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Karnal News: करोड़ों के सीएमआर घोटाले में भी पूर्व महाप्रबंधक, प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Dec 2023 03:06 AM IST
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Husband injured his wife by stabbing her
देव शर्मा
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करनाल। रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार हुए जिन तरावड़ी हैफेड के जिन महाप्रबंधक प्रदीप हुड्डा और प्रबंधक धर्मबीर को निलंबित किया गया है, उनकी भूमिका पहले से ही विभागीय हेराफेरी में संदिग्ध है। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी जांच चल रही है। विभागीय राइस मिल तरावड़ी से भी सीएमआर की करोड़ों की हेराफेरी के मामले में भी उनकी भूमिका पर उंगलिया उठी हैं।
कोई निजी राइस मिल संचालक यदि हेराफेरी करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से लेकर संपत्ति संबद्ध कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाती है, लेकिन तरावड़ी हैफेड राइस से सीएमआर की हेराफेरी में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। दोनों अधिकारियों के रिश्वत लेने के मामले में पकड़े जाने पर अब हैफेड के प्रबंध निदेशक ने राइस मिल में घोटाले का भी संज्ञान लिया है। सीएमआर की धनराशि की वसूली के निर्देश जारी कर दिए हैं, इससे पहले इस मामले में उत्तरदायित्व तय करके उन्हें चार्जशीट भी किया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021-22 तरावड़ी के हैफेड राइस मिल से कस्टम मिल्ड साइस (सीएमआर) का गबन सामने आया था, जिसमें करीब 15 गाड़ी सीएमआर का गबन कर लिया गया था, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये का बताया गया है। सूत्रों के अनुसार, जिस समय ये गबन हुआ, उस समय उक्त आरोपी अधिकारी तरावड़ी में थे। महाप्रबंधक, प्रबंधक और स्टोर कीपर की भूमिका पर सवाल उठे थे। इन्हीं लोगों ने सीएमआर की एफसीआई को डिलीवरी नहीं दी। ऐसा नहीं है कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में नहीं था, क्योंकि एफसीआई के रिकॉर्ड में भी ये चावल नहीं पहुंचा है लेकिन विभागीय लीपापोती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक तरावड़ी के हैफेड राइस मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। जब एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई तो कार्रवाई भी क्या की जाती। अभी तक ये जिम्मेदारी भी तय नहीं हो सकी है कि आखिर इस गबन के लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है।
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हैफेड की प्रबंध निदेशक जे.गणेशन ने बताया कि 2021-22 में तरावड़ी राइस मिल में सीएमआर की हेराफेरी के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांचोपरांत उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। इसके साथ ही सीएमआर का जो भी गबन हुआ है, उसकी वसूली की कार्रवाई भी जाएगी।
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