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Kaithal News: टैंकों की नहीं हो रही सफाई, दुर्गंध युक्त मटमैला पानी पीने की मजबूरी

Tue, 13 Jan 2026 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 13 Jan 2026 01:34 AM IST
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Tanks are not being cleaned, forcing people to drink foul-smelling muddy water.
संवाद न्यूज, एजेंसी
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कैथल। प्योदा रोड स्थित पानी के टैंकों की समय पर सफाई नहीं हो रही है। इस कारण कॉलोनियों में लोग मटमैला और दुर्गंधयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर की कई कॉलोनियों में यही पानी सप्लाई होता है, जिससे साफ पानी की स्थिति पर सवाल उठता है।

गंदा पानी पीने से लोग पीलिया और डायरिया जैसी खतरनाक बीमारियों के जोखिम में हैं। दूसरी ओर शहर में कई जगह पाइप लाइन लीकेज है, जिससे घरों में रेतीला पानी पहुंच रहा है।
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शहरवासियों का कहना है कि अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत योजना) के तहत शहर में पाइप लाइन डाली गई थी, जिसमें लगभग 34.35 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन पानी अब भी साफ नहीं पहुंच पा रहा। विभाग और अधिकारियों को बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं मिल रहा। अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के बाद 5,180 कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन धरातल पर गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। अर्जुन नगर में ट्यूबवेलों का पानी पीने लायक नहीं है लेकिन सैंपलिंग के नाम पर मात्र खानापूर्ति हो रही है। कई बार काला और बदबूदार पानी आता है। नहरी पानी भी साफ नहीं है।
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पीलिया और डायरिया के लोग हैं शिकार : राजू

मलिकनगर, सुभाष नगर, वैष्णों कॉलोनी, हरसौला बस्ती और राधा स्वामी कॉलोनी में 600 से अधिक टीडीएस वाला पानी सप्लाई हो रहा है। इससे शहरवासी पीलिया और डायरिया जैसी घातक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। विभाग के अनुसार 500 से कम टीडीएस वाला पानी पीने के लिए सुरक्षित है।

तीन महीने में आरओ के फिल्टर खराब हो जाते ः राजेश कुमार

राजेश कुमार ने बताया कि भगत सिंह कॉलोनी में पानी का टीडीएस 1146 है। खारा पानी पीने के कारण आरओ के फील्टर तीन महीने में खराब हो जाते हैं। अकसर 600 से अधिक टीडीएस वाला पानी सप्लाई होता है। नहरी पानी भी गंदगी युक्त मिलता है। पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज हैं।

प्रताप गेट पर जगह-जगह पानी सप्लाई लाइन टूटी हुई है। पाइप लीकेज के कारण नलों में सड़क किनारे बने नालों का पानी भी जा रहा है। नई लाइनें नहीं बिछाई जा रही हैं। कई बार नलों में काला पानी आता है। -संदीप कुमार

भगत सिंह कॉलोनी में पानी का टीडीएस 1146 है। खारा पानी पीने के कारण आरओ के फील्टर तीन महीने में खराब हो जाते हैं। अकसर 600 से अधिक टीडीएस वाला पानी सप्लाई होता है। -राजेश कुमार


अर्जुन नगर में ट्यूबवेलों का पानी पीने लायक नहीं है। टीडीएस की मात्रा 830 तक है। खारा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। रेतीला पानी घरों में आता है। -रवि कुमार

पुरानी पाइप लाइनों को बदला जा रहा है, लीकेज ठीक की जा रही है, और समय-समय पर टैंकों की सफाई करवाई जाती है। -गोपाल वैद, एसडीओ-जनस्वास्थ्य विभाग
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