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Karnal News: युवाओं में गुस्सा और तनाव हावी, मरने-मारने को हो रहे उतारू
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133.... सौभाग्य कौशिक, मनोरोग विशेषज्ञ
गगन तलवार
करनाल। गुस्सा और तनाव लोगों पर इतना हावी हो गया है कि वे किसी भी बात पर दूसरे को मारने या खुद मरने पर उतारू हो रहे हैं। हत्या या आत्महत्या की तात्कालिक वजह बहुत मामूली होने से मनोचिकित्सक का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को पूर्व से कोई बात कचोट रही होती है, जिससे वह इतना बड़ा कदम उठा लेता है।
अगस्त माह में हुई छह हत्या के मामलों में ऐसा ही सामने आया है। सभी में हत्यारोपी युवा हैं। जिनके मन में पुरानी किसी बात पर गुस्सा था और मामूली कहासुनी के दौरान उन्होंने दूसरे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि सभी मामलों में पुलिस की जांच अभी जारी है लेकिन प्राथमिक पूछताछ में तात्कालिक वजह मामूली कहासुनी ही सामने आई। दो माह में 25 लोगों के शव नहर से बरामद हुए, इनमें से 80 प्रतिशत मामलों में पुलिस की जांच में आत्महत्या करना आया है। इसके पीछे भी तनाव वजह बताई जा रही है।
नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ एवं मेडिकल अफसर डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि किसी को गुस्सा एकदम नहीं आता, मन में कोई बात होने पर ही लोग हत्या या आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं। कई तरह का तनाव लोगों में है, इससे उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है, ऐसे में उन्हें तुरंत काउंसिलिंग करनी चाहिए। करनाल पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में अगस्त माह तक हत्या के 28 मामले आए। इनमें 38 की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा 28 लोगों ने आत्महत्या का कदम उठाया है। इससे अलग 25 लोगों के शव अलग-अलग नहरों में बरामद हुए हैं।
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(मनोरोग विशेषज्ञ की राय)
तनाव और गुस्से के कारण हटता है दिमाग से नियंत्रण : डॉ. सौभाग्य
नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि लंबे समय तक दिमाग में कोई बात रहना ही झगड़े का कारण बनती है। किसी विवादित बात के दिमाग में घर कर जाने पर व्यक्ति का दिमाग से नियंत्रण हट जाता है तो वह गलत कदम उठाता है। कभी भी मतभेद या झगड़े पर एकदम ऐसा नहीं होता कि हम दूसरे को मारने दौड़ जाएं, ऐसी स्थिति बनने में लंबा समय लगता है। जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन और एंग्जाइटी में दो से छह माह तक गुजारता है, उसका इलाज या काउंसिलिंग नहीं होती तो मन में आत्महत्या के विचार आते हैं। फिर किसी विवाद पर व्यक्ति मरने या मारने पर उतर आता है। डिप्रेशन में दो सप्ताह में लक्षण सामने आने लगते हैं, काम से रुचि हटना, निराशा, परेशान रहना, नींद कम या ज्यादा आना, बात न करना या मिलना बंद करना व थकान महसूस होना इसके लक्षण हैं।
--
वर्ष
हत्या
गिरफ्तार
2025
28
38
2024
56
89
2023
62
86
-- -
अगस्त में छह चर्चित मामले
(रोहित हत्याकांड)
पुरानी कहासुनी पर गांव बुलाकर उतारा मौत के घाट
29 अगस्त को पुरानी बात पर हुई कहासुनी के बाद सीतामाई गांव के युवक रोहित (21) को सौंकड़ा बुला पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई प्रिंस की शिकायत पर पांच के खिलाफ केस दर्ज हुआ। सौंकड़ा निवासी इमरान, शुभम और प्रिंस को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी आशीश और हर्ष फरार हैं। प्रिंस का आरोप है कि इमरान के साथ रोहित की पहले कभी कहासुनी हुई थी, इसी को लेकर नशे में उसने हत्या कर दी।
(किसान दलसिंह हत्याकांड)
झगड़े पर युवक ने बुजुर्ग किसान के सिर में मारी रॉड
22 अगस्त को कहासुनी के दौरान गांव मोरमाजरा में खेत में ट्यूबवेल के कमरे के बाहर बैठे किसान दल सिंह (52) के सिर में गांव के ही मोनू उर्फ मोहित (30) ने रॉड मारकर हत्या कर दी थी। किसी बात को लेकर युवक तैश में आ गया था और उसने बुजुर्ग के सिर में वार कर दिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेल जा चुका है।
