{"_id":"69a72ac256570389fd0aed4c","slug":"unveiling-of-the-statue-of-raja-road-near-kaul-bus-stand-kaithal-news-c-245-1-kht1007-145884-2026-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कौल बस स्टैंड के पास राजा रोड़ की प्रतिमा का अनावरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कौल बस स्टैंड के पास राजा रोड़ की प्रतिमा का अनावरण
Wed, 04 Mar 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
ग्राम कौल में राजा रोड़ चौक पर मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में मौजूद सदस्य ।
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। करनाल-पटियाला हाईवे पर कौल बस स्टैंड के समीप जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने राजा रोड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस कार्य में समस्त रोड़ समाज का सहयोग रहा। समारोह के
दौरान समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संबोधन में कर्मबीर कौल ने कहा कि रोड़ समाज का इतिहास हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी एक क्षत्रिय जाति के रूप में समृद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में यह समाज मुख्य रूप से सिंध प्रांत में केंद्रित था। रोड़ समुदाय का संबंध सिंधु घाटी सभ्यता तथा रोड़ वंश के शासकों से माना जाता है।
उन्होंने कहा कि रोड़ समाज के पूर्वज एक प्रसिद्ध राजा थे, जिनके नाम पर यह समुदाय ‘रोड़’ कहलाया। इतिहास में उल्लेख मिलता है कि रोड़ राजाओं का साम्राज्य 5वीं से 7वीं शताब्दी के दौरान सिंध से लेकर उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तृत था। इसके अतिरिक्त राजा बद्रसैन चौहान जैसे शासकों के नेतृत्व में रोड़ समाज के संघर्ष के प्रमाण भी इतिहास में दर्ज हैं, जिनमें बादली रियासत का इतिहास विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
विज्ञापन
कर्मबीर कौल ने कहा कि वर्तमान में रोड़ समाज की अधिकांश आबादी हरियाणा के करनाल जिले में निवास करती है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी इस समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति है। उन्होंने राजा रोड़ को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए आह्वान किया कि उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज की एकता और प्रगति के लिए मिलकर कार्य किया जाए। इस अवसर पर चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर, नरेश आढ़ती आदि समाज के लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
ढांड। करनाल-पटियाला हाईवे पर कौल बस स्टैंड के समीप जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने राजा रोड़ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस कार्य में समस्त रोड़ समाज का सहयोग रहा। समारोह के
दौरान समाज के प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संबोधन में कर्मबीर कौल ने कहा कि रोड़ समाज का इतिहास हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जुड़ी एक क्षत्रिय जाति के रूप में समृद्ध रहा है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में यह समाज मुख्य रूप से सिंध प्रांत में केंद्रित था। रोड़ समुदाय का संबंध सिंधु घाटी सभ्यता तथा रोड़ वंश के शासकों से माना जाता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रोड़ समाज के पूर्वज एक प्रसिद्ध राजा थे, जिनके नाम पर यह समुदाय ‘रोड़’ कहलाया। इतिहास में उल्लेख मिलता है कि रोड़ राजाओं का साम्राज्य 5वीं से 7वीं शताब्दी के दौरान सिंध से लेकर उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों तक विस्तृत था। इसके अतिरिक्त राजा बद्रसैन चौहान जैसे शासकों के नेतृत्व में रोड़ समाज के संघर्ष के प्रमाण भी इतिहास में दर्ज हैं, जिनमें बादली रियासत का इतिहास विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
विज्ञापन
कर्मबीर कौल ने कहा कि वर्तमान में रोड़ समाज की अधिकांश आबादी हरियाणा के करनाल जिले में निवास करती है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी इस समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति है। उन्होंने राजा रोड़ को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए आह्वान किया कि उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज की एकता और प्रगति के लिए मिलकर कार्य किया जाए। इस अवसर पर चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर, नरेश आढ़ती आदि समाज के लोग उपस्थित रहे।