राजौंद के बैंक से ऋण लेकर घर लौट रहे किसान से 6 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले बैंक के आगे गाड़ी खड़ी करके किसान के बाहर आने को लेकर रैकी की, बाद में अंदाजा लगाया कि किसान के पास मोटी रकम है। जैसे ही किसान बैंक से रुपये लेकर अपने घर जाने लगा तो आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर व अवैध पिस्तौल दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। बाद में आरोपी वहां से फरार हो गए थे।
डीएसपी सुनील कुमार ने वीरवार को सीआईए-1 थाना में प्रेस वार्ता की। डीएसपी ने बताया कि 10 दिन पहले अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पिस्तौल के बल पर किसान से 6 लाख रुपये लूटे गए थे। गांव छात्तर जिला जींद निवासी सुरेश से यह राशि लूटी गई थी। लूटेरे नकदी का थैला व दोनों के मोबाइल लूट ले गए थे। इस मामले में डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश कुमार की अगुवाई में सबइंस्पेक्टर कश्मीर सिंह, हेडकांस्टेबल मनीष कुमार व एचसी तरसेम कुमार की टीम द्वारा 14 अप्रैल की शाम गांव भंभेवा जिला जींद से एक आई-20 कार में बैठे 2 आरोपियों को काबू कर लिया। उनकी पहचान संदीप उर्फ काला निवासी भावड़ जिला सोनीपत व सुरेश निवासी भंभेवा के रूप में हुई। जांच के दौरान यह कार किसान से 6 लाख रुपये लूटने की वारदात में प्रयुक्त की हुई पाई गई। इस पर वारदात के समय आरोपियों द्वारा अन्य नंबर प्लेट लगाई गई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी वारदात के बाद मंजीत निवासी भंभेवा के गोहाना-जींद रोड पर स्थित रॉयल हट होटल पर अपनी गाड़ी खड़ी करने के बाद अपने साथी सुरेश के पास छुपकर शरण लेते थे। उसकी एवज में आरोपी सुरेश को लुटेरों द्वारा खर्चा-पानी के लिए लूटी गई 6 लाख रुपये नकदी में से एक लाख रुपये देने कबूले गए हैं। पुलिस द्वारा आरोपी मंजीत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी ने बताया कि रोड की सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से वारदात के सुराग मिले। आरोपी संदीप ने किसी से तीन लाख रुपये उधार ले रखे थे। उसको चुकाने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया। डीएसपी ने बताया कि आरोपी संदीप भावड़ अपने साथ अवैध पिस्तौल लिए हुए था, जिससे पूछताछ के दौरान वारदात में लिप्त उसके अन्य सदस्यों की पुख्ता पहचान कर ली गई। आरोपियों से लूट में प्रयोग की गई आई-20 गाड़ी बरामद कर ली गई। उनमें से एक आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जबकि दो आरोपियों का गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी, लूटी गई नकदी बरामद करने और अवैध हथियार बरामद करने के लिए 18 अप्रैल तक 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।