फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Teacher said: Online education is not effective for children

शिक्षक बोले-ऑनलाइन शिक्षा बच्चों के लिए नहीं प्रभावशाली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jan 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Teacher said: Online education is not effective for children
कैथल। कोरोना के कारण सभी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई तो जारी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बच्चे पूरे उपकरण न होने की वजह से शिक्षा से वंचित रह रहे हैं। संवाद कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों से बातचीत की गई। जिसमें शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा बच्चों के लिए ज्यादा प्रभावशाली सिद्ध नहीं हो रही है।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अधिकांश बच्चों के पास ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए स्मार्टफोन भी नहीं है।
शिक्षिका सीमा ने बताया कि कोविड-19 के चलते प्रत्येक स्कूल के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है। जिसके चलते बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं, जिनके पास आर्थिक अभाव के कारण स्मार्टफोन नहीं है। जिनके पास फोन है तो वह अभिभावक सुबह मजदूरी करने के लिए निकल जाते हैं। वह शाम को घर आते हैं, जिससे कि गरीब परिवारों के बच्चों पर ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को बहुत गहरा आघात पहुंचा है। कुछ बच्चों के माता-पिता अनपढ़ होने के कारण उनके बच्चे फोन तो ले लेते हैं, मगर पढ़ाई न कर गेम खेलते रहते हैं। जिससे उनका शिक्षा का स्तर नीचे गिरता जा रहा है।
विज्ञापन

शिक्षक गुरदीप सिंह ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा प्रभावशाली सिद्ध नहीं हो रही है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन का उपलब्ध न होना भी है। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को एक शिक्षक जिस ढंग से अर्थात बच्चों की व्यक्तिगत समस्याओं को जानकर कक्षा कक्ष में पढ़ा सकता है, वैसे ऑनलाइन माध्यम से नहीं। सब शिक्षक फिर भी प्रयासरत हैं। बच्चों का शिक्षा में स्तर ऊंचा उठाने का प्रयास कर रहें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गणित के अध्यापक सुशील फतेहपुर ने बताया कि कोविड के कारण स्कूल बंद हैं और बच्चों को घर पर ही रहना है। इसके अलावा बच्चों को पढ़ाने का दूसरा विकल्प नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाने से बच्चे शिक्षा से जुड़े रहते हैं। यदि यह विकल्प न हो तो बच्चों को पढ़ाई के लिए और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखना ही ऑनलाइन पढ़ाई एकमात्र विकल्प है। वैसे इसे नकारात्मक प्रभाव भी बच्चों पर पड़ते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed