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Kaithal News: आधे घंटे बाद हंगामा
Sat, 22 Jul 2023 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:30 AM IST
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कैथल। जिला परिषद भवन में शुक्रवार को हुई सदन की बैठक निर्धारित समय पर शुरू हो गई लेकिन जैसे ही यह खत्म हुई, जमकर हंगामा हो गया। दरअसल, भाजपा समर्थित पार्षदों के आरोप के चलते भाजपा समर्थित पार्षद व जिप के जजपा समर्थित अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली के बीच तीखी बहस हो गई। हालात यहां तक पहुंचे कि पुलिस को भी बुलाना पड़ गया।
गौरतलब है कि इससे पूर्व बैठक की अध्यक्षता जजपा समर्थित अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली की। इस बीच अचानक सीईओ संजय अचानक पर चले गए। इसके चलते एडीसी सुशील कुमार बैठक लेने के लिए पहुंचे थे। बैठक का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया था और यह समय पर शुरू भी हो गई। पहले शुरुआत में बैठक बंद कमरे में हुई, जो करीब 40 मिनट तक चली, लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त हुई तो जमकर हंगामा हो गया।
उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि भाजपा के जिला पार्षद पूरे पांच साल तक जनता की सेवा करना चाहते हैं। इसलिए वे सभी वार्डों में एक समान विकास करना चाहते हैं। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं और गांवों का विकास चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया किया बैठक को पूरा नहीं किया गया। वे सब विकास कार्यों पर चर्चा करने के लिए पहुंचे थे पर उनकी उपेक्षा की गई। कार्य पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए हैं। एक पक्ष तो बैठक के लिए बैठा रह गया जबकि दूसरा पक्ष बैठक समाप्त करके चला गया।
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गौरतलब है कि इससे पूर्व बैठक की अध्यक्षता जजपा समर्थित अध्यक्ष दीप मलिक जाखौली की। इस बीच अचानक सीईओ संजय अचानक पर चले गए। इसके चलते एडीसी सुशील कुमार बैठक लेने के लिए पहुंचे थे। बैठक का समय सुबह 11 बजे निर्धारित किया था और यह समय पर शुरू भी हो गई। पहले शुरुआत में बैठक बंद कमरे में हुई, जो करीब 40 मिनट तक चली, लेकिन जैसे ही बैठक समाप्त हुई तो जमकर हंगामा हो गया।
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उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि भाजपा के जिला पार्षद पूरे पांच साल तक जनता की सेवा करना चाहते हैं। इसलिए वे सभी वार्डों में एक समान विकास करना चाहते हैं। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं और गांवों का विकास चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया किया बैठक को पूरा नहीं किया गया। वे सब विकास कार्यों पर चर्चा करने के लिए पहुंचे थे पर उनकी उपेक्षा की गई। कार्य पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी नहीं करवाए गए हैं। एक पक्ष तो बैठक के लिए बैठा रह गया जबकि दूसरा पक्ष बैठक समाप्त करके चला गया।
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