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Kaithal News: संस्कृत विवि में दो नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू
Tue, 30 Jul 2024 04:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 30 Jul 2024 04:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। उच्चतर शिक्षा विभाग ने महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 से दो नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। अब विवि में हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा और श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाए हैं। इसके लिए 40 सीटें निर्धारित की हैं। इन दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षार्थी विश्वविद्यालय परिसर में जाकर 14 अगस्त 2024 तक नामांकन कर सकते है। प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विश्वविद्यालय की विद्वान परिषद की बैठक में इन दोनों डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को स्वीकृत कराकर इन पर प्रशिक्षण की व्यवस्था कर दी है। इसी सत्र से ही इन दोनों पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हिंदी व अंग्रेजी के अनुवादकों की है मांग ः अंग्रेजी व हिंदी अनुवाद में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भाषा अनुवादक राजभाषा अधिकारी और अनुवाद से संबंधित अन्य रोजगार के लिए नए अवसर प्रदान करना है दरअसल, सरकारी कार्यालयों में और अन्य लोक हित के संस्थानों में राजभाषा अधिकारी व अनुवादक के पद होता है जिसके लिए यह डिप्लोमा मान्य होगा। इसके साथ ही अन्य अनुवाद से संबंधित कार्यालयों, समाचार पत्रों, मीडिया संस्थानों, पब्लिकेशन संस्थाओं में भी अंग्रेजी-हिन्दी-अंग्रेजी के अनुवादकों की मांग रहती है। वहीं, श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन के अनेक सूत्र दिए गए हैं, जिन पर विश्वविद्यालय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाया है।
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गौरतलब है वर्तमान की भाग दौड़ एवं व्यस्तता भरी जीवनचर्या के कारण लोगों में तनाव एवं चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है, जिसके कारण सहनशीलता की कमी दिखाई देती है और परिवार भी टूटते हुए दिखाई देते हैं। जो लोग अपने व्यस्ततम जीवन को व्यवस्थित नहीं कर पाते। अक्सर उनमें यह समस्या बढ़ रही है। जीवन को परंपरागत और प्राकृतिक तरीके से व्यवस्थित करने के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा प्रारंभ किया गया है।
विश्वविद्यालय में अभी नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है । विश्वविद्यालय द्वारा व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं और योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है। इनके अतिरिक्त वेद, ज्योतिष, वैदिक गणित, वास्तु शास्त्र एवं कर्मकांड डिप्लोमा के पाठ्यक्रम भी संचालित हैं।
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कैथल। उच्चतर शिक्षा विभाग ने महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में सत्र 2024-25 से दो नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। अब विवि में हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा और श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाए हैं। इसके लिए 40 सीटें निर्धारित की हैं। इन दोनों ही पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षार्थी विश्वविद्यालय परिसर में जाकर 14 अगस्त 2024 तक नामांकन कर सकते है। प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विश्वविद्यालय की विद्वान परिषद की बैठक में इन दोनों डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को स्वीकृत कराकर इन पर प्रशिक्षण की व्यवस्था कर दी है। इसी सत्र से ही इन दोनों पाठ्यक्रमों में विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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हिंदी व अंग्रेजी के अनुवादकों की है मांग ः अंग्रेजी व हिंदी अनुवाद में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को भाषा अनुवादक राजभाषा अधिकारी और अनुवाद से संबंधित अन्य रोजगार के लिए नए अवसर प्रदान करना है दरअसल, सरकारी कार्यालयों में और अन्य लोक हित के संस्थानों में राजभाषा अधिकारी व अनुवादक के पद होता है जिसके लिए यह डिप्लोमा मान्य होगा। इसके साथ ही अन्य अनुवाद से संबंधित कार्यालयों, समाचार पत्रों, मीडिया संस्थानों, पब्लिकेशन संस्थाओं में भी अंग्रेजी-हिन्दी-अंग्रेजी के अनुवादकों की मांग रहती है। वहीं, श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन के अनेक सूत्र दिए गए हैं, जिन पर विश्वविद्यालय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाया है।
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गौरतलब है वर्तमान की भाग दौड़ एवं व्यस्तता भरी जीवनचर्या के कारण लोगों में तनाव एवं चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है, जिसके कारण सहनशीलता की कमी दिखाई देती है और परिवार भी टूटते हुए दिखाई देते हैं। जो लोग अपने व्यस्ततम जीवन को व्यवस्थित नहीं कर पाते। अक्सर उनमें यह समस्या बढ़ रही है। जीवन को परंपरागत और प्राकृतिक तरीके से व्यवस्थित करने के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत गीता में जीवन प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा प्रारंभ किया गया है।
विश्वविद्यालय में अभी नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही है । विश्वविद्यालय द्वारा व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष, दर्शन, धर्मशास्त्र, वेद विषयों से शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं और योग से बीए और एमए पाठ्यक्रम संचालित हैं साथ ही हिन्दू अध्ययन से एमए पाठ्यक्रम संचालित है। इनके अतिरिक्त वेद, ज्योतिष, वैदिक गणित, वास्तु शास्त्र एवं कर्मकांड डिप्लोमा के पाठ्यक्रम भी संचालित हैं।