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Karnal News: रक्तदान, भजन गान और हवन में आहुतियों डाल मजीठिया के कार्यों को किया याद
Wed, 10 Sep 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:23 AM IST
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111.... दयाल सिंह कॉलेज में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदाताओं को बैज लगाकर सम्मानित करती डॉ.
करनाल। दयाल सिंह कॉलेज में संस्थापक स्वर्गीय सरदार दयाल सिंह मजीठिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह एवं रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। कॉलेज के अलावा उनके नाम से चल रहे दोनों स्कूलों में भी कार्यक्रम हुआ। जहां भजनों के गान, रक्तदान और हवन में आहुतियां डालकर उन्हें याद किया गया। इस दौरान उनके नाम का पौधा भी रोपित किया गया। शिविर में 76 युवाओं ने रक्तदान किया।
कॉलेज के कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़, मुख्यातिथि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. पम्पा सेन गुप्ता ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने सरदार मजीठिया के अद्वितीय योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक उत्थान में अमिट छाप छोड़ी है।
सरदार मजीठिया के जीवन को निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि दूसरों के लिए जीना ही उनके जीवन का सार था। उन्होंने यह भी कहा कि दयाल सिंह कॉलेज का निरंतर विकास ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. विशाखा गुप्ता ने उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. प्रवीन कुमार ने उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग साझा किए।
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कॉलेज के कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़, मुख्यातिथि पूर्व प्रिंसिपल डॉ. पम्पा सेन गुप्ता ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया। प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने सरदार मजीठिया के अद्वितीय योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक उत्थान में अमिट छाप छोड़ी है।
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सरदार मजीठिया के जीवन को निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि दूसरों के लिए जीना ही उनके जीवन का सार था। उन्होंने यह भी कहा कि दयाल सिंह कॉलेज का निरंतर विकास ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. विशाखा गुप्ता ने उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. प्रवीन कुमार ने उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग साझा किए।
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