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Kaithal News: खेल नर्सरियों और स्टेडियमों में कराया गया सूर्य नमस्कार
Wed, 21 Jan 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:09 AM IST
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खेल नर्सरी में सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते साधक।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की सभी खेल नर्सरियों एवं खेल स्टेडियमों में सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जो 21 जनवरी तक चलेंगे। मंगलवार को चौशाला, हरसोला, कमालपुर, भागल खेल नर्सरियों सहित कैथल स्थित सर छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम, रोहेड़ा की कबड्डी खेल नर्सरी, क्योड़क खेल स्टेडियम, पबनावा खेल स्टेडियम, बाबू अनंत राम खेल नर्सरी कौल तथा खेल नर्सरी ग्योंग में प्रशिक्षण शिविर लगाए गए।
इन शिविरों में खिलाड़ियों और बच्चों को सूर्य नमस्कार से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। लगभग 2500 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। सर छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी राज रानी उपस्थित रहीं।
शिविर को सफल बनाने में कोच गुरमीत, देवेंद्र, प्रशांत, अमरजीत, रोहतास, जोगिंदर एवं रीटा सहित खेलकूद स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। आयुष योग विभाग से आए योग सहायकों संदीप सिंह, संजू आर्य, सतीश कुमार, कनिका, सुनील, राममेहर, रेखा देवी,
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राजकुमार, विजय कुमार और सुखदेव ने बच्चों को सूर्य नमस्कार का सही विधि से अभ्यास करवाया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि सूर्य नमस्कार खिलाड़ियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली और संपूर्ण शारीरिक व मानसिक व्यायाम है। यह शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ ताकत, स्टैमिना और एकाग्रता बढ़ाकर खेल प्रदर्शन में सुधार करता है। उन्होंने बताया कि शोध के अनुसार नियमित सूर्य नमस्कार से फुटबॉल जैसे खेलों में खिलाड़ियों की चपलता और गति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार श्वास-प्रश्वास के साथ किया जाता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और रक्त में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। 12 जनवरी से 12 फरवरी तक चल रहे सूर्य नमस्कार अभियान के तहत विभिन्न विभागों में योग सहायकों के माध्यम से इस प्रकार के योग प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों का उद्देश्य खिलाड़ियों एवं बच्चों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है।
सूर्य नमस्कार को जानें...
सूर्य नमस्कार योग की एक पूर्ण और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें 12 क्रमबद्ध आसनों को सांस के साथ किया जाता है। यह शरीर, मन और ऊर्जा—तीनों पर एक साथ काम करता है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है सूर्य को नमस्कार—यानी जीवन, ऊर्जा और प्रकाश के स्रोत के प्रति कृतज्ञता। सूर्य नमस्कार के 12 आसन निम्न हैं ः-
n प्रणामासन
n
हस्त उत्तानासन
n पादहस्तासन
n
अश्व संचलनासन
n दंडासन
n
अष्टांग नमस्कार
n
भुजंगासन
n दंडासन
n
अश्व संचलनासन
n पादहस्तासन
n
हस्त उत्तानासन
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कैथल। जिले की सभी खेल नर्सरियों एवं खेल स्टेडियमों में सूर्य नमस्कार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जो 21 जनवरी तक चलेंगे। मंगलवार को चौशाला, हरसोला, कमालपुर, भागल खेल नर्सरियों सहित कैथल स्थित सर छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम, रोहेड़ा की कबड्डी खेल नर्सरी, क्योड़क खेल स्टेडियम, पबनावा खेल स्टेडियम, बाबू अनंत राम खेल नर्सरी कौल तथा खेल नर्सरी ग्योंग में प्रशिक्षण शिविर लगाए गए।
इन शिविरों में खिलाड़ियों और बच्चों को सूर्य नमस्कार से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। लगभग 2500 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। सर छोटू राम इंडोर खेल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी राज रानी उपस्थित रहीं।
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शिविर को सफल बनाने में कोच गुरमीत, देवेंद्र, प्रशांत, अमरजीत, रोहतास, जोगिंदर एवं रीटा सहित खेलकूद स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। आयुष योग विभाग से आए योग सहायकों संदीप सिंह, संजू आर्य, सतीश कुमार, कनिका, सुनील, राममेहर, रेखा देवी,
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राजकुमार, विजय कुमार और सुखदेव ने बच्चों को सूर्य नमस्कार का सही विधि से अभ्यास करवाया।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि सूर्य नमस्कार खिलाड़ियों के लिए अत्यंत प्रभावशाली और संपूर्ण शारीरिक व मानसिक व्यायाम है। यह शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ ताकत, स्टैमिना और एकाग्रता बढ़ाकर खेल प्रदर्शन में सुधार करता है। उन्होंने बताया कि शोध के अनुसार नियमित सूर्य नमस्कार से फुटबॉल जैसे खेलों में खिलाड़ियों की चपलता और गति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार श्वास-प्रश्वास के साथ किया जाता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और रक्त में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। 12 जनवरी से 12 फरवरी तक चल रहे सूर्य नमस्कार अभियान के तहत विभिन्न विभागों में योग सहायकों के माध्यम से इस प्रकार के योग प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों का उद्देश्य खिलाड़ियों एवं बच्चों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना है।
सूर्य नमस्कार को जानें...
सूर्य नमस्कार योग की एक पूर्ण और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें 12 क्रमबद्ध आसनों को सांस के साथ किया जाता है। यह शरीर, मन और ऊर्जा—तीनों पर एक साथ काम करता है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है सूर्य को नमस्कार—यानी जीवन, ऊर्जा और प्रकाश के स्रोत के प्रति कृतज्ञता। सूर्य नमस्कार के 12 आसन निम्न हैं ः-
n प्रणामासन
n
हस्त उत्तानासन
n पादहस्तासन
n
अश्व संचलनासन
n दंडासन
n
अष्टांग नमस्कार
n
भुजंगासन
n दंडासन
n
अश्व संचलनासन
n पादहस्तासन
n
हस्त उत्तानासन