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Karnal News: नहीं सीखा सबक, खुले में लगे धान के कट्टों के चट्टे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 02:16 AM IST
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Lessons not learned: stacks of paddy sacks left out in the open.
नईअनाज मंडी की सड़क पर सुखाई गई धान और पास में ही खड़ा बारिश का पानी और पानी को रोकने के  लिए र
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। रविवार को हुई बारिश में धान की फसल भीगने के बावजूद मंडी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। न खरीद में तेजी आई और न ही उठान की रफ्तार बढ़ी। मंगलवार को जिले की मंडियों में 2,884 किसान धान लेकर पहुंचे। कुल आवक 22,568.46 मीट्रिक टन रही, जबकि इसमें से महज 5,610.94 मीट्रिक टन धान की ही खरीद हो पाई।
उठान भी धीमा रहा। कुल आवक के मुकाबले केवल 8,683.65 मीट्रिक टन धान का उठान हो सका। शेड पहले ही भरे हुए हैं। ऐसे में अब खुले में भी खरीदे गए धान के कट्टे और ढेरियां जमा होने लगी हैं। इससे आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
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मौसम विभाग ने अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई है। इसके बावजूद प्रशासन किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के इंतजाम करने के बजाय बैठकों में व्यस्त है। मंडियों में न तो फसल रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षित जगह उपलब्ध है और न ही पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था की गई है। ऐसे में खुले में पड़ी फसल पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। किसानों का कहना है कि एक ओर सरकार उनकी फसल नहीं खरीद रही, वहीं दूसरी ओर बारिश में धान भीगने की चिंता सता रही है।
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जलभराव के पास सुखाई जा रही फसल

बारिश में भीगी फसल को सुखाने के इंतजामों में भी लापरवाही सामने आ रही है। मंडी में शेड और बाहर जगह नहीं मिलने के कारण धान सड़क पर सुखाने के लिए डाला गया है। इसके पास ही धान के कट्टे रखे हैं और बिल्कुल नजदीक पानी भरा हुआ है। ऐसे में हल्की बारिश होने पर भी धान पानी में बहने या दोबारा भीगने का खतरा है। इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ सकता है।



उठान धीमा होने पर मांगा जाएगा जवाब

मंडी सुपरवाइजर सुनील ढुल ने बताया कि सोमवार को राइस मिलरों को उठान पर अधिक ध्यान देने के निर्देश दिए गए थे। यदि उठान का काम धीमा है तो मिलरों से जवाब मांगा जाएगा। खरीदे गए धान का उठान कराकर मंडी में किसानों के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
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