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Kaithal News: बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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कैथल। बुधवार सुबह हुई कुछ देर की बारिश ने किसानों की सांसें अटका दीं। गनीमत यह रही कि बारिश कुछ देर होने के बाद रुक गई। इसमें भी मंडी में पड़ी फसल भीग गई। उधर, गुहला-चीका और आसपास के गांवों में ओलावृष्टि से कई फसलों को भारी नुकसान हुआ।
दूसरी ओर मौसम विभाग ने दो दिन तक की आशंका जताई है। गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल माह में एक सप्ताह में ही मौसम के तेवर तीखे हो गए थे और तापमान लगातार आग उगल रहा है। मंगलवार रात के समय में 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली। इसके साथ ही आसमान में बादल छाए और बुधवार सुबह पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई।
तेज हवा और बादलों ने किसानों के गेहूं कटाई और सूखा चारा बनाने के कार्य में एक दिन की और देरी कर दी है। सुबह के समय हुई बूंदाबांदी से खेतों में नमी हो गई। जिसके कारण गेहूं कटाई का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो सका। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तब बारिश होने की संभावना है।
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गौरतलब है कि मौसम के बदले रुख से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वो आशंका जता रहे हैं कि वर्षा होने से उनकी तैयार गेहूं की फसल खराब हो सकती है। वहीं दूसरी ओर जिलेभर की मंडियां गेहूं से अटी पड़ी है। किसानों को गेहूं की फसलों को खुले में डालना पड़ रहा है। बुधवार को हुई बारिश से जो ढेरी अभी तक किसी कारण से नहीं खरीदी है उनमें बूंदाबांदी होने से नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे किसानों को भी गेहूं सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही उनकी गेहूं को खरीद एजेंसियां खरीदेगी।
किसान प्रदीप चहल, साहिल नरड़, महाबीर, रमेश कुमार, राममेहर व कृष्ण का कहना है कि इस समय गेहूं कटाई व सूखा चारा बनाने का सीजन जोरों पर है। अब बारिश होती है तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। पहले बरसात के कारण खराब हुई फसल की गिरदावरी कराकर अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
कृषि विभाग के उपनिदेश डॉ. कर्मचंद ने कहा कि बूंदाबांदी से गेहूं की तैयार फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। थोड़ी नमी आने से कटाई में एक दो दिन की देरी हो सकती है। अभी तक के मौसम के अनुसार गेहूं की फसल अच्छी है और दाने भी ठीक प्रकार से विकसित हुए हैं।
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दूसरी ओर मौसम विभाग ने दो दिन तक की आशंका जताई है। गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल माह में एक सप्ताह में ही मौसम के तेवर तीखे हो गए थे और तापमान लगातार आग उगल रहा है। मंगलवार रात के समय में 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली। इसके साथ ही आसमान में बादल छाए और बुधवार सुबह पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई।
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तेज हवा और बादलों ने किसानों के गेहूं कटाई और सूखा चारा बनाने के कार्य में एक दिन की और देरी कर दी है। सुबह के समय हुई बूंदाबांदी से खेतों में नमी हो गई। जिसके कारण गेहूं कटाई का कार्य सुचारू रूप से नहीं हो सका। बुधवार को जिले में अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तब बारिश होने की संभावना है।
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गौरतलब है कि मौसम के बदले रुख से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वो आशंका जता रहे हैं कि वर्षा होने से उनकी तैयार गेहूं की फसल खराब हो सकती है। वहीं दूसरी ओर जिलेभर की मंडियां गेहूं से अटी पड़ी है। किसानों को गेहूं की फसलों को खुले में डालना पड़ रहा है। बुधवार को हुई बारिश से जो ढेरी अभी तक किसी कारण से नहीं खरीदी है उनमें बूंदाबांदी होने से नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे किसानों को भी गेहूं सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही उनकी गेहूं को खरीद एजेंसियां खरीदेगी।
किसान प्रदीप चहल, साहिल नरड़, महाबीर, रमेश कुमार, राममेहर व कृष्ण का कहना है कि इस समय गेहूं कटाई व सूखा चारा बनाने का सीजन जोरों पर है। अब बारिश होती है तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। पहले बरसात के कारण खराब हुई फसल की गिरदावरी कराकर अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला है।
कृषि विभाग के उपनिदेश डॉ. कर्मचंद ने कहा कि बूंदाबांदी से गेहूं की तैयार फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। थोड़ी नमी आने से कटाई में एक दो दिन की देरी हो सकती है। अभी तक के मौसम के अनुसार गेहूं की फसल अच्छी है और दाने भी ठीक प्रकार से विकसित हुए हैं।