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Kaithal News: फरल में स्कूल के बाहर जलभराव से पढ़ाई पर संकट
Wed, 27 Aug 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 27 Aug 2025 01:02 AM IST
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12 पूंडरी। फरल में दो दिनों से हो बरिश से स्कूल के बाहर खड़ा पानी व कीचड़। संवाद
- फोटो : mathura
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। फरल गांव व आसपास के क्षेत्रों की सैंकड़ों छात्राएं इन दिनों कीचड़ भरे पानी से जूझ रही हैं। फरल के पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचने से पहले छात्राओं को स्कूल गेट और गलियों में भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। गांव म्योली, खेड़ी मटरवा, जीतगढ़ और रावनहेड़ा से रोजाना आने वाली बेटियां मजबूरी में कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचती हैं। छात्राओं व अभिभावकों का कहना है कि फिसलकर गिरने का डर हमेशा बना रहता है। कई बार छात्राओं के कपड़े व बैग तक गंदे पानी से भीग जाते हैं, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीण मैनपाल आर्य, गोकूल राणा, अनिल राणा , बिरमपाल, भीम शर्मा का आरोप है कि बरसात के मौसम में जलभराव से निपटने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। गली-गलियारों में गंदगी और कीचड़ से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि स्कूल तक पहुंचने के लिए केवल छात्राओं ही नहीं बल्कि अध्यापिकाओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों की जिला प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द नाली निकासी और गली सुधार कार्य कराया जाए, ताकि बेटियां सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में पढ़ाई जारी रख सकें।
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पूंडरी। फरल गांव व आसपास के क्षेत्रों की सैंकड़ों छात्राएं इन दिनों कीचड़ भरे पानी से जूझ रही हैं। फरल के पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचने से पहले छात्राओं को स्कूल गेट और गलियों में भरे गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। गांव म्योली, खेड़ी मटरवा, जीतगढ़ और रावनहेड़ा से रोजाना आने वाली बेटियां मजबूरी में कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचती हैं। छात्राओं व अभिभावकों का कहना है कि फिसलकर गिरने का डर हमेशा बना रहता है। कई बार छात्राओं के कपड़े व बैग तक गंदे पानी से भीग जाते हैं, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीण मैनपाल आर्य, गोकूल राणा, अनिल राणा , बिरमपाल, भीम शर्मा का आरोप है कि बरसात के मौसम में जलभराव से निपटने की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है। गली-गलियारों में गंदगी और कीचड़ से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि स्कूल तक पहुंचने के लिए केवल छात्राओं ही नहीं बल्कि अध्यापिकाओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों की जिला प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द नाली निकासी और गली सुधार कार्य कराया जाए, ताकि बेटियां सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में पढ़ाई जारी रख सकें।
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