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Karnal News: एनडीपीएस के नौ में से आठ मामलों में सजा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला सचिवालय में शुक्रवार को नेशनल नारकोटिक्स कोर्डिनेशन (एनकोर्ड) की बैठक हुई। इसमें जिला न्यायवादी डाॅ. पंकज सैनी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अप्रैल में नौ केसों का निपटारा किया गया। इसमें से आठ मामलों में सजा सुनाई गई और एक में आरोपी को बरी किया गया। इस महीने में चार नए केस आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में इस समय आठ नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं जिनमें से एक सरकारी, सात प्राइवेट और एक प्रोविजनल प्राइवेट डीडीसी है। इस माह सात नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया गया। नशे के चलते जिले में उच्च जोखिम वाले गांवों की संख्या 10 है।
इन केंद्रों में मई में 361 मरीज ओपीडी में और 33 आईपीडी में दाखिल हुए, 39 मरीज नशा छोड़ चुके हैं जबकि 6527 का इलाज जारी हैं। लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए 12 शिविरों का आयोजन किया गया। इनमें नशे के आदी 50 लोगों की पहचान की गई जिसमें से 43 का इलाज जारी है।
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जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि भविष्य में युवाओं को जागरूक करने के लिए उच्च शिक्षण व तकनीकी संस्थानों में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस पर उपायुक्त उत्तम सिंह ने निर्देश दिए कि कार्यशाला आयोजित करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि युवाओं को जागरूक करने वाले विशेषज्ञ अथवा वक्ता कौन होंगे तथा किस उम्र के बच्चों को जानकारी दी जाएगी। बैठक में डीएसपी नायब सिंह, उप सिविल सर्जन डाॅ. सिम्मी, सहायक प्रोफेसर संजीव कुमार, रेडक्रास के सचिव कुलबीर मलिक आदि मौजूद रहे।
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करनाल। जिला सचिवालय में शुक्रवार को नेशनल नारकोटिक्स कोर्डिनेशन (एनकोर्ड) की बैठक हुई। इसमें जिला न्यायवादी डाॅ. पंकज सैनी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अप्रैल में नौ केसों का निपटारा किया गया। इसमें से आठ मामलों में सजा सुनाई गई और एक में आरोपी को बरी किया गया। इस महीने में चार नए केस आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में इस समय आठ नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं जिनमें से एक सरकारी, सात प्राइवेट और एक प्रोविजनल प्राइवेट डीडीसी है। इस माह सात नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण किया गया। नशे के चलते जिले में उच्च जोखिम वाले गांवों की संख्या 10 है।
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इन केंद्रों में मई में 361 मरीज ओपीडी में और 33 आईपीडी में दाखिल हुए, 39 मरीज नशा छोड़ चुके हैं जबकि 6527 का इलाज जारी हैं। लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए 12 शिविरों का आयोजन किया गया। इनमें नशे के आदी 50 लोगों की पहचान की गई जिसमें से 43 का इलाज जारी है।
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जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि भविष्य में युवाओं को जागरूक करने के लिए उच्च शिक्षण व तकनीकी संस्थानों में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस पर उपायुक्त उत्तम सिंह ने निर्देश दिए कि कार्यशाला आयोजित करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि युवाओं को जागरूक करने वाले विशेषज्ञ अथवा वक्ता कौन होंगे तथा किस उम्र के बच्चों को जानकारी दी जाएगी। बैठक में डीएसपी नायब सिंह, उप सिविल सर्जन डाॅ. सिम्मी, सहायक प्रोफेसर संजीव कुमार, रेडक्रास के सचिव कुलबीर मलिक आदि मौजूद रहे।