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Kaithal News: विवि का औचक निरीक्षण करने वाली कमेटी ने सीएम हाउस में भेजी रिपोर्ट

Tue, 17 Dec 2024 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 17 Dec 2024 01:25 AM IST
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The committee that conducted surprise inspection of the university sent its report to CM House.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। मूंदड़ी गांव में बन रहे महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय भवन के निर्माण में रही देरी के मामले में औचक निरीक्षण करने वाली टीम ने अब अपनी रिपोर्ट सीएम हाउस में भेज दी है। इस रिपोर्ट में भी कमेटी ने विवि में सबसे पहले मूलभूत सुविधाएं देने की बात रखी है। इसके साथ ही एक साथ बजट का प्रावधान करने की भी सिफारिश की है।

रिपोर्ट में सरकार के पास जानकारी भेजी गई है कि विवि में जाने के लिए न तो मुख्य मार्ग से रास्ता है और न ही यहां पानी, बिजली और सीवरेज व्यवस्था का स्थायी प्रबंध है।
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कमेटी ने सरकार से इन सभी मूलभूत सुविधाएं देने की मांग सरकार से की है। इस समय संस्कृत विवि में महज 25 से 30 प्रतिशत तक ही निर्माण कार्य पूरा हुआ है। यह निर्माण कार्य काफी ढीली गति से चल रहा है। इस कारण से ही निर्माण कार्य में देरी हो पा रही है। गौरतलब है कि करीब 15 दिन पहले ही सीएम हाउस के आदेशों पर दो सदस्यीय टीम ने विवि का निरीक्षण किया था।
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इस कमेटी में भाजपा के वरिष्ठ नेता रविभूषण गर्ग और श्याम सुंदर शामिल थे। इस निरीक्षण विवि परिसर में हो रहे निर्माण की देरी के कारण जाने गए थे। वहीं, कमेटी ने विवि के परिसर का निर्माण पूरा करने के लिए विवि प्रशासन को 181 करोड़ रुपये की राशि एकमुश्त देने की वकालत भी की है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में मूंदड़ी में भगवान वाल्मीकि के नाम से प्रदेश का पहला महर्षि संस्कृत विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। विवि की निर्माण कार्य की प्रक्रिया के तहत अभी तक 100 करोड़ रुपये की राशि आई है। इसमें से 43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है जबकि अन्य 57 करोड़ रुपये की राशि अभी खर्च की जा रही है।

घोषणा के दो वर्ष बाद अगस्त 2018 में इसका भूमि पूजन हुआ और निर्माण जनवरी 2024 में यानी भूमि पूजन के छह साल बाद शुरु हुआ। इस दौरान दो कुलपति बदल गए, लेकिन भवन का निर्माण तीसरे कुलपति के कार्यकाल में शुरू हो सका।

संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर के बीचोबीच कैथल ड्रेन गुजर रही है। इसने विवि को दो भागो में बांट दिया है। एक भाग जो खेतों की तरफ है उसमें अकादमिक और प्रशासनिक भवन बनने हैं। वहीं, दूसरी तरफ लड़कों और लड़कियों के हाॅस्टल बनाए जाने हैं।

ड्रेन की लगभग सवा किलोमीटर की पटरी के साथ करनाल रोड तक सड़क भी बनाई जाएगी, जिसका बजट 11 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा ड्रेन के ऊपर ब्रिज भी बनाया जाएगा जो दोनों हिस्सों को जोड़ेगा।

हाईकोर्ट तक पहुंचा था विवि में नौकरी का मामला

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय शुरू होने के बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर चहेते को नौकरी देने के आरोप लगे थे। उसके बाद असिस्टेंट रजिस्ट्रार व डिप्टी रजिस्ट्रार की भर्ती का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया, जिस कारण लिखित परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। 2020 में एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती निकली तो उसमें भी प्रक्रिया पूरी किए बिना नियुक्ति देने के आरोप लगे व मामला हाई कोर्ट पहुंच गया था।



महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय भवन के निर्माण को लेकर निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के बाद अब अपनी रिपोर्ट सीएम हाउस में भेज दी है। इस रिपोर्ट में विवि भवन के निर्माण में तेजी लाने के लिए सरकार से एकमुश्त बजट की मांग की है। उम्मीद है कि सरकार उनकी रिपोर्ट पर गौर फरमाएगी और इस काम में तेजी लाएगी। - रविभूषण गर्ग, टीम सदस्य।


शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण कार्य चल रहा है। सरकार से 181 करोड़ के बजट की मांग की हुई है। विवि में कार्यों के लिए अलग-अलग टेंडर लग रहे हैं, जिसका प्रभाव कार्य की गति पर भी पड़ता है। इसके साथ ही एक और डीपीआर तैयार की गई है। इसमें बजट की मांग की गई है। अब परिसर में भवन निर्माण कार्य में गति लाई जाएगी।- प्रो. रमेशचंद्र भारद्वाज, कुलपति, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, मूंदड़ी, कैथल।
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