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किसानों ने दो घंटे बसताड़ा टोल प्लाजा पर किया धरना-प्रदर्शन
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टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के सदस्य।
मधुबन। अग्निपथ योजना के विरोध में सोमवार को भाकियू सदस्यों ने दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन किया। किसान संगठन ने तीन घंटे टोल फ्री करवाने का एलान किया था, लेकिन भारी पुलिस बल तैनात करने व प्रशासन की मुस्तैदी के चलते टोल पर टैक्स वसूली कार्य प्रभावित नहीं हुआ। इस टोल प्लाजा से 24 घंटे में करीब 42 हजार वाहन गुजरते हैं और अनुमानित करीब 45 लाख रुपये का टैक्स एकत्रित होता है। भाकियू चढूनी ग्रुप के सदस्य दोपहर 12 बजे टोल प्लाजा पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। दो घंटे बाद धरना समाप्त किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंदोलन तेज करने के लिए मंगलवार को जींद में किसानों ने महापंचायत बुलाई है, जिसमें आगामी निर्णय लिया जाएगा।
किसानों ने टोल प्लाजा की एक लेन पर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ करीब दो घंटे तक नारेबाजी की। भाकियू कार्यकर्ता गुरजंट सिंह का कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों को कुचलने पर तुली है। पहले सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए थे। किसानों की एकता के चलते एक साल के बाद वे कानून रद हुए। अब अग्निपथ योजना के जरिए शिक्षित युवाओं को सेना की नौकरी से बाहर करना चाहती है, लेकिन भाकियू ऐसा नहीं होने देगी। चेतावनी दी कि सरकार के ऐसे निर्णयों से दोबारा प्रदेश में किसान सड़कों पर आ जाएंगे। अब जींद में महापंचायत होगी, उसके बाद रोहतक में भी एक बड़ी पंचायत कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। अग्निपथ योजना के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसके चलते भाकियू की ओर से राज्य में कई जगह विरोध प्रदर्शन किए गए।
वर्जन
भारतीय किसान यूनियन ने बसताडा टोल प्लाजा पर तीन घंटे धरना-प्रदर्शन कर टोल फ्री करवाने का एलान किया था। जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। किसानों ने दो घंटे तक टोल पर धरना प्रदर्शन किया है, लेकिन टोल फ्री नहीं किया गया।
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- डीएसपी मनोज कुमार
वर्जन
किसानों ने दो घंटे तक टोल प्लाजा के एक बूथ पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया, लेकिन टोल का आवागमन सुचारू रहा। पुलिस प्रशासन का पूरी तरह से सहयोग रहा। उच्च अधिकारियों के टोल फ्री करने के किसी प्रकार के कोई निर्देश नहीं आए थे।
- शिवकुमार, मैनेजर, बसताड़ा टोल प्लाजा
-----
वर्जन
कुछ संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान संबंधी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था। टोल प्लाजा पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती रही। यदि कोई नियम तोड़ेगा तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। युवा किसी के बहकावे में न आएं। उनकी अपील है कि कोई भी नागरिक कानून व्यवस्था न बिगाड़े। भारतीय सेना अनुशासन के लिए जानी जाती है। युवाओं को चाहिए कि कड़ी मेहनत कर लक्ष्य हासिल करें। आदर्श नागरिक होने का परिचय दें। यदि किसी भी सेवा में जाते समय पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत होती है तो उस प्रार्थी से संबंधित किसी भी तथ्य का जिक्र प्रमाणपत्र में करना पड़ता है।
- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक
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किसानों ने टोल प्लाजा की एक लेन पर धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ करीब दो घंटे तक नारेबाजी की। भाकियू कार्यकर्ता गुरजंट सिंह का कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार लोगों को कुचलने पर तुली है। पहले सरकार ने तीन कृषि कानून बनाए थे। किसानों की एकता के चलते एक साल के बाद वे कानून रद हुए। अब अग्निपथ योजना के जरिए शिक्षित युवाओं को सेना की नौकरी से बाहर करना चाहती है, लेकिन भाकियू ऐसा नहीं होने देगी। चेतावनी दी कि सरकार के ऐसे निर्णयों से दोबारा प्रदेश में किसान सड़कों पर आ जाएंगे। अब जींद में महापंचायत होगी, उसके बाद रोहतक में भी एक बड़ी पंचायत कर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। अग्निपथ योजना के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसके चलते भाकियू की ओर से राज्य में कई जगह विरोध प्रदर्शन किए गए।
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भारतीय किसान यूनियन ने बसताडा टोल प्लाजा पर तीन घंटे धरना-प्रदर्शन कर टोल फ्री करवाने का एलान किया था। जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। किसानों ने दो घंटे तक टोल पर धरना प्रदर्शन किया है, लेकिन टोल फ्री नहीं किया गया।
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- डीएसपी मनोज कुमार
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किसानों ने दो घंटे तक टोल प्लाजा के एक बूथ पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया, लेकिन टोल का आवागमन सुचारू रहा। पुलिस प्रशासन का पूरी तरह से सहयोग रहा। उच्च अधिकारियों के टोल फ्री करने के किसी प्रकार के कोई निर्देश नहीं आए थे।
- शिवकुमार, मैनेजर, बसताड़ा टोल प्लाजा
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कुछ संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान संबंधी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था। टोल प्लाजा पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती रही। यदि कोई नियम तोड़ेगा तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। युवा किसी के बहकावे में न आएं। उनकी अपील है कि कोई भी नागरिक कानून व्यवस्था न बिगाड़े। भारतीय सेना अनुशासन के लिए जानी जाती है। युवाओं को चाहिए कि कड़ी मेहनत कर लक्ष्य हासिल करें। आदर्श नागरिक होने का परिचय दें। यदि किसी भी सेवा में जाते समय पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत होती है तो उस प्रार्थी से संबंधित किसी भी तथ्य का जिक्र प्रमाणपत्र में करना पड़ता है।
- गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक