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Karnal News: इंतजार के बाद पोर्टल चला, पेपरलेस प्रक्रिया में तीन रजिस्ट्री
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक दिन के इंतजार के बाद नई प्रक्रिया से होने वाली पेपरलेस रजिस्ट्री का कार्य मंगलवार को शुरू हुआ। पोर्टल की अड़चन दूर होने के बाद मंगलवार सुबह से ही टोकन कटना शुरू हो गए थे। जिले में केवल करनाल और असंध तहसील में ही रजिस्ट्री हुईं। दोनों जगह कुल तीन लोगों ने प्रक्रिया को पूरा करने के बाद रजिस्ट्री कराईं। जिन लोगों की रजिस्ट्री पुरानी व्यवस्था के तहत होनी थी, वे अब ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गए हैं।
जिन कंप्यूटर ऑपरेटरों की रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया में ड्यूटी है, वे भी अभी नई प्रक्रिया से अनजान है। कुछ ऑपरेटर तो अपने साथियों से पूछ-पूछकर ऑनलाइन कॉलम पूरे कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं की गई। वहीं निदेशालय की ओर से एसओपी जारी की गई है, जिसको ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। विदित हो कि पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम सोमवार से शुरू हुआ लेकिन पहले ही दिन तकनीकी खामियों के कारण ठप रहा। नई प्रक्रिया का आधार बनने वाला पोर्टल ही अड़चन बना रहा, टोकन तक जारी नहीं हो पाए।
इससे रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि मंगलवार से पोर्टल ने काम करना शुरू किया। हालांकि रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या न के बराबर होने से तहसीलों में अधिकारी और कर्मचारी पूरा दिन खाली ही बैठे रहे। तहसील कार्यालय में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क की सीट पूरा दिन इसलिए खाली रही क्योंकि दोपहर बाद ही रजिस्ट्री कराने वाले तीनों आवेदक पहुंचे।
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करनाल जिले में रोजाना 250 के करीब रजिस्ट्री होती हैं। सोमवार को भी कई लोगों की रजिस्ट्री होनी थी लेकिन प्रक्रिया शुरू न होने के कारण वे बेरंग ही लौटने को मजबूर हुए। तो वहीं मंगलवार को नई प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने वाले लोग नहीं पहुंचे।
जटिल नहीं आसान है नई प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्री के लिए अब प्रक्रिया आसान होगी। निर्धारित प्रारूप में ही रजिस्ट्री के लिए जानकारी दर्ज करनी होगी। यहां दस्तावेज भी अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद यह जानकारी तहसील में अधिकारियों के पास पहुंचेगी। यहां स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित जमीन के खरीदार को स्टांप ड्यूटी जमा करानी होगी। इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार, व्यक्ति ऑनलाइन टोकन लेकर रजिस्ट्री की आगामी प्रक्रिया को पूरा कराएगा। तहसील में उसे केवल फोटो खिंचवाने के लिए ही आना होगा।
रजिस्ट्री कराने वाले नई प्रक्रिया में उलझे
इधर, स्थिति यह है कि जिन लोगों की रजिस्ट्री की फाइल 30 अक्तूबर तक पुरानी प्रक्रिया के तहत ही तैयार थी, उन्हें अब नए सिरे से पूरा प्रोसेस करना पड़ेगा। ऐसे में ये लोग उलझे हुए हैं और वसीका नवीसों के चक्कर काट रहे हैं। प्रेमनगर के शिवनंदन ने बताया कि उनकी रजिस्ट्री कराने की बात अपनी दूसरी पार्टी के साथ तीन नवंबर को तय हुई थी, वे अपने स्तर पर फाइल तैयार करा चुके थे लेकिन अब प्रक्रिया पेपरलेस रजिस्ट्री की हो चुकी है। ऐसे में नए सिरे से फाइल तैयार करा रहे हैं।
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नई प्रक्रिया कोई भी शुरू होती है तो शुरुआत में दिक्कत आती है। पोर्टल को अपडेट किया गया है। मंगलवार को दो टोकन जारी हुए, इसके बाद करनाल तहसील में रजिस्ट्री हुई हैं। आने वाले समय में लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। - राजेश खुराना, नायब तहसीलदार करनाल
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करनाल। एक दिन के इंतजार के बाद नई प्रक्रिया से होने वाली पेपरलेस रजिस्ट्री का कार्य मंगलवार को शुरू हुआ। पोर्टल की अड़चन दूर होने के बाद मंगलवार सुबह से ही टोकन कटना शुरू हो गए थे। जिले में केवल करनाल और असंध तहसील में ही रजिस्ट्री हुईं। दोनों जगह कुल तीन लोगों ने प्रक्रिया को पूरा करने के बाद रजिस्ट्री कराईं। जिन लोगों की रजिस्ट्री पुरानी व्यवस्था के तहत होनी थी, वे अब ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गए हैं।
जिन कंप्यूटर ऑपरेटरों की रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया में ड्यूटी है, वे भी अभी नई प्रक्रिया से अनजान है। कुछ ऑपरेटर तो अपने साथियों से पूछ-पूछकर ऑनलाइन कॉलम पूरे कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं की गई। वहीं निदेशालय की ओर से एसओपी जारी की गई है, जिसको ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। विदित हो कि पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम सोमवार से शुरू हुआ लेकिन पहले ही दिन तकनीकी खामियों के कारण ठप रहा। नई प्रक्रिया का आधार बनने वाला पोर्टल ही अड़चन बना रहा, टोकन तक जारी नहीं हो पाए।
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इससे रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि मंगलवार से पोर्टल ने काम करना शुरू किया। हालांकि रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या न के बराबर होने से तहसीलों में अधिकारी और कर्मचारी पूरा दिन खाली ही बैठे रहे। तहसील कार्यालय में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। तहसील में रजिस्ट्री क्लर्क की सीट पूरा दिन इसलिए खाली रही क्योंकि दोपहर बाद ही रजिस्ट्री कराने वाले तीनों आवेदक पहुंचे।
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करनाल जिले में रोजाना 250 के करीब रजिस्ट्री होती हैं। सोमवार को भी कई लोगों की रजिस्ट्री होनी थी लेकिन प्रक्रिया शुरू न होने के कारण वे बेरंग ही लौटने को मजबूर हुए। तो वहीं मंगलवार को नई प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्री कराने वाले लोग नहीं पहुंचे।
जटिल नहीं आसान है नई प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्री के लिए अब प्रक्रिया आसान होगी। निर्धारित प्रारूप में ही रजिस्ट्री के लिए जानकारी दर्ज करनी होगी। यहां दस्तावेज भी अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद यह जानकारी तहसील में अधिकारियों के पास पहुंचेगी। यहां स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित जमीन के खरीदार को स्टांप ड्यूटी जमा करानी होगी। इसके बाद अपनी सुविधा के अनुसार, व्यक्ति ऑनलाइन टोकन लेकर रजिस्ट्री की आगामी प्रक्रिया को पूरा कराएगा। तहसील में उसे केवल फोटो खिंचवाने के लिए ही आना होगा।
रजिस्ट्री कराने वाले नई प्रक्रिया में उलझे
इधर, स्थिति यह है कि जिन लोगों की रजिस्ट्री की फाइल 30 अक्तूबर तक पुरानी प्रक्रिया के तहत ही तैयार थी, उन्हें अब नए सिरे से पूरा प्रोसेस करना पड़ेगा। ऐसे में ये लोग उलझे हुए हैं और वसीका नवीसों के चक्कर काट रहे हैं। प्रेमनगर के शिवनंदन ने बताया कि उनकी रजिस्ट्री कराने की बात अपनी दूसरी पार्टी के साथ तीन नवंबर को तय हुई थी, वे अपने स्तर पर फाइल तैयार करा चुके थे लेकिन अब प्रक्रिया पेपरलेस रजिस्ट्री की हो चुकी है। ऐसे में नए सिरे से फाइल तैयार करा रहे हैं।
नई प्रक्रिया कोई भी शुरू होती है तो शुरुआत में दिक्कत आती है। पोर्टल को अपडेट किया गया है। मंगलवार को दो टोकन जारी हुए, इसके बाद करनाल तहसील में रजिस्ट्री हुई हैं। आने वाले समय में लोगों को कोई परेशानी नहीं आएगी। - राजेश खुराना, नायब तहसीलदार करनाल