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Kaithal News: गीता भवन के पास पार्किंग में सुरक्षा की अनदेखी
Fri, 05 Dec 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 05 Dec 2025 01:02 AM IST
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गीता भवन में गहराई में बनी पार्किंग और नदारद रेलिंग। संवाद
संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। पुलिस थाना के पास गीता भवन में हाल ही में बनी गहराई में पार्किंग के किनारों पर सुरक्षा के लिए रेलिंग या बाड़ नहीं लगाई गई है। पार्किंग की गहराई और सुरक्षा के अभाव के कारण यह स्थान पैदल चलने वालों और आसपास के सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खतरनाक बन गया है।
समाजसेवी प्रवेश बंसल और अशोक भारती ने बताया कि पार्किंग के किनारों पर रेलिंग न होने से वाहन या बच्चे गलती से नीचे गिर सकते हैं। शहर में सार्वजनिक पार्किंग की कमी के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं, जिससे सड़कें संकरी और जाम की समस्या लगातार बनी रहती है।
अंबाला रोड, जींद रोड और करनाल रोड जैसी जगहों पर यह समस्या विशेष रूप से दिखाई देती है। वहीं, शहर के पुराने बस स्टैंड की 43 कनाल 10 मरले जमीन पर बन रहे सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट का कार्य अब तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है। नगर परिषद द्वारा नया टेंडर भेजा गया था, लेकिन फाइल रिजेक्ट हो गई। अब फाइल को दोबारा तैयार कर भेजा जाएगा। यह प्रोजेक्ट लगभग 54 करोड़ रुपये का है और इसे बैंकों को एक ही स्थान पर लाकर शहर की पार्किंग समस्या हल करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
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वर्ष 2021 में भ्रष्टाचार के चलते कार्य रुक गया था और छह माह से अधिक समय से प्रोजेक्ट पर काम ठप है। नगर परिषद और संबंधित विभाग को सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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कैथल। पुलिस थाना के पास गीता भवन में हाल ही में बनी गहराई में पार्किंग के किनारों पर सुरक्षा के लिए रेलिंग या बाड़ नहीं लगाई गई है। पार्किंग की गहराई और सुरक्षा के अभाव के कारण यह स्थान पैदल चलने वालों और आसपास के सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खतरनाक बन गया है।
समाजसेवी प्रवेश बंसल और अशोक भारती ने बताया कि पार्किंग के किनारों पर रेलिंग न होने से वाहन या बच्चे गलती से नीचे गिर सकते हैं। शहर में सार्वजनिक पार्किंग की कमी के कारण लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं, जिससे सड़कें संकरी और जाम की समस्या लगातार बनी रहती है।
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अंबाला रोड, जींद रोड और करनाल रोड जैसी जगहों पर यह समस्या विशेष रूप से दिखाई देती है। वहीं, शहर के पुराने बस स्टैंड की 43 कनाल 10 मरले जमीन पर बन रहे सिटी स्क्वायर प्रोजेक्ट का कार्य अब तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है। नगर परिषद द्वारा नया टेंडर भेजा गया था, लेकिन फाइल रिजेक्ट हो गई। अब फाइल को दोबारा तैयार कर भेजा जाएगा। यह प्रोजेक्ट लगभग 54 करोड़ रुपये का है और इसे बैंकों को एक ही स्थान पर लाकर शहर की पार्किंग समस्या हल करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
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वर्ष 2021 में भ्रष्टाचार के चलते कार्य रुक गया था और छह माह से अधिक समय से प्रोजेक्ट पर काम ठप है। नगर परिषद और संबंधित विभाग को सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।