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Kaithal News: आंधी में 179 बिजली के खंभे टूटे, 45 ट्रांसफार्मर खराब, 97 जगहों पर पेड़ गिरे
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जिले के कुतुबपुर रोड पर आंधी में टूटी राइस मिल की चिमनी। पाठक
- फोटो : 1
कैथल। वीरवार रात को आई तेज आंधी ने जिले की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण जिलेभर में 179 स्थानों पर बिजली के पोल टूट गए और करीब 45 ट्रांसफार्मर खराब हो गए। इससे निगम को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
इसके अलावा 97 स्थानों पर पेड़ गिरने और लगभग 200 स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने की शिकायतें सामने आईं। आंधी के कारण रात के समय कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली निगम के पास कुल 384 शिकायतें दर्ज हुईं। शहर और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग समय पर तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार हालात सामान्य करने के लिए 500 से अधिक कर्मचारी पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटे रहे।
रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही देर में आंधी ने जिले के कई हिस्सों में बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। बिजली के पोल गिरने और तार टूटने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। जिले के भगत सिंह काॅलोनी, डिफेंस काॅलोनी, जनकपुरी काॅलोनी, करनाल रोड, अंबाला रोड और सुभाष नगर सहित काफी जगह बिजली बाधित रही।
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राइस मिल की चिमनी टूटी
तेज आंधी का असर औद्योगिक क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कुतुबपुर रोड पर रोहिल फूड राइस मिल की ऊंची चिमनी ऊपर से टूट गई। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी टहनियां सड़कों पर गिर गईं जिससे देर रात तक यातायात भी प्रभावित रहा। देर रात हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दो दिन पहले तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। शनिवार को भी करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं।
बिजली खपत घट कर 75 लाख यूनिट आई
बिजली निगम के अनुसार कैथल जिले में करीब 3 लाख 74 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। जिले के 293 गांव बिजली नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इनमें से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति योजना लागू है। गर्मी के मौसम के कारण जिले में बिजली की मांग लगातार बनी हुई है। वीरवार को जिले में बिजली खपत करीब 75 लाख यूनिट के आसपास दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना रहा।
बिजली निगम के एसई सोमबीर भालोठिया ने बताया कि आंधी के बावजूद निगम की टीमों ने तेजी से काम करते हुए अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। जिन स्थानों पर पोल और ट्रांसफार्मर अधिक क्षतिग्रस्त हुए थे, वहां मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है।
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इसके अलावा 97 स्थानों पर पेड़ गिरने और लगभग 200 स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने की शिकायतें सामने आईं। आंधी के कारण रात के समय कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली निगम के पास कुल 384 शिकायतें दर्ज हुईं। शहर और ग्रामीण इलाकों में अलग-अलग समय पर तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार हालात सामान्य करने के लिए 500 से अधिक कर्मचारी पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटे रहे।
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रात करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही देर में आंधी ने जिले के कई हिस्सों में बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। बिजली के पोल गिरने और तार टूटने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। जिले के भगत सिंह काॅलोनी, डिफेंस काॅलोनी, जनकपुरी काॅलोनी, करनाल रोड, अंबाला रोड और सुभाष नगर सहित काफी जगह बिजली बाधित रही।
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राइस मिल की चिमनी टूटी
तेज आंधी का असर औद्योगिक क्षेत्रों में भी देखने को मिला। कुतुबपुर रोड पर रोहिल फूड राइस मिल की ऊंची चिमनी ऊपर से टूट गई। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कई स्थानों पर पेड़ और बड़ी टहनियां सड़कों पर गिर गईं जिससे देर रात तक यातायात भी प्रभावित रहा। देर रात हल्की बूंदाबांदी होने से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दो दिन पहले तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। शनिवार को भी करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलती रहीं।
बिजली खपत घट कर 75 लाख यूनिट आई
बिजली निगम के अनुसार कैथल जिले में करीब 3 लाख 74 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। जिले के 293 गांव बिजली नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इनमें से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति योजना लागू है। गर्मी के मौसम के कारण जिले में बिजली की मांग लगातार बनी हुई है। वीरवार को जिले में बिजली खपत करीब 75 लाख यूनिट के आसपास दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव बना रहा।
बिजली निगम के एसई सोमबीर भालोठिया ने बताया कि आंधी के बावजूद निगम की टीमों ने तेजी से काम करते हुए अधिकतर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। जिन स्थानों पर पोल और ट्रांसफार्मर अधिक क्षतिग्रस्त हुए थे, वहां मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है।

जिले के कुतुबपुर रोड पर आंधी में टूटी राइस मिल की चिमनी। पाठक- फोटो : 1

जिले के कुतुबपुर रोड पर आंधी में टूटी राइस मिल की चिमनी। पाठक- फोटो : 1