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Karnal News: बाढ़ आई, महंगाई लाई...
Wed, 10 Sep 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:05 AM IST
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602...पुरानी सब्जी मंडी में खरीदारी करते लोग। संवाद
करनाल। पहाड़ों मेंं लगातार हो रही बारिश से बने बाढ़ के हालात से फलों का बाजार प्रभावित हो गया है। बाहर से आने वाली सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। सेब, केला जैसे फलों के दाम पिछले 20 दिनों में दोगुने हो चुके हैं।
कई फल व सब्जियां हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेशों से यहां लाई जाती हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। यदि आ रहे हैं तो रास्ता लंबा होने के कारण देरी से पहुंच रहे हैं। आपूर्ति प्रभावित होने से दाम बढ़ गए हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर से सेब आते हैं। पंजाब से भी फल और सब्जियों की आवक है। स्थानीय किसानों के खेतों में भी अधिक बारिश व यमुना का पानी भरने के कारण सब्जियां खराब हुई हैं। इसका सीधा असर मंडियों में माल की कमी के रूप में दिख रहा है।
रास्ते में खराब हो रहे सेब
- सेब विक्रेता मुनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण जो फल पहाड़ी इलाकोंं से आते हैं वो रास्ता बंद होने के कारण मंडी में देरी से पहुंच रहे हैं। ऐसे में सेब दागी हो गए हैं। इसी कारण सेब के दाम मेंं वृद्धि हो रही है।
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दाम बढ़ने से दुकानदारी कम
मंडी में फल विक्रेता अमरजीत ने बताया कि महंगाई के कारण दुकानदारी कम हो रही है। लोग फल लेने आते तो हैं लेकिन फलों के दाम सुनकर वापस लौट जाते हैं। दुकानदार के लिए दोहरी मार है।
खराब हो रहा नारियल पानी
फल विक्रेता गोविंद का कहना है कि नारियल पानी पर भी बाढ़ का प्रभाव पड़ा है। मंडी में नारियल पानी गुजरात और बैंगलूरू से आयात किया जाता है। पहले यह 40 से 50 रुपये प्रति नारियल बिक रहा था। अब मंडी में नारियल पानी 70 से 80 रुपये प्रति नारियल हो गया है।
किसानों की फसलें हो गईं बर्बाद
मंडी में विक्रेता नौशाद ने बताया कि यहां केला यूपी और महाराष्ट्र से आयात किया जाता है। बारिश के कारण केले के आयात में परेशानी हो रही है। रस्ते पर लंबा जाम लगा है। ऐसे में जो केला पहले 40 रुपये दर्जन मिल रहा था जो अब 70 रुपये दर्जन बिक रहा है।
महंगाई ने हिला दिया बजट
मंडी में खरीदारी के लिए आए पिंकू ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है। बजट हिल गया है। पहले जहां 300 रुपये मेंं हफ्ते भर केे फल खरीद लेते थे। अब 500 रुपये मेंं भी बहुत कम फल मिल रहे हैं।
गृहणी महक ने बताया कि बाढ़ के कारण फलों के दामों में आग लगी हुई है। अनार, सेब और मौसमी जैसे फलों को खरीदने से पहले किसी भी गृहणी को अब दो बार सोचना पड़ता है। अन्य जरूरतों में कटौती करनी पड़ती है।
मंडी में सामान खरीदने आए ग्राहक प्रवीण ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण मंडी में जाने से भी डर लगने लगा है। बच्चों की सेहत को देखते हुए उन्हें ताजे फलों का जूस बनाकर देना जरूरी है लेकिन फलों के बढ़ते दाम के कारण उनकी सेहत से भी समझौता करना पड़ रहा है।
फल एवं सब्जी एसोसिएशन नई अनाज मंडी के प्रधान दलीप कुमार ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। किसानों का नुकसान हुआ है। पहाड़ी इलाकों से आने वाले फलों जैसे सेब, केला, बब्बूगोसा आदि फलों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। भूस्खलन के कारण ट्रक रास्ते में फंस जाते हैं। ऐसे में उसमेंं रखे हुए फल भी गलने लगते हैं।
