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Kaithal News: अबकी हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी

Sat, 20 Sep 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 20 Sep 2025 01:30 AM IST
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This time, Mata Rani will come riding on an elephant.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/कलायत। 21 सितंबर 2025 को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस बार विशेष इसलिए है क्योंकि यह शारदीय नवरात्र और सर्वपितृ अमावस्या के संयोग में पड़ रहा है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से यह दुर्लभ योग अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

इस संयोग के बारे में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि आश्विन माह की अमावस्या तिथि पर पितर पक्ष समाप्त हो जाता है और इसके अगले दिन से देवी पक्ष की शुरुआत होती है। इस दिन ही शारदीय नवरात्र का घटस्थापन होता है और नवरात्र की विधिवत शुरुआत होती है। इस साल नवरात्र शुरू होने से ठीक पहले सूर्य ग्रहण लग रहा है।
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उन्होंने बताया कि ग्रहण को ज्योतिषशास्त्र में अशुभ माना जाता है। ग्रहण से पहले सूतक काल लगता है, जिसमें कोई शुभ कार्य करने की मनाही होती है। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल लागू नहीं होगा और नवरात्रि पर इसका प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा।
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पंडित शांडिल्य ने बताया कि इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर विराजमान होंगी, जो अत्यंत शुभ और सौभाग्यकारी माना जाता है। उन्होंने कहा कि घटस्थापना से पहले पूरे घर को गंगाजल से शुद्ध कर लें और स्नान के बाद शुद्ध मन से कलश स्थापना कर सकते हैं।

समाज और राजनीति पर संकेत ः सूर्य सत्ता और नेतृत्व का कारक है। ग्रहण से उसके प्रभाव में अस्थिरता, विवाद और राजनीतिक तनाव के संकेत मिल सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव, संघर्ष और आर्थिक मंदी की आशंका बनी रहेगी। समाज पर इसका असर यह होगा कि लोग मानसिक बेचैनी और असुरक्षा का अनुभव कर सकते हैं। नेत्र, हृदय और रक्त संबंधी बीमारियों में सावधानी बरतें। कॅरियर और निर्णयों में जल्दबाजी से बचें।


घटस्थापना मुहूर्त सुबह 05 बजकर 34 मिनट से

पंडित प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि 22 सितंबर को घटस्थापना मुहूर्त सुबह 05 बजकर 34 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 29 मिनट तक है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 14 मिनट से दोपहर 12 बजकर 02 मिनट तक है। इन योग में घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र की साधना इन ऊर्जाओं को दूर कर जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा लाती है।
ऐसे करें पूजा

22 सितंबर
मां शैलपुत्री की पूजा

23 सितंबर
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

24 सितंबर
मां चंद्रघंटा की पूजा

26 सितंबर
मां कूष्मांडा की पूजा

27 सितंबर
मां स्कंदमाता की पूजा

28 सितंबर
मां कात्यायनी की पूजा

29 सितंबर
मां कालरात्रि की पूजा

30 सितंबर
मां सिद्धिदात्री की पूजा

01 अक्तूबर
मां महागौरी की पूजा

02 अक्तूबर विजयदशमी (दशहरा)
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