{"_id":"673ceb39934907f012026324","slug":"some-relief-from-air-pollution-kaithal-news-c-18-1-knl1004-523107-2024-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: वायु प्रदूषण से मिली थोड़ी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: वायु प्रदूषण से मिली थोड़ी राहत
Wed, 20 Nov 2024 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 20 Nov 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में मंगलवार को वायु प्रदूषण कम होने से थोड़ी राहत मिली है। इस दौरान वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आया है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 पर पहुंच गया। जबकि यह रविवार को 326 पर था। फिलहाल वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आने से हवा के और कम प्रदूषित होने का अनुमान है परंतु एक्यूआई के 200 से अभी भी पार रहने के चलते यह बच्चों और बुजुर्गाें के लिए खतरनाक माना जाता है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है प्रदूषण कम करने के लिए लगातार बोर्ड की ओर से कार्य किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले करीब पांच दिन से लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था।
आंखों की ओपीडी पहुंची 250 पार- जब से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तब से जिला नागरिक अस्पताल में आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी भी लगातार बढ़ रही है। अब सामान्य अस्पताल में हुई आंखों की ओपीडी 250 से पार पहुंच गई है। इसके साथ ही सांस के मरीजों का मर्ज भी बढ़ने लगा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से अधिक सांस के मरीज भी चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अस्पताल में भी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। आंखों और सांस के मरीज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किसी भी सूरत में खेतों में पराली न जलाएं। इससे आंखों और सांस की बीमारी लगातार बढ़ती है।
विज्ञापन
चिकित्सकों का कहना है कि बीमारियों का समय के अनुसार इलाज करवाना चाहिए नहीं तो समस्याएं गंभीर हो सकती हैं। खानपान और अपने आसपास की स्वच्छता का ध्यान रहा चाहिए। इसके साथ-साथ सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग करें।
विज्ञापन
कैथल। जिले में मंगलवार को वायु प्रदूषण कम होने से थोड़ी राहत मिली है। इस दौरान वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आया है। ऐसे में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 208 पर पहुंच गया। जबकि यह रविवार को 326 पर था। फिलहाल वायु प्रदूषण का स्तर 300 से नीचे आने से हवा के और कम प्रदूषित होने का अनुमान है परंतु एक्यूआई के 200 से अभी भी पार रहने के चलते यह बच्चों और बुजुर्गाें के लिए खतरनाक माना जाता है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है प्रदूषण कम करने के लिए लगातार बोर्ड की ओर से कार्य किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले करीब पांच दिन से लगातार वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा था।
आंखों की ओपीडी पहुंची 250 पार- जब से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। तब से जिला नागरिक अस्पताल में आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी भी लगातार बढ़ रही है। अब सामान्य अस्पताल में हुई आंखों की ओपीडी 250 से पार पहुंच गई है। इसके साथ ही सांस के मरीजों का मर्ज भी बढ़ने लगा है। ऐसे में प्रतिदिन 50 से अधिक सांस के मरीज भी चिकित्सकों से परामर्श लेने के लिए लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि अस्पताल में भी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया है। आंखों और सांस के मरीज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि किसी भी सूरत में खेतों में पराली न जलाएं। इससे आंखों और सांस की बीमारी लगातार बढ़ती है।
विज्ञापन
चिकित्सकों का कहना है कि बीमारियों का समय के अनुसार इलाज करवाना चाहिए नहीं तो समस्याएं गंभीर हो सकती हैं। खानपान और अपने आसपास की स्वच्छता का ध्यान रहा चाहिए। इसके साथ-साथ सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का प्रयोग करें।