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Kaithal News: गुहला-चीका में 27 दिन नहीं बदले हालात, बंद पड़ा टटियाना बॉर्डर
Mon, 11 Mar 2024 04:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 11 Mar 2024 04:01 AM IST
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गुहला-चीका। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने गुहला चीका के कई नाकों पर बड़े पत्थर लगाकर रास्ता बंद कर दिया था। पिछले दिनों से गुहला-चीका और आस-पास के क्षेत्र में भी बैरिकेड्स लगाए गए थे। हालांकि कुछ दिन पहले ही जिला प्रशासन ने छोटे नाकों का रास्ता खोल दिया है, जिससे पंजाब में जाने के लिए वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था, लेकिन टटियाना बॉर्डर पिछले 27 दिनों से आवाजाही पूर्ण रूप से बंद पड़ी है। मुख्य रास्ता बंद होने से पंजाब की तरफ आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समय टटियाना बॉर्डर पर सिर्फ आईटीबीपी पुलिस की एक कंपनी व आईटीबीपी कंपनी के उच्च अधिकारी व हरियाणा पुलिस के कुछ जवान तैनात है। हालांकि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सभी किसान संगठन का सरकार के खिलाफ अपना शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी है।
किसानों को हिरासत में लेने के लिए बसें प्रशासन ने खड़ी कर रखी थी, उन्हें वापस डिपो में भेज दिया है। प्रदेश सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पूरा जोर लगा रही है और उसे लोगों को परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। शहरवासी सुभाष चंद, सुशील जिंदल, सुरेश कुमार, हर्षित शर्मा, जयभगवान आदि ने बताया कि टटियाना बॉर्डर बंद होने से लोगों की हो रही परेशानी पूछने के लिए यहां ना तो कोई अधिकारी आया। मार्बल विक्रेता सौरभ गुप्ता हरजीत सीड़ा सुखपाल सिंह ईश्वर चंद ने बताया कि चीका की मार्बल मार्केट इतनी मशहूर है कि यहां पर पंजाब के पटियाला, चंडीगढ़, जालंधर, भटिंडा, अमृतसर, पठानकोट, लुधियाना, सुनाम व सरहिंद आदि बड़े शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग चीका से उच्च कोटी का मार्बल खरीदने आते हैं। मार्बल मार्केट किसान आंदोलन के चलते व सरकार के कड़े रुख से उजड़कर रह गई है।
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किसानों को हिरासत में लेने के लिए बसें प्रशासन ने खड़ी कर रखी थी, उन्हें वापस डिपो में भेज दिया है। प्रदेश सरकार किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पूरा जोर लगा रही है और उसे लोगों को परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। शहरवासी सुभाष चंद, सुशील जिंदल, सुरेश कुमार, हर्षित शर्मा, जयभगवान आदि ने बताया कि टटियाना बॉर्डर बंद होने से लोगों की हो रही परेशानी पूछने के लिए यहां ना तो कोई अधिकारी आया। मार्बल विक्रेता सौरभ गुप्ता हरजीत सीड़ा सुखपाल सिंह ईश्वर चंद ने बताया कि चीका की मार्बल मार्केट इतनी मशहूर है कि यहां पर पंजाब के पटियाला, चंडीगढ़, जालंधर, भटिंडा, अमृतसर, पठानकोट, लुधियाना, सुनाम व सरहिंद आदि बड़े शहरों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग चीका से उच्च कोटी का मार्बल खरीदने आते हैं। मार्बल मार्केट किसान आंदोलन के चलते व सरकार के कड़े रुख से उजड़कर रह गई है।
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