगिक प्लॉट बनाए जाएंगे। इस औद्योगिक सेक्टर के विकसित होने पर यहां बड़ी संख्या में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जिससे शहर के विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही हरियाणा सरकार का भी राजस्व बढ़ेगा। बेरोजगार को इन औद्योगिक इकाइयों में रोजगार भी मिल सकेगा।
करीब 32 साल पहले 1990 में करनाल के औद्योगिक विकास के लिए सेक्टर तीन को विकसित किया जाना शुरू किया गया। इसके बाद 2007 में विस्तार किया गया। 2014-15 में भी कुछ क्षेत्र जोड़ा गया। अब इस इंडस्ट्र्यिल सेक्टर में करीब 400 इंडस्ट्री हैं। कृषि यंत्र उद्योगों के साथ-साथ अब देखा जा रहा है कि करनाल फार्मा इंडस्ट्री का हब बनकर उभर रहा है। एक लंबे समय से न तो पुराने उद्योगों को विस्तार के लिए पर्याप्त जगह मिल पा रही है और न ही नए उद्यम लगाने के लिए स्थान मिल पा रहा है, लेकिन अब उम्मीद की जागी है। एचएसआईआईडीसी के सेक्टर 37 को विकसित करने से यहां के औद्योगिक विकास को नई उड़ान मिलेगी, क्योंकि इस नए सेक्टर में 207 एकड़ का क्षेत्र लिया जा रहा है।
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सेक्टर 37 में आवासीय प्लॉटों को भी अच्छा खासी संख्या में निकाला गया है। इसमें कुल क्षेत्र 207 एकड़ है। इसमें 134 आवासीय प्लॉट बनाए गए हैं, जबकि औद्योगिक प्लॉट 170 रखे गए हैं। कॉमर्शियल प्लॉट के लिए 28 एकड़ भूमि रिजर्व की गई है। हास्पिटल साइट भी छोड़ी गई है। इसके साथ-साथ 64.40 एकड़ जमीन पर पार्क, ग्रीन बेल्ट आदि बनाने के लिए आरक्षित की गई है। इस बड़े सेक्टर के विकसित होने से नए उद्यमियों को स्थान मिल सकेगा। जिससे करनाल में नए उद्योगों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए निजी नौकरियों में पहले से ही आरक्षण तय कर रखा है। करनाल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ बड़ी संख्या में हरियाणा के बेरोजगारों को नौकरियां भी मिलेंगी। अच्छी खासी संख्या में श्रमिकों को काम मिलेगा। इसका सीधा फायदा करनाल के अन्य सामान्य बाजारों को भी होगा।
सेक्टर तीन के बाद अब सेक्टर 37 को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका डिजाइन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। लेआउट तैयार कर लिया गया है। अब इसे हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास एनओसी के लिए भेज दिया गया है। जैसे ही एनओसी मिल जाती है, वैसे ही इसे विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें प्रदूषण रहित इंडस्ट्री को स्थापित करने के लिए प्लॉट लिए जा सकेंगे।
- वनीत भाटिया, संपदा अधिकारी एचएसआईआईडीसी करनाल
करीब 32 वर्षों से करनाल में कोई नया औद्योगिक सेक्टर विकसित नहीं हुआ है। जो उद्योग सेक्टर तीन में लगे हैं, उनमें से कई काफी बड़े हो गए हैं, जिन्हें विस्तार के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नया औद्योगिक सेक्टर विकसित होने को नए उद्यम तो लगेंगे ही, साथ ही पुराने उद्यमियों को भी अपने उद्यमों के विस्तार में भी बड़ा फायदा होगा। हरियाणा सरकार को भी अधिक राजस्व मिलेगा।
- मनोज अरोड़ा, प्रधान एचएसआईआईडीसी एसोसिएशन करनाल
