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रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटा, नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टरों से हटा दी मिट्टी
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रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटा, नेशनल हाईवे पर ट्रैक्टरों से हटा दी मिट्टी
अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने ग्रामीण
फोटो संख्या : 39 व 40
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड (कैथल)। नेशनल हाईवे 152-डी पर रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पबनावा व अन्यद गांवों के ग्रामीणों का नौवें दिन सब्र का बांध टूट ही गया। भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने बताया कि रविवार शाम को मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों से रास्ता खोलने के लिए सहयोग की अपील की गई। ग्रामीण अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर सुबह के समय धरना स्थल पर एकत्रित हो गए और ट्रैक्टरों से मिट्टी हटाने में जुट गए। ग्रामीण दिन भी ट्रैक्टरों के साथ मिट्टी को साइड में हटाकर रास्ता खोलने में लगे रहे।
लगभग पौने तीन बजे एसडीएम संजय कुमार, डीएसपी रविंद्र सांगवान, नायब तहसीलदार ढांड गौरव शर्मा व ढांड थाना प्रभारी जय भगवान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाने के काम को रोककर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे। एसडीएम ने ग्रामीणों को कहा कि वे धरना समाप्त करके घर चले जाएं। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में जवाब दिया कि जब तक रास्ता खाली नहीं हो जाता, वे यहीं पर डटे रहेंगे। एसडीएम ने हाइवे का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों से बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि वे यहां से मिट्टी नहीं हटा सकते। इस पर ग्रामीण भड़क गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। बात नहीं बनती देख एसडीएम सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी वहां से चले गए। उसके बाद ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर लगाकर फिर से मिट्टी हटाना शुरू कर दिया।
ग्रामीण नसीब सिंह, मा. रमेश कुमार, भूराराम, बाबू राम, महेंद्र सिंह, रामकुमार व कर्म सिंह ने कहा कि जब तक रास्ता खुल नहीं जाता, तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे। रास्ता खुलते ही धरना समाप्त कर यहां से चले जाएंगे।
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एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों को काफी समझाया कि रास्ता खाली करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखकर भेज दिया गया है। प्रशासनिक कार्यों में समय लगता है, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हैं।
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अधिकारियों के समझाने पर भी नहीं माने ग्रामीण
फोटो संख्या : 39 व 40
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड (कैथल)। नेशनल हाईवे 152-डी पर रास्ता खुलवाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे पबनावा व अन्यद गांवों के ग्रामीणों का नौवें दिन सब्र का बांध टूट ही गया। भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा ने बताया कि रविवार शाम को मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों से रास्ता खोलने के लिए सहयोग की अपील की गई। ग्रामीण अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर सुबह के समय धरना स्थल पर एकत्रित हो गए और ट्रैक्टरों से मिट्टी हटाने में जुट गए। ग्रामीण दिन भी ट्रैक्टरों के साथ मिट्टी को साइड में हटाकर रास्ता खोलने में लगे रहे।
लगभग पौने तीन बजे एसडीएम संजय कुमार, डीएसपी रविंद्र सांगवान, नायब तहसीलदार ढांड गौरव शर्मा व ढांड थाना प्रभारी जय भगवान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मिट्टी हटाने के काम को रोककर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगे। एसडीएम ने ग्रामीणों को कहा कि वे धरना समाप्त करके घर चले जाएं। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में जवाब दिया कि जब तक रास्ता खाली नहीं हो जाता, वे यहीं पर डटे रहेंगे। एसडीएम ने हाइवे का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों से बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि वे यहां से मिट्टी नहीं हटा सकते। इस पर ग्रामीण भड़क गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। बात नहीं बनती देख एसडीएम सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारी वहां से चले गए। उसके बाद ग्रामीणों ने अपने ट्रैक्टर लगाकर फिर से मिट्टी हटाना शुरू कर दिया।
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ग्रामीण नसीब सिंह, मा. रमेश कुमार, भूराराम, बाबू राम, महेंद्र सिंह, रामकुमार व कर्म सिंह ने कहा कि जब तक रास्ता खुल नहीं जाता, तब तक वे यहीं बैठे रहेंगे। रास्ता खुलते ही धरना समाप्त कर यहां से चले जाएंगे।
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एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों को काफी समझाया कि रास्ता खाली करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखकर भेज दिया गया है। प्रशासनिक कार्यों में समय लगता है, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हैं।