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Kaithal News: युवाओं की मदद से होगा पेयजल व सीवरेज कनेक्शनों का सर्वेक्षण
Sat, 19 Jul 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 19 Jul 2025 12:25 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग की ओर से एक्सपीरियंस लर्निंग प्रोग्राम के तहत शुक्रवार को जिला कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें माई भारत पोर्टल से जुड़कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के माध्यम से पेयजल एवं सीवरेज कनेक्शनों का सर्वेक्षण कराने की योजना पर चर्चा की गई।
वॉटर एंड सैनिटेशन सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पेयजल व सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को युवाओं के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा। इसमें पेयजल आपूर्ति और सीवरेज से संबंधित डेटा का सुधार, अवैध कनेक्शनों की पहचान, तथा उपयुक्त सुधारात्मक सुझाव एकत्र करना शामिल रहेगा।
कार्यक्रम के तहत 1 से 4 अगस्त तक स्वयंसेवकों को विभाग की कार्यप्रणाली, पेयजल योजनाओं, विभागीय प्रयोगशालाओं, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की गतिविधियों, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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इसके बाद 5 से 26 अगस्त तक स्वयंसेवक घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शन की स्थिति, लीकेज, अस्वच्छ कनेक्शन तथा जल गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित सर्वेक्षण करेंगे। यह सर्वे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, 27 से 31 अगस्त के बीच सर्वेक्षण के दस्तावेजों का संकलन, गुणवत्ता मूल्यांकन एवं आवश्यक सुधार का कार्य किया जाएगा। परियोजना का एक्शन प्लान जिला सलाहकार कार्यालय तैयार करेगा तथा सर्वेक्षण कार्य जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के उपमंडल अभियंता और कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में होगा। दस्तावेजों का सत्यापन भी उपमंडल स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में बलकार सिंह, रघबीर सिंह, विष्णु शर्मा, चंद्रशेखर और संदीप कुमार (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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कैथल। जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग की ओर से एक्सपीरियंस लर्निंग प्रोग्राम के तहत शुक्रवार को जिला कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें माई भारत पोर्टल से जुड़कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के माध्यम से पेयजल एवं सीवरेज कनेक्शनों का सर्वेक्षण कराने की योजना पर चर्चा की गई।
वॉटर एंड सैनिटेशन सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत पेयजल व सीवरेज व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को युवाओं के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा। इसमें पेयजल आपूर्ति और सीवरेज से संबंधित डेटा का सुधार, अवैध कनेक्शनों की पहचान, तथा उपयुक्त सुधारात्मक सुझाव एकत्र करना शामिल रहेगा।
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कार्यक्रम के तहत 1 से 4 अगस्त तक स्वयंसेवकों को विभाग की कार्यप्रणाली, पेयजल योजनाओं, विभागीय प्रयोगशालाओं, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की गतिविधियों, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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इसके बाद 5 से 26 अगस्त तक स्वयंसेवक घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शन की स्थिति, लीकेज, अस्वच्छ कनेक्शन तथा जल गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित सर्वेक्षण करेंगे। यह सर्वे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से निर्धारित प्रोफार्मा के अनुसार किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, 27 से 31 अगस्त के बीच सर्वेक्षण के दस्तावेजों का संकलन, गुणवत्ता मूल्यांकन एवं आवश्यक सुधार का कार्य किया जाएगा। परियोजना का एक्शन प्लान जिला सलाहकार कार्यालय तैयार करेगा तथा सर्वेक्षण कार्य जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के उपमंडल अभियंता और कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में होगा। दस्तावेजों का सत्यापन भी उपमंडल स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में बलकार सिंह, रघबीर सिंह, विष्णु शर्मा, चंद्रशेखर और संदीप कुमार (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।