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Karnal News: सात दिन में प्लॉट की सफाई न कराई तो देना होगा 10,000 तक जुर्माना
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115....खाली प्लॉट में सफाई करते नगर निगम कर्मचारी। प्रवक्ता
करनाल। शहर में यदि आपका प्लॉट खाली पड़ा है, तो उसकी सफाई करा दें। सात दिन में सफाई नहीं कराई तो नगर निगम पांच से दस हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकता है। निगमायुक्त ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 54,500 खाली प्लॉट हैं, जिनकी न तो सफाई हो रही है और न ही नियमित देखरेख। परिणाम ये है कि इनमें घास उग आई है, आसपास के लोग गंदगी डाल रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां मच्छर तो पनप ही रहे हैं, सांप भी निकल रहे हैं, जो पड़ोसियों की परेशानी का सबब बन चुके हैं।
सोमवार को ही ऑल आरडब्ल्यूए की बैठक में भी खाली प्लॉटों में गंदगी और जहरीले कीड़े निकलने की समस्या को उठाया गया था। प्रधान प्रो. जोगिंद्र मदान ने इस मामले में महापौर व निगमायुक्त से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया था। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि शहर का दौरा करते समय प्राय: देखने में आया है कि कई जगहों पर खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा पड़ा रहता है। कई प्लॉटों में पानी भी भरा रहता है, जिस कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके चलते आस-पड़ोस के नागरिक भी परेशान रहते हैं, कार्यालय में निरंतर इस तरह की शिकायतें लेकर आते हैं। नगर निगम लगातार सफाई अभियान चलाकर ऐसे प्लॉटों की सफाई भी करवाता रहता है।
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उन्होंने कहा कि नागरिक अपने-अपने प्लॉट की चहारदीवारी या फैंसिंग इत्यादि करवाकर उन्हें कवर करना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी व्यक्ति उनमें कूड़ा न गिरा सके। उन्होंने कहा कि सफाई शाखा की विभिन्न टीमें शहर के चारों जोन का निरीक्षण कर ऐसे प्लॉटों को चिन्हित करेगी, जिनमें कचरा या जलभराव है। अगर कहीं ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित प्लॉट धारक के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और उसका चालान कर जुर्माना भी लगाया जाएगा। पहली बार में पांच हजार, दूसरी बार में दस हजार व इसके बाद जुर्माने की राशि और भी बढ़ाई जा सकती है। निगम प्लॉट की सफाई करवाएगा और खर्चा प्लॉट के मालिक से वसूला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति जुर्माना राशि जमा नहीं करवाएगा, तो उस राशि को संबंधित प्लॉट के संपत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा। इसके पश्चात प्लॉट धारक को नगर निगम से एनडीसी. यानी अदेय प्रमाणपत्र तभी मिलेगा, जब उसकी ओर से तमाम राशि जमा करवा दी जाएगी।
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नगर निगम क्षेत्र में करीब 54,500 खाली प्लॉट हैं, जिनकी न तो सफाई हो रही है और न ही नियमित देखरेख। परिणाम ये है कि इनमें घास उग आई है, आसपास के लोग गंदगी डाल रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां मच्छर तो पनप ही रहे हैं, सांप भी निकल रहे हैं, जो पड़ोसियों की परेशानी का सबब बन चुके हैं।
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सोमवार को ही ऑल आरडब्ल्यूए की बैठक में भी खाली प्लॉटों में गंदगी और जहरीले कीड़े निकलने की समस्या को उठाया गया था। प्रधान प्रो. जोगिंद्र मदान ने इस मामले में महापौर व निगमायुक्त से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया था। निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि शहर का दौरा करते समय प्राय: देखने में आया है कि कई जगहों पर खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा पड़ा रहता है। कई प्लॉटों में पानी भी भरा रहता है, जिस कारण बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। इसके चलते आस-पड़ोस के नागरिक भी परेशान रहते हैं, कार्यालय में निरंतर इस तरह की शिकायतें लेकर आते हैं। नगर निगम लगातार सफाई अभियान चलाकर ऐसे प्लॉटों की सफाई भी करवाता रहता है।
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उन्होंने कहा कि नागरिक अपने-अपने प्लॉट की चहारदीवारी या फैंसिंग इत्यादि करवाकर उन्हें कवर करना सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी व्यक्ति उनमें कूड़ा न गिरा सके। उन्होंने कहा कि सफाई शाखा की विभिन्न टीमें शहर के चारों जोन का निरीक्षण कर ऐसे प्लॉटों को चिन्हित करेगी, जिनमें कचरा या जलभराव है। अगर कहीं ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित प्लॉट धारक के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और उसका चालान कर जुर्माना भी लगाया जाएगा। पहली बार में पांच हजार, दूसरी बार में दस हजार व इसके बाद जुर्माने की राशि और भी बढ़ाई जा सकती है। निगम प्लॉट की सफाई करवाएगा और खर्चा प्लॉट के मालिक से वसूला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति जुर्माना राशि जमा नहीं करवाएगा, तो उस राशि को संबंधित प्लॉट के संपत्ति कर में जोड़ दिया जाएगा। इसके पश्चात प्लॉट धारक को नगर निगम से एनडीसी. यानी अदेय प्रमाणपत्र तभी मिलेगा, जब उसकी ओर से तमाम राशि जमा करवा दी जाएगी।