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Kaithal News: डिपो मेें बसों की कमी, 250 में से 120 बसें ही रूटों पर दौड़ रहीं

Wed, 19 Aug 2026 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 19 Aug 2026 12:37 AM IST
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Shortage of buses at the depot; only 120 out of 250 buses are operating on routes.
कैथल बस अड्डा पर बस में चढ़ते हुए यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। डिपो में बसों की संख्या लगातार कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो में निर्धारित करीब 250 बसों की तुलना में अब केवल 150 बसें ही बची हैं। इनमें से भी करीब 120 बसें ही रूटों पर चल पा रही हैं जबकि करीब 30 बसें अलग-अलग कारणों से वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़ी रहती हैं। 100 नई बसों की डिपो को जरूरत है।
बसों की कमी का सीधा असर लंबे और लोकल रूटों पर पड़ रहा है। यात्रियों को कई रूटों पर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही उपलब्ध बसों में भीड़ बढ़ रही है। बसों की कमी के कारण जींद, कुरुक्षेत्र, दिल्ली, करनाल, असंध समेत करीब दर्जनभर रूटों पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है। इन रूटों पर नियमित अंतराल पर बसें नहीं मिलने के कारण यात्रियों को दूसरी बसों या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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खासकर सुबह और शाम के समय यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण समस्या और बढ़ जाती है। कर्मचारियों के अनुसार कई बार बसों की कमी को पूरा करने के लिए उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाने पड़ते हैं, जिससे बसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
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यात्री राजेश, रमेश, मनोज व बंटी का कहना है कि परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए डिपो में नई बसें शामिल करना जरूरी है। उनका कहना है कि लंबे रूटों के साथ-साथ गांवों और आसपास के कस्बों के लिए चलने वाली लोकल बस सेवाएं भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
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यात्रियों की जुबानी
यात्री रमेश कुमार ने बताया कि बसों की संख्या कम होने से जींद रूट पर बस का इंतजार काफी देर तक करना पड़ता है। समय पर बस नहीं मिलने से काम और पढ़ाई के लिए आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सरकार को डिपो में नई बसें भेजनी चाहिए।

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यात्री रामभज ने बताया कि करनाल और कुरुक्षेत्र जैसे रूटों पर बसों की नियमित सुविधा जरूरी है। कई बार बस में इतनी भीड़ होती है कि बैठने की जगह तक नहीं मिलती। अगर डिपो में नई बसें शामिल हों तो यात्रियों को राहत मिल सकती है।


नई बसें जल्द डिपो को मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जा रही है। यात्रियों की संख्या अनुसार बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है।
विपुल कुमार, यातायात प्रबंधक रोडवेज कैथल
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