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Kaithal News: स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं के अव्वल विद्यार्थी सम्मानित
Wed, 15 Nov 2023 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 15 Nov 2023 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में बाल दिवस पर जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया। इसमें बीते दिनों हुई स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
डीसी प्रशांत पंवार ने कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन से किया। उन्होंने कहा कि अध्यापक भी बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा डाटा रखें, ताकि बच्चों का विकास संपूर्ण तरीके से हो। जिला प्रशासन भी बच्चों के स्वास्थ्य टेस्ट समय-समय पर करवाते रहते हैं। बच्चों में एनीमिया नहीं होना चाहिए और इसकी पूरी जानकारी अध्यापकों द्वारा बच्चों को देनी चाहिए। बच्चों का स्वास्थ्य सही होगा तो वे पढ़ाई भी अच्छी तरह से कर पाएंगे। बच्चे समाचार पत्र जरूर पढ़े।
डीसी ने कहा कि बच्चे न सिर्फ हिंदुस्तान का, बल्कि इस दुनिया का भविष्य है। इन बच्चों को जितना हम मजबूत संस्कार, शिक्षा, अच्छा माहौल देंगे, उतना ही मजबूत दुनिया का भविष्य होगा। बच्चे हमारे देश की धरोहर हैं। बच्चों के विकास पर ही देश का विकास निर्भर है। बच्चों में आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का सही होना भी बहुत जरूरी है।
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कहा कि हमारी एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है कि हम कमजोर कड़ी को एकजुट होकर ऊपर उठाकर मजबूती प्रदान करेंगे। हरियाणा बाल परिषद अपनी सेवाएं देकर बेहतरीन कार्य कर रही है। यह परिषद 18 वर्ष तक के बच्चों ज्ञानवर्धक जैसे कि कंप्यूटर सेंटर, क्राफ्ट सेंटर, मॉडल डे केयर केंद्र, शिशु पालन केंद्र, बाल पुस्तकालय, प्रतिभा खोज कार्यक्रम कार्यों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम करती है। अनाथ बच्चों को आवासीय सुविधाएं भी प्रदान की जाती है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान ने गत दिनों आयोजित करवाई गई प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न स्कूली छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी। इस मौके पर डीसी प्रशांत पंवार ने बाल भवन परिसर में लगाई गई साइंस प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर एसडीएम कपिल कुमार, डीसीडब्ल्यूओ बलबीर चौहान, डीईओ रविंद्र कुमार, सुमित्रा देवी, ईओ कुलदीप मलिक, रामजी लाल, रणधीर श्योकंद, मनप्रीत भाटिया, मनोज चहल आदि मौजूद रहे।
बच्चों के चेहरे पर छाई मायूसी
पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता बच्चों को पुरस्कार देने का जैसे ही सिलसिला शुरू हुआ और नगराधीश ने कुछ बच्चों को पुरस्कार दिए, लेकिन उसके बाद सारा कार्यक्रम गड़बड़ा गया और अधिकतर बच्चों को बिना पुरस्कार के घर लौटना पड़ा। जिससे नन्हे मुन्ने बच्चों के चेहरे पर मायूसी छा गई। जिला बाल कल्याण अधिकारी ने मंच संचालक से माइक ले लिया औ कहना शुरू कर दिया कि जिन भी स्कूलों के विजेता बच्चे रह गए हैं, वह जल्दी से मंच पर आकर मात्र फोटो खिंचवा ले और वह अपने पुरस्कार वीरवार को बाल कल्याण के कार्यालय में आकर ले जाए। इस घोषणा से बच्चों में बेहद मायूसी छा गई। इसके अलावा कार्यक्रम में पूरी तरह से अव्यवस्था देखी गई। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां न होने के कारण अध्यापकों, परिजनों और अन्य मेहमानों को खड़े होना पड़ा। बच्चे पानी के लिए भटकते रहे।
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कैथल। बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन में बाल दिवस पर जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया। इसमें बीते दिनों हुई स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
डीसी प्रशांत पंवार ने कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन से किया। उन्होंने कहा कि अध्यापक भी बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा डाटा रखें, ताकि बच्चों का विकास संपूर्ण तरीके से हो। जिला प्रशासन भी बच्चों के स्वास्थ्य टेस्ट समय-समय पर करवाते रहते हैं। बच्चों में एनीमिया नहीं होना चाहिए और इसकी पूरी जानकारी अध्यापकों द्वारा बच्चों को देनी चाहिए। बच्चों का स्वास्थ्य सही होगा तो वे पढ़ाई भी अच्छी तरह से कर पाएंगे। बच्चे समाचार पत्र जरूर पढ़े।
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डीसी ने कहा कि बच्चे न सिर्फ हिंदुस्तान का, बल्कि इस दुनिया का भविष्य है। इन बच्चों को जितना हम मजबूत संस्कार, शिक्षा, अच्छा माहौल देंगे, उतना ही मजबूत दुनिया का भविष्य होगा। बच्चे हमारे देश की धरोहर हैं। बच्चों के विकास पर ही देश का विकास निर्भर है। बच्चों में आत्मविश्वास और स्वास्थ्य का सही होना भी बहुत जरूरी है।
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कहा कि हमारी एक सामूहिक जिम्मेदारी भी है कि हम कमजोर कड़ी को एकजुट होकर ऊपर उठाकर मजबूती प्रदान करेंगे। हरियाणा बाल परिषद अपनी सेवाएं देकर बेहतरीन कार्य कर रही है। यह परिषद 18 वर्ष तक के बच्चों ज्ञानवर्धक जैसे कि कंप्यूटर सेंटर, क्राफ्ट सेंटर, मॉडल डे केयर केंद्र, शिशु पालन केंद्र, बाल पुस्तकालय, प्रतिभा खोज कार्यक्रम कार्यों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम करती है। अनाथ बच्चों को आवासीय सुविधाएं भी प्रदान की जाती है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान ने गत दिनों आयोजित करवाई गई प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न स्कूली छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी। इस मौके पर डीसी प्रशांत पंवार ने बाल भवन परिसर में लगाई गई साइंस प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर एसडीएम कपिल कुमार, डीसीडब्ल्यूओ बलबीर चौहान, डीईओ रविंद्र कुमार, सुमित्रा देवी, ईओ कुलदीप मलिक, रामजी लाल, रणधीर श्योकंद, मनप्रीत भाटिया, मनोज चहल आदि मौजूद रहे।
बच्चों के चेहरे पर छाई मायूसी
पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता बच्चों को पुरस्कार देने का जैसे ही सिलसिला शुरू हुआ और नगराधीश ने कुछ बच्चों को पुरस्कार दिए, लेकिन उसके बाद सारा कार्यक्रम गड़बड़ा गया और अधिकतर बच्चों को बिना पुरस्कार के घर लौटना पड़ा। जिससे नन्हे मुन्ने बच्चों के चेहरे पर मायूसी छा गई। जिला बाल कल्याण अधिकारी ने मंच संचालक से माइक ले लिया औ कहना शुरू कर दिया कि जिन भी स्कूलों के विजेता बच्चे रह गए हैं, वह जल्दी से मंच पर आकर मात्र फोटो खिंचवा ले और वह अपने पुरस्कार वीरवार को बाल कल्याण के कार्यालय में आकर ले जाए। इस घोषणा से बच्चों में बेहद मायूसी छा गई। इसके अलावा कार्यक्रम में पूरी तरह से अव्यवस्था देखी गई। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां न होने के कारण अध्यापकों, परिजनों और अन्य मेहमानों को खड़े होना पड़ा। बच्चे पानी के लिए भटकते रहे।