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Karnal News: स्कूल की छत से गिरे 12 बच्चे, सात की हालत गंभीर
Sat, 26 Nov 2022 01:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 26 Nov 2022 01:29 PM IST
सार
दो बच्चे गंभीर रूप से घायल होने पर वजह से उनको करनाल रेफर किया गया है। इसमें स्कूल प्रशासन की लापरवाही नजर आती है।
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दीवार गिरने से घायल हुए बच्चे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल की छत की बाउंड्री वॉल ढहने से 12 विद्यार्थी नीचे गिर गए। जिनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा उस समय हुआ जब स्कूल के सामने से नगर कीर्तन निकल रहा था और बच्चे नगर कीर्तन देखने के लिए स्कूल की छत पर दीवार के सहारे नीचे देखने लगे। दीवार कमजोर होने की वजह से ढह गई और उसके सहारे खड़े बच्चे भी नीचे गिर गए। सभी घायल बच्चों को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दो बच्चों के सिर में गहरी चोट लगने के कारण कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर तरावड़ी शहर के गुरुद्वारा रोड स्थित राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पांचवीं कक्षा के एक दर्जन से अधिक बच्चे स्कूल की एक मंजिला भवन की छत पर धूप में पढ़ाई कर रहे थे। तभी पास से होकर नगर कीर्तन निकलने लगा तो वहां मौजूद बच्चे छत के किनारे बने दीवार से नीचे देखने लगे और दीवार के साथ ही सभी नीचे गिर गए। हादसे की सूचना मिलते ही नगरपालिका चेयरमैन वीरेंद्र बंसल व स्कूल के प्रिंसिपल स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को तरावड़ी के सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया।
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आज धूप में पढ़ाने के लिए बच्चों को छत पर बैठाया था: प्रिंसिपल
स्कूल के प्रिंसिपल पवन ने बताया कि आज बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल की छत पर धूप में बैठाया था। जैसे ही बच्चों ने नगर कीर्तन की आवाज सुनी उसे देखने के लिए छत के किनारे बनी दीवार के सहारे खड़े हो गए। वजन ज्यादा होने से दीवार ढह गई और बच्चे भी उसके साथ गिर गए। जानकारी मिलने के बाद अभिभावक भी सरकारी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह का हादसा न हो छत पर जाने वाले रास्ते को बंद करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मार्च तक नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा और बच्चों को उसमें शिफ्ट किया जाएगा।
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अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
मौके पर पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब छत की दीवार कमजोर थी तो बच्चों को छत पर क्यों जाने दिया गया।