(सुमेर पाल हत्याकांड)
जमीन और प्रधानी की रंजिश में ले ली जान
20 अगस्त को प्लाॅट की खरीद पर विवाद और प्रधानी की रंजिश में गांव उपलाना के पाल समाज के प्रधान सुमेर चंद (51) की उन्हीं के समाज के 21 लोगों ने पीटकर हत्या की। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। मृतक के बेटे संदीप और भतीजे संजय का आरोप है कि आरोपी सुमेर चंद से प्रधान बनाने और उनके घर के सामने का प्लाॅट खरीदने को लेकर रंजिश रखते थे। यही रंजिश उनकी मौत का कारण बनीं।
(कुलसुम हत्याकांड)
निकाह की बात नहीं मानी तो भाई ने मार डाला
20 अगस्त को यूपी के बाबरी निवासी रेहान (26) ने निकाह की बात न मानने पर अपनी बहन कुलसुम (20) की हत्या कर उमरपुर गांव की झाड़ियों में शव फेंक दिया। हादसा दिखाने के लिए कैंटर से भी शव रौंदा था। पुलिस ने रेहान के अलावा चचेरे भाई फरमान को भी साजिश में शामिल होने पर गिरफ्तार किया है।
(शुभम हत्याकांड)
घर से ले जाकर दोस्तों ने सिर में मारा बाइक का रिम
8 अगस्त को बाइक ठीक कराने के बहाने घर से ले जाकर कोहड़ निवासी शुभम (35) को बसताड़ा के खेत में दोस्तों ने ही बाइक के रिम से वार करके हत्या कर दी थी। मामले में एक आरोपी नौरता निवासी विशाल को जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी मृतक का दोस्त गढ़ सरनाई निवासी अमन फरार है। कहासुनी पर ही हत्या हुई थी हालांकि असल वजह अभी सामने नहीं आई है।
(गुरमीत हत्याकांड)
परिवार के बारे में सुनते ही दोस्त के सिर में मारी ईंट
2 अगस्त को घरौंडा की अनोखा कॉलोनी में नशेड़ी मोनू ने अपने घर में आए दोस्त तंदूर कारीगर गुरमीत (28) के सिर पर ईंट से वार करके हत्या कर दी थी। यह कदम उसने अपने परिवार के बारे में अपशब्द सुनने के बाद उठाया। आरोपी मोनू कहासुनी के दौरान अपनी दोस्ती भूल गया। रातभर उसका दोस्त के साथ झगड़ा हुआ। सुबह कमरे से शव बरामद हुआ। मोनू जेल जा चुका है।
बातचीत से सुलझाना चाहिए विवाद : एसपी
किसी भी बात पर हुए विवाद में संयम बरतने की जरूरत है। एकदम उठाया गया गलत कदम व्यक्ति को अपराधी बना देता है। सभ्य समाज का हिस्सा होने के नाते हमें विवादों को बातचीत से सुलझाना चाहिए। इस वर्ष हत्या के सामने आए 28 मामलों में 38 गिरफ्तारी हुई। अन्य आरोपियों को भी काबू करेंगे। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल।
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करनाल। गुस्सा और तनाव लोगों पर इतना हावी हो गया है कि वे किसी भी बात पर दूसरे को मारने या खुद मरने पर उतारू हो रहे हैं। हत्या या आत्महत्या की तात्कालिक वजह बहुत मामूली होने से मनोचिकित्सक का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को पूर्व से कोई बात कचोट रही होती है, जिससे वह इतना बड़ा कदम उठा लेता है।
अगस्त माह में हुई छह हत्या के मामलों में ऐसा ही सामने आया है। सभी में हत्यारोपी युवा हैं। जिनके मन में पुरानी किसी बात पर गुस्सा था और मामूली कहासुनी के दौरान उन्होंने दूसरे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि सभी मामलों में पुलिस की जांच अभी जारी है लेकिन प्राथमिक पूछताछ में तात्कालिक वजह मामूली कहासुनी ही सामने आई। दो माह में 25 लोगों के शव नहर से बरामद हुए, इनमें से 80 प्रतिशत मामलों में पुलिस की जांच में आत्महत्या करना आया है। इसके पीछे भी तनाव वजह बताई जा रही है।
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तनाव और गुस्से के कारण हटता है दिमाग से नियंत्रण : डॉ. सौभाग्य
