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मंत्री ने की छापेमारी
ब्यूरो कैथल
Updated Sat, 02 Jul 2016 01:00 AM IST
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शिकायत पर पहुंचे मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जनस्वास्थ्य विभाग के राज्यमंत्री घनश्याम सर्राफ ने नाले के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किए जाने की सूचना पर छापेमार कार्रवाई की। मंत्री शाम के समय कैथल पहुंचे। जहां से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर मानस रोड पर बनाए जा रहे नाले के निर्माण स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने शिकायत अनुसार यहां नाला निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाई। प्रारंभिक तौर पर यहां कोरसेंट की जगह स्टोन डस्ट का प्रयोग पाया गया। जबकि स्टोन डस्ट कोरसेंट से दस रुपये सस्ता होता है। साथ ही सीमेंट का प्रयोग भी तय मात्रा से कम पाया गया। प्रारंभिक तौर पर पाया गया कि यहां नियमानुसार एक सीमेंट, डेढ़ बजरी व तीन कट्टे रेता के प्रयोग करने होते हैं, वहां पर 4 बजरी, 4 रेत व एक सीमेंट के कट्टे का प्रयोग किया जा रहा था। इसके बाद मंत्री ने अधिकारियों के माध्यम से 3 सेंपल भरवाए। जिनकी जांच के लिए विभाग में भेजा जाएगा।
इस अवसर पर मंत्री घनश्याम सर्राफ ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह के निर्माण कार्यों की जांच की जा रही है। कैथल में प्रारंभिक तौर पर निर्माण कार्य में गड़बड़ी पाई जा रही है। लेकिन यदि ऐसी गड़बड़ी पाई गई, जिससे लोगों का नुकसान हो, तो ऐसे ठेकेदार व अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि इस निर्माण कार्य में गड़बड़ी साबित होती है तो मामले की जांच विभाग की विजिलेंस द्वारा की जाएगी। इसके बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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उन्होंने शिकायत अनुसार यहां नाला निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाई। प्रारंभिक तौर पर यहां कोरसेंट की जगह स्टोन डस्ट का प्रयोग पाया गया। जबकि स्टोन डस्ट कोरसेंट से दस रुपये सस्ता होता है। साथ ही सीमेंट का प्रयोग भी तय मात्रा से कम पाया गया। प्रारंभिक तौर पर पाया गया कि यहां नियमानुसार एक सीमेंट, डेढ़ बजरी व तीन कट्टे रेता के प्रयोग करने होते हैं, वहां पर 4 बजरी, 4 रेत व एक सीमेंट के कट्टे का प्रयोग किया जा रहा था। इसके बाद मंत्री ने अधिकारियों के माध्यम से 3 सेंपल भरवाए। जिनकी जांच के लिए विभाग में भेजा जाएगा।
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इस अवसर पर मंत्री घनश्याम सर्राफ ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह के निर्माण कार्यों की जांच की जा रही है। कैथल में प्रारंभिक तौर पर निर्माण कार्य में गड़बड़ी पाई जा रही है। लेकिन यदि ऐसी गड़बड़ी पाई गई, जिससे लोगों का नुकसान हो, तो ऐसे ठेकेदार व अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि इस निर्माण कार्य में गड़बड़ी साबित होती है तो मामले की जांच विभाग की विजिलेंस द्वारा की जाएगी। इसके बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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