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Kaithal News: स्वामी सोमानंद बोले- जैसा खाएंगे अन्न वैसा होगा मन
Sun, 26 Oct 2025 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 26 Oct 2025 12:24 AM IST
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प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देती एसपी उपासना यादव। संवाद
- फोटो : poni news
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। डीएवी पब्लिक स्कूल पूंडरी में वैदिक संस्कार पुण्यमास के अंतर्गत शनिवार को आर्य जगत के प्रसिद्ध संन्यासी स्वामी सोमानंद सरस्वती को आमंत्रित किया गया। अपने संबोधन में स्वामी सोमानंद ने बच्चों को संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, जैसा खाएंगे अन्न, वैसा होगा मन।
इससे पूर्व कार्यक्रम आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा हरियाणा के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या साधना बख्शी ने की। स्वागत अवसर पर प्राचार्या बख्शी ने स्वामी सोमानंद सरस्वती को गायत्री पटका पहनाकर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में स्वामी सोमानंद ने बच्चों को संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “जैसा खाए अन्न, वैसा हो मन।” उन्होंने बताया कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए; अच्छा आहार होने पर हमारा मन और व्यवहार भी अच्छा रहेगा।
स्वामी ने माता-पिता और गुरु के प्रति आदर और सम्मान बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि हमें उनकी बातों का पालन करना चाहिए, क्योंकि वे हमारी भलाई के लिए सोचते हैं। उन्होंने समय निकालकर स्वामी दयानंद सरस्वती के ग्रंथों का अध्ययन करने की भी सलाह दी।
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कार्यक्रम में प्राचार्या साधना बख्शी ने बच्चों से अपील की कि वे स्वामी सोमानंद सरस्वती के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने बताया कि सात्विक आहार अपनाने से अनेक असाध्य रोगों से बचाव संभव है, क्योंकि पहला सुख निरोगी काया है।
इस अवसर पर आचार्य रवींद्र कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम 29 अक्टूबर तक चलेगा। कार्यक्रम में आर्य जगत के विद्वान प्रमोद आचार्य (हिसार) और भजनोपदेशक जयपाल आर्य (कुरुक्षेत्र) को भी आमंत्रित किया गया।
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पूंडरी। डीएवी पब्लिक स्कूल पूंडरी में वैदिक संस्कार पुण्यमास के अंतर्गत शनिवार को आर्य जगत के प्रसिद्ध संन्यासी स्वामी सोमानंद सरस्वती को आमंत्रित किया गया। अपने संबोधन में स्वामी सोमानंद ने बच्चों को संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, जैसा खाएंगे अन्न, वैसा होगा मन।
इससे पूर्व कार्यक्रम आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा हरियाणा के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या साधना बख्शी ने की। स्वागत अवसर पर प्राचार्या बख्शी ने स्वामी सोमानंद सरस्वती को गायत्री पटका पहनाकर सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में स्वामी सोमानंद ने बच्चों को संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “जैसा खाए अन्न, वैसा हो मन।” उन्होंने बताया कि हमारा भोजन सात्विक होना चाहिए
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स्वामी ने माता-पिता और गुरु के प्रति आदर और सम्मान बनाए रखने का संदेश देते हुए कहा कि हमें उनकी बातों का पालन करना चाहिए, क्योंकि वे हमारी भलाई के लिए सोचते हैं। उन्होंने समय निकालकर स्वामी दयानंद सरस्वती के ग्रंथों का अध्ययन करने की भी सलाह दी।
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कार्यक्रम में प्राचार्या साधना बख्शी ने बच्चों से अपील की कि वे स्वामी सोमानंद सरस्वती के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने बताया कि सात्विक आहार अपनाने से अनेक असाध्य रोगों से बचाव संभव है, क्योंकि पहला सुख निरोगी काया है।
इस अवसर पर आचार्य रवींद्र कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम 29 अक्टूबर तक चलेगा। कार्यक्रम में आर्य जगत के विद्वान प्रमोद आचार्य (हिसार) और भजनोपदेशक जयपाल आर्य (कुरुक्षेत्र) को भी आमंत्रित किया गया।