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Kaithal News: शहर के मुख्य चौराहों पर लाइटें खराब
Wed, 23 Apr 2025 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 23 Apr 2025 01:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के मुख्य चौराहों पर करीब 80 लाख रुपयों की लागत से लगाई लाइटें खराब हो चुकी हैं। शहर के चार चौक चौराहों पर 20-20 लाख रुपये की लागत से ये लाइटें लगाई गई थी। करीब डेढ़ साल से ये लाइटें खराब पड़ी हैं।
हालांकि इस संदर्भ में नगर परिषद अधिकारियों का दावा है लाइटों के चलने से चौक पर जाम की समस्या अधिक होती है। इसलिए ही इन लाइटों को बंद किया गया है। अब नगर परिषद इन लाइटों को ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रही है। गौरतलब है कि इन चौराहों में ढांड बाइपास चौक, नया बस स्टैंड चौक, पिहोवा चौक, पुराना जींद बाइसपास चौक शामिल हैं। यहां पर लाइटें न होने की वजह से राहगीरों को काफी दिक्कतें होती हैं।
पूर्व उपायुक्त प्रियंका सोनी ने भी कई बार नगर परिषद को लाइटों को दुरुस्त कराने के आदेश दिए पर नतीजा सिफर रहा। राहगीरों के मुताबिक, जब से लाइटें लगी हैं, वे करीब 10 बार खराब हो चुकी हैं। बावजूद इसके इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया।
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एक चौराहे पर करीब 20 लाख रुपये की लागत से लाइटें लगाई गई थी, लेकिन अब इनकी कोई संभाल नहीं की जा रही है। सरकार व प्रशासन की ओर से लोगों को कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
लोगों को बताया जा रहा है कि अगर नियमों का पालन नहीं किया तो चालान कटेगा। अब प्रशासन की ओर से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
नगर परिषद के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी रोजाना यहां से आते जाते हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। -सतीश कुमार, शहरवासी
ट्रैफिक लाइटों को ठीक करने के लिए कर्मचारियों को आदेश दिए हुए हैं। पहले जो कंपनी लाइटों को ठीक करती है। इसे पत्राचार किया गया है। जल्द ही सभी ट्रैफिक लाइटों को ठीक करवा दिया जाएगा। -रवि ओबरॉय, नगर परिषद के एक्सईएन
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कैथल। शहर के मुख्य चौराहों पर करीब 80 लाख रुपयों की लागत से लगाई लाइटें खराब हो चुकी हैं। शहर के चार चौक चौराहों पर 20-20 लाख रुपये की लागत से ये लाइटें लगाई गई थी। करीब डेढ़ साल से ये लाइटें खराब पड़ी हैं।
हालांकि इस संदर्भ में नगर परिषद अधिकारियों का दावा है लाइटों के चलने से चौक पर जाम की समस्या अधिक होती है। इसलिए ही इन लाइटों को बंद किया गया है। अब नगर परिषद इन लाइटों को ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रही है। गौरतलब है कि इन चौराहों में ढांड बाइपास चौक, नया बस स्टैंड चौक, पिहोवा चौक, पुराना जींद बाइसपास चौक शामिल हैं। यहां पर लाइटें न होने की वजह से राहगीरों को काफी दिक्कतें होती हैं।
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पूर्व उपायुक्त प्रियंका सोनी ने भी कई बार नगर परिषद को लाइटों को दुरुस्त कराने के आदेश दिए पर नतीजा सिफर रहा। राहगीरों के मुताबिक, जब से लाइटें लगी हैं, वे करीब 10 बार खराब हो चुकी हैं। बावजूद इसके इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया।
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एक चौराहे पर करीब 20 लाख रुपये की लागत से लाइटें लगाई गई थी, लेकिन अब इनकी कोई संभाल नहीं की जा रही है। सरकार व प्रशासन की ओर से लोगों को कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
लोगों को बताया जा रहा है कि अगर नियमों का पालन नहीं किया तो चालान कटेगा। अब प्रशासन की ओर से नियमों की अनदेखी की जा रही है।
नगर परिषद के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी रोजाना यहां से आते जाते हैं, लेकिन उसके बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। -सतीश कुमार, शहरवासी
ट्रैफिक लाइटों को ठीक करने के लिए कर्मचारियों को आदेश दिए हुए हैं। पहले जो कंपनी लाइटों को ठीक करती है। इसे पत्राचार किया गया है। जल्द ही सभी ट्रैफिक लाइटों को ठीक करवा दिया जाएगा। -रवि ओबरॉय, नगर परिषद के एक्सईएन