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चूक : प्लेटफाॅर्म नंबर-1 पर आनी थी ऊंचाहार एक्सप्रेस, आई सेंटर लाइन पर
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11.... एक नंबर प्लेटफार्म पर आनेद वाली ट्रेन को मेन लाइन पर रोक कर चढ़ाए और उतारे यात्री। दिव्य
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चंडीगढ़ से चलकर प्रयागराज संगम को जाने वाली ट्रेन नंबर 14218 ऊंचाहार एक्सप्रेस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर शाम 6:45 बजे आनी थी। विभागीय चूक की वजह से ट्रेन सेंटर लाइन पर रोक दी गई। करनाल उतरने वाले यात्रियों को बीच वाली रेलवे लाइन पर ही ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा। दोनों ओर यात्री उतरे। जिनको ट्रेन में बैठना था वे भी प्लेटफाॅर्म से कूद कर पटरियों पर उतरे और ट्रेन में चढ़े।
आमतौर पर दो मिनट तक रुकने वाली इस ट्रेन ने करीब पांच मिनट का स्टॉपेज लिया। दोनों लाइनें खाली होने के बाद ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई सुपरफास्ट ट्रेन प्लेटफार्म नंबर-2 या सेंटर लाइन से नहीं गुजर रही थी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
स्टेशन अधीक्षक संजय सक्सेना ने बताया कि अभी उन्हें इसकी जानकारी मिली है। ये गंभीर लापरवाही है। जांच होगी। ये मानवीय गलती भी हो सकती है और तकनीकी गलती भी। मानवीय गलती में ट्रैक बदलने वाले की गलती हो सकती है और तकनीकी में ट्रैक के कांटे खराब होने की वजह से ये गलती हो सकती है। असल मसला जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
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यात्री बोले, मजबूरी में पटरियों पर उतरना पड़ा
करनाल से दिल्ली जाने वाले रोहित, संदीप, शानू ने बताया कि प्लेटफाॅर्म पर अनाउंसमेंट हो रही थी कि ऊंचाहर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर-1 पर आएगी। वे इंतजार कर रहे थे लेकिन ट्रेन बीच वाली पटरी पर आई। न तो प्लेटफाॅर्म नंबर-1 की पटरी थी और न दो की। मजबूरी में लोग ट्रेन से पटरी पर ही उतरने लगे। वह भी पटरियों पर उतरकर ट्रेन में चढ़े। यात्री सोनू, राजेश, सुमन, धर्मवीर ने बताया कि उन्हें करनाल उतरना था। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं, बीच की पटरी पर रुकी। ऐसे में पटरियों पर ही उतरना पड़ा।
आम्रपाली एक्सप्रेस करीब चार घंटे देरी से आईउत्तर भारत में लगातार खराब मौसम होने की वजह से पिछले 15 दिनों से एक्सप्रेस से लेकर लोकल ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मंगलवार को ट्रेनें देरी से चलीं। आम्रपाली एक्सप्रेस करीब चार घंटे की देरी से 9 बजे के बाद करनाल पहुंची। दिल्ली इंटरसिटी पौने तीन घंटे की देरी से 2:30 बजे आई। आधे घंटे की देरी से आई मालवा केवल अंबाला कैंट तक परिचालन कर पाई। नई दिल्ली कुरुक्षेत्र लोकल ने भी एक घंटे तक इंतजार कराया। वापसी में ये ट्रेन पौन घंटे देरी से चली। सचखंड पौन घंटे तो फाजिल्का एक घंटे लेट रही। जम्मू तवी एक्सप्रेस भी एक घंटे की देरी के बाद रात को 12 बजे पहुंची।
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करनाल। चंडीगढ़ से चलकर प्रयागराज संगम को जाने वाली ट्रेन नंबर 14218 ऊंचाहार एक्सप्रेस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर शाम 6:45 बजे आनी थी। विभागीय चूक की वजह से ट्रेन सेंटर लाइन पर रोक दी गई। करनाल उतरने वाले यात्रियों को बीच वाली रेलवे लाइन पर ही ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा। दोनों ओर यात्री उतरे। जिनको ट्रेन में बैठना था वे भी प्लेटफाॅर्म से कूद कर पटरियों पर उतरे और ट्रेन में चढ़े।
आमतौर पर दो मिनट तक रुकने वाली इस ट्रेन ने करीब पांच मिनट का स्टॉपेज लिया। दोनों लाइनें खाली होने के बाद ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई सुपरफास्ट ट्रेन प्लेटफार्म नंबर-2 या सेंटर लाइन से नहीं गुजर रही थी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
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स्टेशन अधीक्षक संजय सक्सेना ने बताया कि अभी उन्हें इसकी जानकारी मिली है। ये गंभीर लापरवाही है। जांच होगी। ये मानवीय गलती भी हो सकती है और तकनीकी गलती भी। मानवीय गलती में ट्रैक बदलने वाले की गलती हो सकती है और तकनीकी में ट्रैक के कांटे खराब होने की वजह से ये गलती हो सकती है। असल मसला जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
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यात्री बोले, मजबूरी में पटरियों पर उतरना पड़ा
करनाल से दिल्ली जाने वाले रोहित, संदीप, शानू ने बताया कि प्लेटफाॅर्म पर अनाउंसमेंट हो रही थी कि ऊंचाहर एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर-1 पर आएगी। वे इंतजार कर रहे थे लेकिन ट्रेन बीच वाली पटरी पर आई। न तो प्लेटफाॅर्म नंबर-1 की पटरी थी और न दो की। मजबूरी में लोग ट्रेन से पटरी पर ही उतरने लगे। वह भी पटरियों पर उतरकर ट्रेन में चढ़े। यात्री सोनू, राजेश, सुमन, धर्मवीर ने बताया कि उन्हें करनाल उतरना था। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर नहीं, बीच की पटरी पर रुकी। ऐसे में पटरियों पर ही उतरना पड़ा।
आम्रपाली एक्सप्रेस करीब चार घंटे देरी से आईउत्तर भारत में लगातार खराब मौसम होने की वजह से पिछले 15 दिनों से एक्सप्रेस से लेकर लोकल ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मंगलवार को ट्रेनें देरी से चलीं। आम्रपाली एक्सप्रेस करीब चार घंटे की देरी से 9 बजे के बाद करनाल पहुंची। दिल्ली इंटरसिटी पौने तीन घंटे की देरी से 2:30 बजे आई। आधे घंटे की देरी से आई मालवा केवल अंबाला कैंट तक परिचालन कर पाई। नई दिल्ली कुरुक्षेत्र लोकल ने भी एक घंटे तक इंतजार कराया। वापसी में ये ट्रेन पौन घंटे देरी से चली। सचखंड पौन घंटे तो फाजिल्का एक घंटे लेट रही। जम्मू तवी एक्सप्रेस भी एक घंटे की देरी के बाद रात को 12 बजे पहुंची।