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Kaithal News: जनस्वास्थ्य विभाग के दावे को ठेंगा दिखा रही जलघर में फैली गंदगी

Mon, 12 Jan 2026 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Mon, 12 Jan 2026 01:42 AM IST
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The filth spread in the water tank defies the claims of the Public Health Department.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर में स्थित दो जलघरों से पूरे शहर को पानी की आपूर्ति की जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जलघरों की नियमित सफाई और देखरेख के लिए आठ कर्मचारी तैनात किए गए हैं तथा पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए चहारदीवारी भी बनाई गई है। बावजूद इसके शहर की कई कॉलोनियों में लोगों तक पीने योग्य पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे विभागीय दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रजनी कॉलोनी, प्रताप गेट, माता गेट और अर्जुन नगर सहित अन्य क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की आपूर्ति न होने की शिकायतें हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। हालात यह हैं कि लोग मजबूरी में निजी आरओ प्लांट से पानी खरीदकर पीने को विवश हैं।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में सीवरेज लीकेज की समस्या के कारण गंदा पानी गलियों में भर जाता है, जिससे नारकीय हालात बन जाते हैं। गंदा और बदबूदार पानी न केवल दैनिक उपयोग में बाधा बन रहा है, बल्कि इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
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नहरी पानी से जुड़ी सप्लाई, फिर भी समस्या बरकरार ः शहर में दो जलघर स्थापित हैं और नहरी पानी से सप्लाई को जोड़ा गया है। साफ-सफाई और देखरेख के लिए कुल आठ कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जलघरों में पशुओं की एंट्री रोकने के लिए चारदीवारी भी की गई है। इसके बावजूद रजनी कॉलोनी, अर्जुन नगर और प्रताप गेट क्षेत्र में सप्लाई होने वाला पानी अक्सर रेतीला और मटमैला आ रहा है।

शहर में प्रतिदिन 47 ट्यूबवेलों के माध्यम से दो समय में करीब 53 मिलियन लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। प्योदा रोड पर बनाए गए पांच वॉटर स्टोरेज टैंक में पानी लगभग एक माह तक स्टोर रहता है। बावजूद इसके लोगों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पा रहा।

लोगों का कहना है कि निजी आरओ प्लांट से पानी खरीदना उनकी मजबूरी बन गया है। एक निजी आरओ प्लांट से 170 रुपये प्रति माह में प्रतिदिन 10 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे लोग पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

घरों में आने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। पानी से बदबू आती है और बीच-बीच में रेतीला पानी सप्लाई होता है, जिसका कोई उपयोग नहीं किया जा सकता। विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। -प्रियांश, अर्जुन नगर
पानी में शोरा की मात्रा अधिक रहती है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। कई बार पानी इतना मटमैला होता है कि स्नान करने तक के लायक नहीं रहता, पीने की तो बात ही नहीं है। -अक्षय

रजनी कॉलोनी में अक्सर गंदा पानी आता है, जो पीने लायक नहीं होता। लोगों को घरों में आरओ लगवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -डॉ. डॉ. रामेश्वर


शहर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को लेकर विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जहां भी किसी प्रकार की समस्या सामने आती है, उसके संज्ञान में आते ही समाधान कराया जाता है।

-गोपाल वैद, एसडीओ-जनस्वास्थ्य विभाग
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