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पानी की किल्लत होगी दूर, बीस करोड़ से बढे़गी नहरी पानी के स्टोरेज टैंकों की क्षमता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:12 AM IST
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Water scarcity will be far away, capacity of canalized water storage tanks will increase by 20 million
शहर में गर्मियों के मौसम की शुरुआत में ही छाने वाले जल संकट से अब शहरवासियों को जल्द निजात मिलेगी। इस स्थिति से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने प्यौदा रोड स्थित अपने नहरी पानी के स्टोरेज टैंकों का विस्तार करने की योजना बनाई है। टैंकों की क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके एस्टीमेट बनाकर विभाग ने पंचकूला मुख्यालय को प्रेषित किए हैं। एस्टीमेट भेजने के साथ ही विभाग ने जल्द से जल्द इन्हें अप्रूव करने की भी मुख्यालय से अनुमति मांगी है। विभाग की इस योजना से शहर में लाखों की आबादी को लाभ होगा।
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फिलहाल नहरी पानी स्टोरेज टैंकों की साढ़े 33 एमएलडी की है क्षमता-शहर में प्यौदा रोड व मानस रोड पर बने जन स्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंकों में फिलहाल साढ़े 33 मिलियन लीटर पानी स्टोरेज करने की क्षमता है। इनमें से 20 एमएलडी वाले टैंक पैदा रोड पर हैं, जबकि साढ़े 13 की क्षमता वाले टैंक मानस रोड पर हैं। विभाग ने आगामी समय में इन टैंकों की स्टोरेज क्षमता को 60 एमएलडी तक बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है।
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इस समय प्रति व्यक्ति दिया जा रहा है 155 लीटर पानी-विभाग द्वारा शहर में इस समय प्रति व्यक्ति 155 लीटर पानी लोगों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें पानी के दैनिक प्रयोग के साथ-साथ उसकी वेस्टेज का भी ध्यान रखा गया है कि एक व्यक्ति कितने पानी का दिन में सही प्रयोग करता है और कितना व्यर्थ बहता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 155 लीटर में से इस समय करीब 20 लीटर पानी की वेस्टेज हो रही है।
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गर्मियों में मौसम में ज्यादातर पुराने शहर में नहरी पेयजल की किल्लत रहती है। इसका कारण ये है कि यहां पर ज्यादातर कॉलोनियां व मोहल्ले ऊंचे स्थान पर पड़ते हैं। विभाग द्वारा पानी सप्लाई के लिए जो समय निर्धारित किया गया है, उस समय तक नीचे स्तर वाली कॉलोनियों में तो पानी आसानी से पहुंच जाता है। जब तक इन कॉलोनियों में सप्लाई जाती है तब तक पानी बंद होने का समय हो जाता है।

जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन करणवीर सिंह ने बताया कि अगले तीन महीने में विभाग को भेजे गए एस्टीमेट मंजूर होने की प्रबल संभावना है। एस्टीमेट मंजूर होते ही बजट संबंधित व अन्य कार्रवाई की जाएगी। स्टोरेज बढ़ाने की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
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