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करनाल। कर्णनगरी का औद्योगिक विकास एक पायदान और आगे बढ़ने वाला है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) द्वारा इसके लिए सेक्टर 37 में 207 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। इसके प्रस्ताव को एनओसी के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के पास भेजा गया है। एनओसी मिलने के बाद इसे विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इसमें 134 आवासीय एवं 170 औद्योगिक प्लॉट बनाए जाएंगे। इस औद्योगिक सेक्टर के विकसित होने पर यहां बड़ी संख्या में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। जिससे शहर के विकास को भी गति मिलेगी। साथ ही हरियाणा सरकार का भी राजस्व बढ़ेगा। बेरोजगार को इन औद्योगिक इकाइयों में रोजगार भी मिल सकेगा।
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करीब 32 साल पहले 1990 में करनाल के औद्योगिक विकास के लिए सेक्टर तीन को विकसित किया जाना शुरू किया गया। इसके बाद 2007 में विस्तार किया गया। 2014-15 में भी कुछ क्षेत्र जोड़ा गया। अब इस इंडस्ट्र्यिल सेक्टर में करीब 400 इंडस्ट्री हैं। कृषि यंत्र उद्योगों के साथ-साथ अब देखा जा रहा है कि करनाल फार्मा इंडस्ट्री का हब बनकर उभर रहा है। एक लंबे समय से न तो पुराने उद्योगों को विस्तार के लिए पर्याप्त जगह मिल पा रही है और न ही नए उद्यम लगाने के लिए स्थान मिल पा रहा है, लेकिन अब उम्मीद की जागी है। एचएसआईआईडीसी के सेक्टर 37 को विकसित करने से यहां के औद्योगिक विकास को नई उड़ान मिलेगी, क्योंकि इस नए सेक्टर में 207 एकड़ का क्षेत्र लिया जा रहा है।
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सेक्टर 37 में आवासीय प्लॉटों को भी अच्छा खासी संख्या में निकाला गया है। इसमें कुल क्षेत्र 207 एकड़ है। इसमें 134 आवासीय प्लॉट बनाए गए हैं, जबकि औद्योगिक प्लॉट 170 रखे गए हैं। कॉमर्शियल प्लॉट के लिए 28 एकड़ भूमि रिजर्व की गई है। हास्पिटल साइट भी छोड़ी गई है। इसके साथ-साथ 64.40 एकड़ जमीन पर पार्क, ग्रीन बेल्ट आदि बनाने के लिए आरक्षित की गई है। इस बड़े सेक्टर के विकसित होने से नए उद्यमियों को स्थान मिल सकेगा। जिससे करनाल में नए उद्योगों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए निजी नौकरियों में पहले से ही आरक्षण तय कर रखा है। करनाल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ बड़ी संख्या में हरियाणा के बेरोजगारों को नौकरियां भी मिलेंगी। अच्छी खासी संख्या में श्रमिकों को काम मिलेगा। इसका सीधा फायदा करनाल के अन्य सामान्य बाजारों को भी होगा।
सेक्टर तीन के बाद अब सेक्टर 37 को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका डिजाइन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। लेआउट तैयार कर लिया गया है। अब इसे हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास एनओसी के लिए भेज दिया गया है। जैसे ही एनओसी मिल जाती है, वैसे ही इसे विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसमें प्रदूषण रहित इंडस्ट्री को स्थापित करने के लिए प्लॉट लिए जा सकेंगे।
- वनीत भाटिया, संपदा अधिकारी एचएसआईआईडीसी करनाल
करीब 32 वर्षों से करनाल में कोई नया औद्योगिक सेक्टर विकसित नहीं हुआ है। जो उद्योग सेक्टर तीन में लगे हैं, उनमें से कई काफी बड़े हो गए हैं, जिन्हें विस्तार के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नया औद्योगिक सेक्टर विकसित होने को नए उद्यम तो लगेंगे ही, साथ ही पुराने उद्यमियों को भी अपने उद्यमों के विस्तार में भी बड़ा फायदा होगा। हरियाणा सरकार को भी अधिक राजस्व मिलेगा।
- मनोज अरोड़ा, प्रधान एचएसआईआईडीसी एसोसिएशन करनाल