फलों के दाम 20 दिन पहले अब
अनार 60 100
केला 40 80
नारियल पानी 40 80
सेब 40 80
बब्बू गोसा 60 100
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कई फल व सब्जियां हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर जैसे प्रदेशों से यहां लाई जाती हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। यदि आ रहे हैं तो रास्ता लंबा होने के कारण देरी से पहुंच रहे हैं। आपूर्ति प्रभावित होने से दाम बढ़ गए हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर से सेब आते हैं। पंजाब से भी फल और सब्जियों की आवक है। स्थानीय किसानों के खेतों में भी अधिक बारिश व यमुना का पानी भरने के कारण सब्जियां खराब हुई हैं। इसका सीधा असर मंडियों में माल की कमी के रूप में दिख रहा है।
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रास्ते में खराब हो रहे सेब
- सेब विक्रेता मुनीष कुमार ने बताया कि बाढ़ के कारण जो फल पहाड़ी इलाकोंं से आते हैं वो रास्ता बंद होने के कारण मंडी में देरी से पहुंच रहे हैं। ऐसे में सेब दागी हो गए हैं। इसी कारण सेब के दाम मेंं वृद्धि हो रही है।
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दाम बढ़ने से दुकानदारी कम
मंडी में फल विक्रेता अमरजीत ने बताया कि महंगाई के कारण दुकानदारी कम हो रही है। लोग फल लेने आते तो हैं लेकिन फलों के दाम सुनकर वापस लौट जाते हैं। दुकानदार के लिए दोहरी मार है।
खराब हो रहा नारियल पानी
फल विक्रेता गोविंद का कहना है कि नारियल पानी पर भी बाढ़ का प्रभाव पड़ा है। मंडी में नारियल पानी गुजरात और बैंगलूरू से आयात किया जाता है। पहले यह 40 से 50 रुपये प्रति नारियल बिक रहा था। अब मंडी में नारियल पानी 70 से 80 रुपये प्रति नारियल हो गया है।
किसानों की फसलें हो गईं बर्बाद
मंडी में विक्रेता नौशाद ने बताया कि यहां केला यूपी और महाराष्ट्र से आयात किया जाता है। बारिश के कारण केले के आयात में परेशानी हो रही है। रस्ते पर लंबा जाम लगा है। ऐसे में जो केला पहले 40 रुपये दर्जन मिल रहा था जो अब 70 रुपये दर्जन बिक रहा है।
महंगाई ने हिला दिया बजट
मंडी में खरीदारी के लिए आए पिंकू ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार पड़ रही है। बजट हिल गया है। पहले जहां 300 रुपये मेंं हफ्ते भर केे फल खरीद लेते थे। अब 500 रुपये मेंं भी बहुत कम फल मिल रहे हैं।
गृहणी महक ने बताया कि बाढ़ के कारण फलों के दामों में आग लगी हुई है। अनार, सेब और मौसमी जैसे फलों को खरीदने से पहले किसी भी गृहणी को अब दो बार सोचना पड़ता है। अन्य जरूरतों में कटौती करनी पड़ती है।
मंडी में सामान खरीदने आए ग्राहक प्रवीण ने बताया कि बाढ़ और बारिश के कारण मंडी में जाने से भी डर लगने लगा है। बच्चों की सेहत को देखते हुए उन्हें ताजे फलों का जूस बनाकर देना जरूरी है लेकिन फलों के बढ़ते दाम के कारण उनकी सेहत से भी समझौता करना पड़ रहा है।
फल एवं सब्जी एसोसिएशन नई अनाज मंडी के प्रधान दलीप कुमार ने बताया कि बारिश और बाढ़ के कारण किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। किसानों का नुकसान हुआ है। पहाड़ी इलाकों से आने वाले फलों जैसे सेब, केला, बब्बूगोसा आदि फलों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। भूस्खलन के कारण ट्रक रास्ते में फंस जाते हैं। ऐसे में उसमेंं रखे हुए फल भी गलने लगते हैं।
फलों के दाम 20 दिन पहले अब
अनार 60 100
केला 40 80
नारियल पानी 40 80
सेब 40 80
बब्बू गोसा 60 100

602...पुरानी सब्जी मंडी में खरीदारी करते लोग। संवाद

602...पुरानी सब्जी मंडी में खरीदारी करते लोग। संवाद