नागरिक अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य कौशिक का कहना है कि लंबे समय तक दिमाग में कोई बात रहना ही झगड़े का कारण बनती है। किसी विवादित बात के दिमाग में घर कर जाने पर व्यक्ति का दिमाग से नियंत्रण हट जाता है तो वह गलत कदम उठाता है। कभी भी मतभेद या झगड़े पर एकदम ऐसा नहीं होता कि हम दूसरे को मारने दौड़ जाएं, ऐसी स्थिति बनने में लंबा समय लगता है। जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन और एंग्जाइटी में दो से छह माह तक गुजारता है, उसका इलाज या काउंसिलिंग नहीं होती तो मन में आत्महत्या के विचार आते हैं। फिर किसी विवाद पर व्यक्ति मरने या मारने पर उतर आता है। डिप्रेशन में दो सप्ताह में लक्षण सामने आने लगते हैं, काम से रुचि हटना, निराशा, परेशान रहना, नींद कम या ज्यादा आना, बात न करना या मिलना बंद करना व थकान महसूस होना इसके लक्षण हैं।
वर्ष
हत्या
गिरफ्तार
2025
28
38
2024
56
89
2023
62
86
अगस्त में छह चर्चित मामले
(रोहित हत्याकांड)
पुरानी कहासुनी पर गांव बुलाकर उतारा मौत के घाट
29 अगस्त को पुरानी बात पर हुई कहासुनी के बाद सीतामाई गांव के युवक रोहित (21) को सौंकड़ा बुला पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई प्रिंस की शिकायत पर पांच के खिलाफ केस दर्ज हुआ। सौंकड़ा निवासी इमरान, शुभम और प्रिंस को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी आशीश और हर्ष फरार हैं। प्रिंस का आरोप है कि इमरान के साथ रोहित की पहले कभी कहासुनी हुई थी, इसी को लेकर नशे में उसने हत्या कर दी।
(किसान दलसिंह हत्याकांड)
झगड़े पर युवक ने बुजुर्ग किसान के सिर में मारी रॉड
22 अगस्त को कहासुनी के दौरान गांव मोरमाजरा में खेत में ट्यूबवेल के कमरे के बाहर बैठे किसान दल सिंह (52) के सिर में गांव के ही मोनू उर्फ मोहित (30) ने रॉड मारकर हत्या कर दी थी। किसी बात को लेकर युवक तैश में आ गया था और उसने बुजुर्ग के सिर में वार कर दिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेल जा चुका है।
(सुमेर पाल हत्याकांड)
जमीन और प्रधानी की रंजिश में ले ली जान
20 अगस्त को प्लाॅट की खरीद पर विवाद और प्रधानी की रंजिश में गांव उपलाना के पाल समाज के प्रधान सुमेर चंद (51) की उन्हीं के समाज के 21 लोगों ने पीटकर हत्या की। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। मृतक के बेटे संदीप और भतीजे संजय का आरोप है कि आरोपी सुमेर चंद से प्रधान बनाने और उनके घर के सामने का प्लाॅट खरीदने को लेकर रंजिश रखते थे। यही रंजिश उनकी मौत का कारण बनीं।
(कुलसुम हत्याकांड)
निकाह की बात नहीं मानी तो भाई ने मार डाला
20 अगस्त को यूपी के बाबरी निवासी रेहान (26) ने निकाह की बात न मानने पर अपनी बहन कुलसुम (20) की हत्या कर उमरपुर गांव की झाड़ियों में शव फेंक दिया। हादसा दिखाने के लिए कैंटर से भी शव रौंदा था। पुलिस ने रेहान के अलावा चचेरे भाई फरमान को भी साजिश में शामिल होने पर गिरफ्तार किया है।
(शुभम हत्याकांड)
घर से ले जाकर दोस्तों ने सिर में मारा बाइक का रिम
8 अगस्त को बाइक ठीक कराने के बहाने घर से ले जाकर कोहड़ निवासी शुभम (35) को बसताड़ा के खेत में दोस्तों ने ही बाइक के रिम से वार करके हत्या कर दी थी। मामले में एक आरोपी नौरता निवासी विशाल को जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी मृतक का दोस्त गढ़ सरनाई निवासी अमन फरार है। कहासुनी पर ही हत्या हुई थी हालांकि असल वजह अभी सामने नहीं आई है।
(गुरमीत हत्याकांड)
परिवार के बारे में सुनते ही दोस्त के सिर में मारी ईंट
2 अगस्त को घरौंडा की अनोखा कॉलोनी में नशेड़ी मोनू ने अपने घर में आए दोस्त तंदूर कारीगर गुरमीत (28) के सिर पर ईंट से वार करके हत्या कर दी थी। यह कदम उसने अपने परिवार के बारे में अपशब्द सुनने के बाद उठाया। आरोपी मोनू कहासुनी के दौरान अपनी दोस्ती भूल गया। रातभर उसका दोस्त के साथ झगड़ा हुआ। सुबह कमरे से शव बरामद हुआ। मोनू जेल जा चुका है।
बातचीत से सुलझाना चाहिए विवाद : एसपी
किसी भी बात पर हुए विवाद में संयम बरतने की जरूरत है। एकदम उठाया गया गलत कदम व्यक्ति को अपराधी बना देता है। सभ्य समाज का हिस्सा होने के नाते हमें विवादों को बातचीत से सुलझाना चाहिए। इस वर्ष हत्या के सामने आए 28 मामलों में 38 गिरफ्तारी हुई। अन्य आरोपियों को भी काबू करेंगे। - गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल।

133.... सौभाग्य कौशिक, मनोरोग विशेषज्ञ