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सूर्य नमस्कार से विचार होते हैं शुद्ध : डॉ. पुष्पा
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13 ढांड। सूर्य नमस्कार करते हुए छात्र-छात्राएं। विज्ञप्ति
- फोटो : kathua news
ढांड। बाबू अनंत राम जनता महाविद्यालय कौल में इतिहास विभाग एवं स्वामी विवेकानंद युवा प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. पुष्पा की देखरेख में हर घर सूर्य नमस्कार चलाया अभियान बुधवार को संपन्न हुआ। डॉ. पुष्पा ने बताया कि यह अभियान 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर शुरू किया गया था। अब 12 फरवरी को स्वामी महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर संपन्न हुआ है।
बताया कि हर घर सूर्य नमस्कार एवं योग अभियान के तहत महाविद्यालय के विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार एवं योग का अभ्यास करवाया गया और सभी का आनलाइन पंजीकरण करवा कर उन्हें सूर्य नमस्कार अभियान से जोड़ा गया है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना एवं हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार करना है।
इसमें सूर्य नमस्कार एवं योग को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कहा कि इसके करने से हमारे विकार नष्ट हो जाते हैं व हमारा मन शुद्ध हो जाता है। साथी ही हमारे विचारों में शुद्धता एवं विनम्रता विकसित होती हैं। डॉ. पुष्पा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश काल में आर्य समाज ने भारत में राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आर्य समाज का देश की आजादी में बहुमूल्य योगदान है। पाखंडवाद और अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष अपने आप में एक अविचलित वैचारिक क्रांति हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है। अनेक सामाजिक-धार्मिक कुरीतियों का विरोध किया है। प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने सभी विद्यार्थियों को इस अभियान को सफल बनाने में एवं महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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बताया कि हर घर सूर्य नमस्कार एवं योग अभियान के तहत महाविद्यालय के विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार एवं योग का अभ्यास करवाया गया और सभी का आनलाइन पंजीकरण करवा कर उन्हें सूर्य नमस्कार अभियान से जोड़ा गया है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना एवं हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार करना है।
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इसमें सूर्य नमस्कार एवं योग को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। कहा कि इसके करने से हमारे विकार नष्ट हो जाते हैं व हमारा मन शुद्ध हो जाता है। साथी ही हमारे विचारों में शुद्धता एवं विनम्रता विकसित होती हैं। डॉ. पुष्पा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश काल में आर्य समाज ने भारत में राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आर्य समाज का देश की आजादी में बहुमूल्य योगदान है। पाखंडवाद और अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष अपने आप में एक अविचलित वैचारिक क्रांति हैं। उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया है। अनेक सामाजिक-धार्मिक कुरीतियों का विरोध किया है। प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल ने सभी विद्यार्थियों को इस अभियान को सफल बनाने में एवं महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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